
नई दिल्ली। भारत ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए एक साल के भीतर सबसे अधिक सोलर कैपेसिटी जोड़ने का रिकॉर्ड बनाया है। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
स्वच्छ ऊर्जा में भारत की ऐतिहासिक छलांग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का यह प्रदर्शन न केवल देश के लिए बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है। तेजी से बढ़ती सोलर क्षमता यह दर्शाती है कि भारत पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूती से निभा रहा है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सोलर ऊर्जा में इस तरह की प्रगति देश को पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी। इससे न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी, जो जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बेहद जरूरी है।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख
भारत की इस उपलब्धि से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी साख और मजबूत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल हो सकता है।
जनभागीदारी और नीतियों का असर
सरकार की विभिन्न योजनाओं, नीतिगत समर्थन और जनभागीदारी ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है। रूफटॉप सोलर, सोलर पार्क और अन्य परियोजनाओं ने इस दिशा में तेजी से प्रगति सुनिश्चित की है।
आगे की राह और संभावनाएं
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि इसी गति से काम जारी रहा तो भारत जल्द ही अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पार कर सकता है। इससे आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहेगा।
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