
केशव प्रसाद मौर्य ने जसाराजपुर संकिसा में आयोजित अभिधम्म दिवस महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि संपूर्ण मानवता को करुणा, दया, अहिंसा और शांति का अमर संदेश देने वाले तथागत भगवान बुद्ध केवल भारत ही नहीं बल्कि समूचे विश्व में आराध्य एवं वंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि भारत भूमि पर भगवान बुद्ध से जुड़े आठ प्रमुख पावन तीर्थ स्थलों में संकिसा का एक अत्यंत विशिष्ट, ऐतिहासिक और गौरवशाली स्थान है। उन्होंने इस पावन धरा, यहां के निवासियों को सादर नमन करते हुए देश-विदेश से पधारे सभी पूज्य भंतेगणों, उपासकों और बुद्ध अनुयायियों का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने संकिसा में पाली शोध संस्थान एवं विपश्यना ध्यान केंद्र की स्थापना की मांग पर स्पष्ट करते हुए कहा कि यह जनता के लिए कोई मांग का विषय नहीं बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मैनपुरी और फर्रुखाबाद दोनों जनपदों के समन्वय से संकीसा के समग्र विकास के लिए एक सुनियोजित एवं विस्तृत कार्य-योजना तैयार की जायेगी।अभिधम्म दिवस के पावन अवसर पर जनपद फर्रुखाबाद स्थित ऐतिहासिक बौद्ध तीर्थस्थली संकिसा में पवित्र बौद्ध स्तूप के दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। भगवान बुद्ध की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर समाज में शांति, करुणा एवं परस्पर सम्मान की भावना निरंतर मजबूत हो, यही मंगलकामना है।
उन्होंने कहा कि इस पावन स्थल के विकास के लिए जनता ने जितनी अपेक्षाएं रखी हैं, सरकार उन अपेक्षाओं से कहीं आगे बढ़कर कार्य धरातल पर उतारने का प्रयास करेगी ताकि संकीसा की वैश्विक पहचान और अधिक सुदृढ़ हो सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान समय में तथागत भगवान बुद्ध के सबसे बड़े अनुयायी के रूप में कार्य कर रहे हैं, उन्होंने यह सिद्ध करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े मंच संयुक्त राष्ट्र संघ से पूरी दुनिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने गौरव के साथ कहा था कि भारत ने संसार को युद्ध और अशांति नहीं दी बल्कि पूरे विश्व को तथागत भगवान बुद्ध का शांति मार्ग दिया है। उन्होंने स्वयं को उसी वंश परंपरा से जुड़ा बताते हुए अत्यंत गौरव प्रकट किया, जिसमें महान सम्राट अशोक जैसे शासक हुए, जिन्होंने बौद्ध धर्म के कल्याणकारी विचारों का विस्तार भारत ही नहीं बल्कि समूचे विश्व में किया। उन्होंने कहा कि उस कालखंड में सम्राट अशोक के शासन का इतना व्यापक विस्तार इसलिए हुआ क्योंकि वह सबका साथ, सबका विकास की मूल भावना पर आधारित था, आज लोकतांत्रिक भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उसी मार्ग पर चलकर बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद, अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शिवेश कुमार राम, हरदोई सांसद श्री अशोक रावत, हाथरस सांसद, पूर्व राज्यमंत्री अनूप वाल्मीकि, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के सदस्य तरुणेश, महोत्सव के आयोजक सुरेश चंद्र बौद्ध, जिलाध्यक्ष ममता राजपूत, ग्लोबल बुद्धिस्ट फोरम के सुब्रतो बरुआ, यूथ बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया (वाईबीएस) के समस्त पदाधिकारी, पूर्व सांसद, रघुराज शाक्य, पूर्व विधायक, ममतेंश शाक्य, पैक्सफेड के चेयरमैन प्रेमसिंह शाक्य, क्षेत्रीय मंत्री वीरेंद्र शाक्य, अनुसूचित मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विशाल वाल्मीकि, राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा, जापान से विशेष रूप से पधारे पूज्य भंते सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए वरिष्ठ उपासक, प्रबुद्ध नागरिक, पूज्य भिक्षुगण आदि उपस्थित रहे।
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