
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने युवा मध्यक्रम बल्लेबाज सरफराज खान की बल्लेबाजी क्षमता और खेल के प्रति उनके जुनून की जमकर सराहना की है। अश्विन का मानना है कि यदि भारतीय टीम प्रबंधन उन्हें लगातार बैक करे और सही माहौल दे, तो सरफराज खान आने वाले समय में टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े मैच विनर बनकर उभर सकते हैं। अश्विन ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और युवा लीडरशिप कोर में शामिल शुभमन गिल के सामने सरफराज के रणनीतिक उपयोग को लेकर एक बेहद स्पष्ट दृष्टिकोण रखा है।
अश्विन का बड़ा दावा: घरेलू क्रिकेट का तपता सोना हैं सरफराज खान
रविचंद्रन अश्विन ने अपने विश्लेषण में कहा कि सरफराज खान कोई रातों-रात बने सितारे नहीं हैं, बल्कि उन्होंने घरेलू क्रिकेट के सबसे कड़े मंच रणजी ट्रॉफी में वर्षों तक लगातार ढेरों रन बनाकर यह मुकाम हासिल किया है। मुंबई के इस बल्लेबाज ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में जिस औसत और निरंतरता के साथ बड़े दोहरे और तिहरे शतक जड़े हैं, वह किसी भी बल्लेबाज के मानसिक अनुशासन और तकनीकी परिपक्वता को साबित करता है।
अश्विन के अनुसार, जब कोई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट के कठिन पिचों पर 70 से अधिक के औसत से रन बनाता है, तो उसका मतलब है कि उसके पास दबाव झेलने और लंबी पारियां खेलने का स्वाभाविक हुनर है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जब भी उन्हें मौका मिला है, उन्होंने अपने निडर अंदाज और सकारात्मक सोच से टीम को फ्रंटफुट पर खड़ा किया है।
गौतम गंभीर और गिल के लिए रणनीति बदलने का स्पष्ट संदेश
टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर हमेशा से ऐसे खिलाड़ियों का समर्थन करने के लिए जाने जाते हैं जो ‘टीम-फर्स्ट’ रवैया रखते हैं और आक्रामक खेल दिखाते हैं। अश्विन का मानना है कि गंभीर की रणनीति में सरफराज जैसे बल्लेबाज पूरी तरह फिट बैठते हैं। शुभमन गिल, जो भविष्य में भारतीय बल्लेबाजी क्रम और टीम की अगुवाई के प्रमुख स्तंभ हैं, उनके साथ मिलकर सरफराज मध्यक्रम में एक मजबूत दीवार और रन गति बढ़ाने वाले इंजन का काम कर सकते हैं।
अश्विन ने इस बात पर जोर दिया कि टीम प्रबंधन को सरफराज की तकनीक या पारंपरिक शैलियों की तुलना करने के बजाय उनके परिणाम देने की क्षमता पर भरोसा जताना चाहिए। किसी खिलाड़ी को यह भरोसा दिलाना कि एक-दो खराब पारियों के बाद उसे बाहर नहीं किया जाएगा, उसके अंदर से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकालता है और यही भूमिका गंभीर तथा मौजूदा नेतृत्व को निभानी होगी।
स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ क्यों बन सकते हैं ‘बादशाह’?
