
अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट के 148 साल से अधिक पुराने इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजी के मुख्य स्तंभ मिचेल स्टार्क ने लाल गेंद के क्रिकेट में एक ऐसी असाधारण उपलब्धि अपने नाम कर ली है, जिसने उन्हें दुनिया के सर्वकालिक महानतम गेंदबाजों के बेहद करीब ला खड़ा किया है। डार्विन के मारारा क्रिकेट ग्राउंड पर बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मुकाबले के दौरान स्टार्क ने भारत के विश्व कप विजेता कप्तान और महान ऑलराउंडर कपिल देव के 434 टेस्ट विकेटों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही 36 वर्षीय स्टार्क टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले बाएं हाथ के (खब्बू) गेंदबाज बन गए हैं। अब उनकी नजरें दुनिया के टॉप-10 सबसे सफल टेस्ट गेंदबाजों के एलीट क्लब में शामिल होने पर टिकी हैं, जहां पहुंचने से वे महज कुछ कदम दूर हैं।
डार्विन टेस्ट में स्टार्क का कीर्तिमान: कैसे तोड़ा कपिल देव का महारिकॉर्ड
डार्विन में बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच के शुरू होने से पहले मिचेल स्टार्क के नाम 105 टेस्ट मैचों में 433 विकेट दर्ज थे। मुकाबले के पहले दिन जैसे ही स्टार्क ने बांग्लादेशी सलामी बल्लेबाज शादमान इस्लाम को नाथन लियोन के हाथों कैच आउट कराया, उन्होंने श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर रंगना हेराथ (433 विकेट) को पछाड़कर कपिल देव के 434 विकेटों की बराबरी कर ली।
इसके बाद दूसरे दिन के अंतिम सत्र में स्टार्क ने अपनी घातक इन-स्विंगर पर बांग्लादेश के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज लिटन दास को शून्य पर पवेलियन भेजकर अपना 435वां टेस्ट शिकार बनाया। इस एक विकेट के गिरते ही स्टार्क ने कपिल देव के 434 टेस्ट विकेटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। खास बात यह है कि जहां भारतीय दिग्गज कपिल देव ने 1978 से 1994 के बीच 131 टेस्ट मैचों में 434 विकेट हासिल किए थे, वहीं स्टार्क ने यह ऐतिहासिक मुकाम अपने 106वें टेस्ट मैच में ही हासिल कर लिया।
टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल बाएं हाथ के गेंदबाज बने स्टार्क
मिचेल स्टार्क की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कभी किसी बाएं हाथ के तेज या स्पिन गेंदबाज ने 434 से अधिक विकेट नहीं लिए थे। स्टार्क से पहले यह रिकॉर्ड श्रीलंका के बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिनर रंगना हेराथ के नाम था, जिन्होंने 93 टेस्ट मैचों में 433 विकेट लिए थे। वहीं पाकिस्तान के सुल्तान ऑफ स्विंग वसीम अकरम 104 टेस्ट मैचों में 414 विकेटों के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।
बाएं हाथ के गेंदबाजों में सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट चटकाने वाले शीर्ष खिलाड़ियों की सूची:
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मिचेल स्टार्क (ऑस्ट्रेलिया) – 106 टेस्ट, 435 विकेट
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रंगना हेराथ (श्रीलंका) – 93 टेस्ट, 433 विकेट
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वसीम अकरम (पाकिस्तान) – 104 टेस्ट, 414 विकेट
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डेनियल विटोरी (न्यूजीलैंड) – 113 टेस्ट, 362 विकेट
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चामिंडा वास (श्रीलंका) – 111 टेस्ट, 355 विकेट
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रवींद्र जडेजा (भारत) – 89 टेस्ट, 348 विकेट
स्टार्क ने न केवल हेराथ और अकरम जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ा, बल्कि वे यह साबित करने में भी सफल रहे कि आधुनिक दौर में कार्यभार प्रबंधन (Workload Management) के बावजूद एक तेज गेंदबाज लंबे प्रारूप में किस तरह निरंतरता बनाए रख सकता है।
टॉप-10 से महज एक कदम दूर: निशाने पर डेल स्टेन का रिकॉर्ड
कपिल देव को पछाड़ने के बाद मिचेल स्टार्क अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की ऑल-टाइम सूची में 11वें स्थान पर पहुंच चुके हैं। उनके ठीक आगे 10वें पायदान पर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व घातक तेज गेंदबाज डेल स्टेन काबिज हैं, जिनके नाम 93 टेस्ट मैचों में 439 विकेट दर्ज हैं।
