
सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व माना गया है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को ‘श्रावण पुत्रदा एकादशी’ अथवा ‘पवित्रा एकादशी’ के नाम से जाना जाता है। इस पावन तिथि पर जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा-अर्चना करने से न केवल योग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल्कि जीवन से दरिद्रता, मानसिक तनाव और आर्थिक बाधाएं भी हमेशा के लिए समाप्त हो जाती हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इस दिन अपनी राशि के अनुसार विशेष उपाय करने से कई गुना अधिक पुण्य फल और धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
शास्त्रों के अनुसार, श्रावण पुत्रदा एकादशी के दिन किए गए दान, जप और पूजा-पाठ से पितृदोष और कुंडली के अशुभ ग्रह दोष शांत होते हैं। यदि आप भी अपने घर-परिवार में सुख, समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और अटूट बरकत चाहते हैं, तो 23 अगस्त को अपनी राशि के अनुसार बताए गए इन अचूक उपायों को अवश्य आजमाएं।
श्रावण पुत्रदा एकादशी पर मेष से मीन राशि के लिए खास उपाय
प्रत्येक राशि के स्वामी ग्रह और प्रकृति के अनुसार भगवान विष्णु को विशिष्ट वस्तुएं अर्पित करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं 12 राशियों के अनुसार किए जाने वाले विशेष उपाय।
मेष राशि: लाल चंदन और अनार करें अर्पित मेष राशि के जातकों को एकादशी के दिन भगवान विष्णु को लाल चंदन का तिलक लगाना चाहिए और पूजा में लाल फल जैसे अनार या सेब अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जप करें। इस उपाय से साहस, पराक्रम और कार्यक्षेत्र में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे।
वृषभ राशि: सफेद मिष्ठान और माखन का भोग लगाएं वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं। इस राशि के लोगों को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को माखन-मिश्री या दूध से बनी सफेद मिठाई का भोग लगाना चाहिए। श्रीसूक्त का पाठ करने से आर्थिक तंगी दूर होगी और रुके हुए धन की प्राप्ति होगी।
मिथुन राशि: तुलसी दल और हरे फल करें अर्पित मिथुन राशि के जातकों को भगवान विष्णु की पूजा में ताजे तुलसी के पत्ते और नाशपाती या खीरा जैसे हरे फल अर्पित करने चाहिए। साथ ही किसी जरूरतमंद विद्यार्थी को धार्मिक पुस्तक या पठन सामग्री दान करें। इससे व्यापार और वाणी में जबरदस्त सफलता मिलेगी।
कर्क राशि: पंचामृत से अभिषेक और दूध का दान कर्क राशि के लोगों को एकादशी के दिन भगवान विष्णु की मूर्ति या शालिग्राम जी का पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए। पूजा के बाद किसी गरीब या ब्राह्मण को दूध या चावल का दान करें। इससे मानसिक शांति मिलेगी और पारिवारिक कलह पूरी तरह समाप्त होगी।
सिंह राशि: केसर युक्त पीला चंदन और पीले फूल चढ़ाएं सिंह राशि के जातकों को भगवान नारायण को पीले कनेर के फूल और केसर मिला हुआ पीला चंदन अर्पित करना चाहिए। आदित्य हृदय स्तोत्र और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता में अपार वृद्धि होगी।
कन्या राशि: तुलसी जी के पौधे की सेवा और घी का दीपक कन्या राशि के जातकों को शाम के समय तुलसी के पौधे के पास गाय के शुद्ध घी का चौमुखी दीपक जलाना चाहिए और भगवान को बेसन के लड्डू का भोग लगाना चाहिए। इससे व्यापारिक घाटे दूर होंगे और धन आगमन के स्थायी स्रोत बनेंगे।
तुला राशि: माता लक्ष्मी को इत्र और खीर का भोग तुला राशि के जातकों को पूजा के समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को सुगंधित चंदन का इत्र और मखाने की खीर अर्पित करनी चाहिए। कनकधारा स्तोत्र का पाठ करने से भौतिक सुख-सुविधाओं और धन-वैभव में निरंतर बढ़ोतरी होगी।
वृश्चिक राशि: गुड़-चने का भोग और पीले वस्त्र का दान वृश्चिक राशि के लोगों को भगवान श्रीहरि को गुड़ और भीगे हुए चने का भोग लगाना चाहिए। इसके साथ ही किसी योग्य पुरोहित या जरूरतमंद को पीले वस्त्र या हल्दी की गांठें दान करनी चाहिए। इस उपाय से जीवन की समस्त गुप्त बाधाएं और शत्रु शांत होंगे।
धनु राशि: हल्दी मिश्रित जल से अर्घ्य और केले का दान धनु राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं। धनु राशि के जातकों को भगवान विष्णु को पीले फूल और हल्दी मिश्रित जल से अर्घ्य देना चाहिए। इसके बाद केले के पौधे की पूजा करें और गरीबों में केले वितरित करें। इससे भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और ज्ञान में वृद्धि होगी।
मकर राशि: तिल मिश्रित जल और नीले अपराजिता के फूल मकर राशि के जातकों को भगवान विष्णु को नीले अपराजिता के पुष्प और काले तिल मिश्रित जल अर्पित करना चाहिए। पूजा के बाद किसी असहाय व्यक्ति को भोजन कराएं या छाता/जूते दान करें। इससे शनि पीड़ा शांत होगी और नौकरी में स्थिरता आएगी।
कुंभ राशि: दक्षिणावर्ती शंख से जल और दीपदान कुंभ राशि के जातकों को एकादशी की शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाना चाहिए और दक्षिणावर्ती शंख में गंगाजल भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करना चाहिए। इससे कर्ज से मुक्ति मिलेगी और व्यापार में बड़ा लाभ होगा।
मीन राशि: केसर युक्त दूध का भोग और गीता का पाठ मीन राशि के जातकों को भगवान विष्णु को केसर युक्त दूध का भोग लगाना चाहिए और श्रीमद्भगवद्गीता के 11वें अध्याय का पाठ करना चाहिए। किसी मंदिर में पीले फल या धार्मिक ग्रंथों का दान करने से समस्त आध्यात्मिक और सांसारिक मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
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