मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों के बीच एक बार फिर बारूद की गंध फैल गई है। इजरायली रक्षा बल (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में एक बड़ा सैन्य अभियान चलाते हुए हिज्बुल्ला आतंकी संगठन के लगभग 65 ठिकानों को मलबे में तब्दील कर दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया सीजफायर के बावजूद, इजरायल और लेबनान सीमा पर तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
एयरस्ट्राइक और आर्टिलरी से हिज्बुल्ला पर प्रहार
IDF द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह हमला एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था। इजरायली वायुसेना और आर्टिलरी यूनिट्स ने मिलकर हिज्बुल्ला के महत्वपूर्ण सैन्य ढांचे को निशाना बनाया। इन हमलों में मुख्य रूप से शामिल थे:
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हथियार डिपो: जहां भारी मात्रा में रॉकेट और गोला-बारूद छिपाकर रखा गया था।
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निगरानी चौकियां: जिनका इस्तेमाल इजरायली सीमा की रेकी के लिए किया जा रहा था।
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आतंकी हेडक्वार्टर: जहां से हिज्बुल्ला के कमांडर अपनी गतिविधियों को संचालित करते थे।
इजरायल का दावा है कि इस ऑपरेशन में हिज्बुल्ला के 20 से ज्यादा सक्रिय आतंकवादी मारे गए हैं, जो सीमा पार हमलों की साजिश रच रहे थे।
IDF की रणनीति: ‘आतंकी ढांचे को जड़ से उखाड़ना’
हमले के बाद IDF ने स्पष्ट किया कि इन ठिकानों का इस्तेमाल इजरायल के खिलाफ आतंकी साजिशों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि इस स्ट्राइक का उद्देश्य हिज्बुल्ला की सैन्य क्षमताओं (Military Capabilities) को पूरी तरह पंगु बनाना और बॉर्डर के पास उनके इंफ्रास्ट्रक्चर को कमजोर करना है। इजरायल का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा।
सीजफायर के बीच नया संकट: मिडिल ईस्ट की स्थिरता को खतरा
यह हमला एक ऐसे संवेदनशील समय पर हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम (Ceasefire) की खबरें आई थीं। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अब भी अमेरिका और ईरान की नौसेनाएं एक-दूसरे की निगरानी कर रही हैं और नाकाबंदी जैसे हालात बने हुए हैं।
इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते इस ताजा संघर्ष ने मिडिल ईस्ट की स्थिरता पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव और बढ़ा, तो इसके गंभीर मानवीय और सुरक्षा परिणाम हो सकते हैं, जिससे बॉर्डर के इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
सुरक्षा अलर्ट पर बॉर्डर के इलाके
इजरायल ने अपने उत्तरी सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। लेबनान की ओर से किसी भी संभावित जवाबी कार्रवाई (Retaliation) को देखते हुए आयरन डोम (Iron Dome) को सक्रिय रखा गया है। वहीं, लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में रहने वाले लोग इस भीषण बमबारी के बाद सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन कर रहे हैं।
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