नई दिल्ली: अपनी बातों को जमीन पर उतारने के लिए मशहूर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देश के सामने सादगी और अनुशासन का बड़ा उदाहरण पेश किया है। हाल ही में देशवासियों से पेट्रोल और डीजल बचाने की भावनात्मक अपील करने के बाद, पीएम मोदी ने बुधवार को खुद उस पर अमल कर सबको चौंका दिया। प्रधानमंत्री आज अपने आवास से केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के लिए मात्र दो गाड़ियों के छोटे से काफिले में निकले, जो उनकी सुरक्षा और प्रोटोकॉल के लिहाज से एक दुर्लभ दृश्य था।
सुरक्षा का तामझाम छोड़ ‘इको-फ्रेंडली’ संदेश
आम तौर पर देश के प्रधानमंत्री का काफिला दर्जनों बुलेटप्रूफ गाड़ियों, जैमर्स और एम्बुलेंस के साथ निकलता है, जिससे ट्रैफिक भी प्रभावित होता है। लेकिन आज पीएम मोदी ने एक बड़ा संदेश देने के लिए इसे न्यूनतम स्तर पर रखा।
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काफिले में क्या था? प्रधानमंत्री के काफिले में केवल दो गाड़ियां शामिल थीं। एक गाड़ी में प्रधानमंत्री खुद सवार थे, जबकि दूसरी गाड़ी में उनकी सुरक्षा में तैनात एसपीजी (SPG) के कमांडो मौजूद थे।
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मकसद: इस कदम के जरिए पीएम मोदी ने यह दिखाया कि ईंधन की बचत केवल जनता के लिए नहीं, बल्कि देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोगों के लिए भी उतनी ही जरूरी है।
अपील के बाद ‘लीड बाय एग्जांपल’
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पर्यावरणीय चिंताओं के बीच पीएम मोदी ने हाल ही में लोगों से अनावश्यक ईंधन खर्च कम करने की अपील की थी। अक्सर देखा जाता है कि राजनेता बड़ी-बड़ी रैलियों और लंबे काफिलों में चलते हैं, लेकिन पीएम ने कैबिनेट मीटिंग जैसी महत्वपूर्ण बैठक में जाने के लिए इस “मिनी-काफिले” का चुनाव कर ‘लीड बाय एग्जांपल’ (खुद मिसाल पेश करना) की नीति अपनाई है।
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय
प्रधानमंत्री के इस सादगी भरे सफर की तस्वीरें और खबरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ हो रही है। लोग इसे वीआईपी कल्चर (VIP Culture) को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम बता रहे हैं। कैबिनेट मीटिंग में पहुंचे मंत्रियों ने भी पीएम के इस व्यवहार की सराहना की। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री के इस छोटे से कदम का असर भविष्य में सरकारी विभागों और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के प्रोटोकॉल पर भी देखने को मिल सकता है।
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