स्टार्क को विश्व क्रिकेट के टॉप-10 गेंदबाजों में अपनी जगह पक्की करने के लिए अब केवल 5 और विकेटों की दरकार है। यदि वे इस टेस्ट सीरीज के दौरान 5 विकेट और हासिल कर लेते हैं, तो वे स्टेन की बराबरी कर लेंगे, जबकि 6 विकेट लेते ही वे आधिकारिक तौर पर टॉप-10 में प्रवेश कर जाएंगे। इसके साथ ही स्टार्क टेस्ट क्रिकेट इतिहास के पांचवें सबसे सफल तेज गेंदबाज बनने का गौरव भी हासिल कर लेंगे।
टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टॉप-10 गेंदबाज
विश्व टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 500 से अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों का दबदबा रहा है। श्रीलंका के जादुई स्पिनर मुथैया मुरलीधरन 800 विकेटों के विश्व रिकॉर्ड के साथ इस सूची के शीर्ष पर मजबूती से विराजमान हैं।
टेस्ट क्रिकेट के सर्वकालिक शीर्ष 10 गेंदबाज और उनके आंकड़े:
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मुथैया मुरलीधरन (श्रीलंका) – 133 टेस्ट, 800 विकेट
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शेन वॉर्न (ऑस्ट्रेलिया) – 145 टेस्ट, 708 विकेट
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जेम्स एंडरसन (इंग्लैंड) – 188 टेस्ट, 704 विकेट
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अनिल कुंबले (भारत) – 132 टेस्ट, 619 विकेट
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स्टुअर्ट ब्रॉड (इंग्लैंड) – 167 टेस्ट, 604 विकेट
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नाथन लियोन (ऑस्ट्रेलिया) – 141 टेस्ट, 568 विकेट
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ग्लेन मैक्ग्रा (ऑस्ट्रेलिया) – 124 टेस्ट, 563 विकेट
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रविचंद्रन अश्विन (भारत) – 106 टेस्ट, 537 विकेट
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कर्टनी वॉल्श (वेस्टइंडीज) – 132 टेस्ट, 519 विकेट
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डेल स्टेन (दक्षिण अफ्रीका) – 93 टेस्ट, 439 विकेट
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मिचेल स्टार्क (ऑस्ट्रेलिया) – 106 टेस्ट, 435 विकेट
इस सूची में जेम्स एंडरसन 704 विकेटों के साथ दुनिया के सबसे सफल तेज गेंदबाज हैं। स्टार्क सक्रिय गेंदबाजों में नाथन लियोन के बाद दूसरे सबसे सफल ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज हैं।
106 टेस्ट मैचों का स्वर्णिम सफर: रफ्तार, यॉर्कर और नई गेंद की मारक क्षमता
साल 2011 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले मिचेल स्टार्क ने पिछले डेढ़ दशक में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण को नई दिशा दी है। 145 से 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद को अंदर लाने की उनकी क्षमता और पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग निकालने का हुनर उन्हें लाल और गुलाबी गेंद दोनों में दुनिया का सबसे खतरनाक गेंदबाज बनाता है।
विशेष रूप से डे-नाइट (पिंक बॉल) टेस्ट मैचों में स्टार्क का रिकॉर्ड बेजोड़ रहा है, जहां वे टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। इसके अलावा स्टार्क उन दुर्लभ क्रिकेटरों में शामिल हैं जिन्होंने अपनी राष्ट्रीय टीम के साथ वनडे विश्व कप, टी20 विश्व कप और आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का खिताब जीता है।
भविष्य की राह: क्या 500 टेस्ट विकेटों के क्लब में पहुंचेंगे स्टार्क?
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि 36 वर्ष की आयु में भी स्टार्क की फिटनेस और गेंदबाजी की धार जस की तस बनी हुई है। यदि स्टार्क अगले दो से तीन साल तक टेस्ट क्रिकेट में अपनी सेवाएं देना जारी रखते हैं, तो वे कर्टनी वॉल्श (519 विकेट) और ग्लेन मैक्ग्रा (563 विकेट) के आंकड़ों को भी चुनौती दे सकते हैं।
डार्विन में कपिल देव का रिकॉर्ड तोड़ना इस बात का परिचायक है कि स्टार्क ने अपनी गेंदबाजी में समय के साथ जो बदलाव और अनुशासन दिखाया है, उसका फल उन्हें एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में मिला है। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के साथ-साथ दुनिया भर के फैंस अब उस पल का इंतजार कर रहे हैं जब स्टार्क आधिकारिक रूप से टॉप-10 क्लब में अपना नाम दर्ज कराएंगे।
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