उपमहाद्वीप की पिचों पर या चौथी पारी के टर्निंग ट्रैक्स पर भारतीय टीम को अक्सर ऐसे बल्लेबाजों की जरूरत होती है जो स्पिन के खिलाफ रन गति को रुकने न दें। सरफराज खान की सबसे बड़ी ताकत स्पिन गेंदबाजों को बैकफुट और फ्रंटफुट दोनों पर समान अधिकार से खेलना है।
अश्विन ने एक गेंदबाज के नजरिए से स्पष्ट किया कि सरफराज को गेंदबाजी करना किसी भी स्पिनर के लिए सिरदर्द साबित होता है क्योंकि वे स्वीप, रिवर्स स्वीप, कट और कदमों का इस्तेमाल इतनी सहजता से करते हैं कि फील्डर सेट करना नामुमकिन हो जाता है। अश्विन के मुताबिक, स्पिन के खिलाफ रनों का अंबार लगाने की यह काबिलियत ही उन्हें घरेलू मैदानों के साथ-साथ एशिया के किसी भी मैदान पर ‘किंग’ बनाने की क्षमता रखती है।
भारतीय टेस्ट टीम में मध्यक्रम की पहेली सुलझाने का फॉर्मूला
भारतीय टेस्ट टीम जब बदलाव के दौर से गुजर रही है, तब मध्यक्रम में नंबर-5 और नंबर-6 की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। यह वह स्थान है जहां बल्लेबाज को अक्सर नई गेंद के खतरे से बचना होता है, पुरानी गेंद पर रिवर्स स्विंग का सामना करना पड़ता है और पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाना होता है।
सरफराज खान की पारी को गति देने की समझ उन्हें इस क्रम के लिए आदर्श दावेदार बनाती है। वे केवल क्रीज पर समय बिताने में विश्वास नहीं रखते, बल्कि स्ट्राइक रोटेट करके विरोधी कप्तान पर दबाव बनाए रखते हैं। अश्विन का कहना है कि जब विरोधी टीम के गेंदबाज थक रहे होते हैं, तब सरफराज तेजी से 70-80 रन जोड़कर पूरे मैच का रुख भारत के पक्ष में मोड़ सकते हैं।
तकनीकी आलोचनाओं से ऊपर है रनों की भूख
कई मौकों पर आलोचकों ने सरफराज खान की तकनीक और शारीरिक बनावट पर सवाल उठाए हैं, लेकिन अश्विन ने इन सभी बहसों को सिरे से खारिज किया है। टेस्ट क्रिकेट में इतिहास गवाह है कि स्टीव स्मिथ, शिवनारायण चंद्रपॉल या ऋषभ पंत जैसे कई महान बल्लेबाजों की तकनीक कभी पारंपरिक नहीं रही, फिर भी उन्होंने रनों के अंबार लगाए।
अश्विन ने कहा कि क्रिकेट में सबसे महत्वपूर्ण पैमाना यह है कि गेंद बल्ले के बीचोंबीच लग रही है या नहीं और बल्लेबाज टीम को जीत दिला रहा है या नहीं। सरफराज के पास हैंड-आई कोऑर्डिनेशन, बेहतरीन टाइमिंग और सबसे बढ़कर रनों की कभी न बुझने वाली भूख है। यह भूख ही किसी सामान्य खिलाड़ी को महानता की श्रेणी में ले जाती है।
भविष्य की टेस्ट सीरीज और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सरफराज का रोल
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के हर चक्र में विदेशी और घरेलू दोनों तरह की परिस्थितियों में जीत दर्ज करना अनिवार्य होता है। भारत को आने वाले समय में मजबूत टीमों के खिलाफ कड़े मुकाबले खेलने हैं। अश्विन का स्पष्ट संदेश है कि गंभीर और गिल को सरफराज को केवल बैकअप विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि मुख्य मैच-विनर के तौर पर तैयार करना चाहिए।
यदि सरफराज को आत्मविश्वास, लंबा मौका और स्पष्ट भूमिका दी जाए, तो वे भारतीय टेस्ट बल्लेबाजी का नया आधार स्तंभ बन सकते हैं। अश्विन का यह संदेश सीधे तौर पर टीम के उस दीर्घकालिक विजन को रेखांकित करता है जिसमें निरंतर रन बनाने वाले और आक्रामक रुख अपनाने वाले युवा खिलाड़ियों को आगे रखकर भारतीय क्रिकेट को टेस्ट प्रारूप में शीर्ष पर बनाए रखा जा सके।
The News 11 – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया