दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) पर फर्राटा भरने वाले वाहन स्वामियों के लिए बड़ी खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 14 अप्रैल को उद्घाटन किए जाने के बाद से अब तक मुफ्त सफर का आनंद ले रहे यात्रियों को आज, बुधवार से अपनी जेब ढीली करनी होगी। बागपत के काठा और टटीरी टोल प्लाजा पर टोल वसूली की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब इस आधुनिक एक्सप्रेसवे पर सफर करना न केवल तेज होगा, बल्कि इसके लिए निर्धारित शुल्क भी चुकाना होगा।
100 की रफ्तार और ऑटोमैटिक चालान का पहरा
इस एक्सप्रेसवे पर सफर जितना सुगम है, नियम उतने ही सख्त हैं। एनएचएआई (NHAI) ने वाहनों के लिए गति सीमा निर्धारित कर दी है। कारों के लिए अधिकतम रफ्तार 100 किमी/घंटा, बसों के लिए 90 किमी/घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा तय की गई है। खास बात यह है कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए वाहनों का ऑटोमैटिक चालान कटेगा, जो सीधे वाहन स्वामी के पास पहुंचेगा। एलिवेटेड सेक्शन पर दोपहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित है और नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।
काठा टोल प्लाजा: सहारनपुर तक के लिए टोल की दरें
एनएचएआई द्वारा घोषित की गई दरों के अनुसार, विभिन्न श्रेणी के वाहनों के लिए शुल्क इस प्रकार है:
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कार, जीप और छोटे वाहन: एक तरफ की यात्रा के लिए 190 रुपये, जबकि उसी दिन वापसी (रिटर्न जर्नी) के लिए 285 रुपये देने होंगे।
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लाइट कमर्शियल और मिनीबस: सिंगल जर्नी के लिए 310 रुपये और रिटर्न के लिए 460 रुपये तय किए गए हैं।
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बस और ट्रक (टू एक्सल): एक तरफ का सफर 645 रुपये और वापसी का सफर 970 रुपये का होगा।
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थ्री एक्सल कमर्शियल वाहन: सिंगल जर्नी के लिए 705 रुपये और रिटर्न जर्नी के लिए 1,055 रुपये चुकाने होंगे।
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ओवर साइज वाहन (विशालकाय वाहन): सिंगल जर्नी 1,235 रुपये और रिटर्न जर्नी 1,835 रुपये की होगी।
(नोट: पूरी दिल्ली से देहरादून तक के सफर के लिए हल्के वाहनों को कुल मिलाकर लगभग 675 रुपये का संभावित टोल टैक्स देना पड़ सकता है।)
6 घंटे का सफर अब सिर्फ ढाई घंटे में
12,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह 213 किलोमीटर लंबा 6-लेन एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी का नया अध्याय है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली के अक्षरधाम से देहरादून तक का समय 6 घंटे से घटकर महज 2.5 घंटे रह गया है। यह न केवल समय बचा रहा है, बल्कि ईंधन की खपत कम होने से माल ढुलाई और यात्रा की लागत में भी लंबी अवधि में कमी आने की उम्मीद है।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार
दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर के चालू होने से उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग को जबरदस्त उछाल मिलने की संभावना है। दिल्ली के अक्षरधाम, गीता कॉलोनी और शास्त्री पार्क जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों से निकलने वाले यात्रियों को अब सिग्नल-फ्री रास्ता मिलेगा। इससे न केवल स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों को अपनी फसल और उत्पाद बड़ी मंडियों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, बुधवार से टोल बूथों पर कर्मचारियों की तैनाती के साथ वसूली प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू कर दी गई है।
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