कांति सिंह और लाल बिहारी यादव समेत कई चेहरों को मिला टिकट, जानिए पूरी लिस्ट

उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधान परिषद (MLC) चुनावों को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद विधान परिषद चुनावों के लिए अपने अधिकृत उम्मीदवारों की सूची का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। पार्टी ने इस बार अपने कई अनुभवी और दिग्गज चेहरों पर भरोसा जताया है, जिसमें विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके लाल बिहारी यादव और पूर्व एमएलसी कांति सिंह जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के इन महत्वपूर्ण स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के होने वाले चुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतर चुकी है, जिससे राज्य का सियासी पारा एक बार फिर गर्मा गया है।

जानिए किन दिग्गजों को मिला टिकट और कौन कहां से लड़ेगा चुनाव

समाजवादी पार्टी द्वारा जारी की गई उम्मीदवारों की इस सूची के अनुसार, पार्टी ने विभिन्न खंड स्नातक और खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने बेहतरीन प्रभारियों और नेताओं को चुना है। मिर्जापुर-वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एक बार फिर पार्टी ने कद्दावर नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव पर अपना भरोसा जताया है। वहीं दूसरी ओर, लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व एमएलसी कांति सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है, जिनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ मानी जाती है। इसके अलावा लखनऊ खंड शिक्षक क्षेत्र से सुशील कुमार, आगरा खंड शिक्षक क्षेत्र से प्रकाश चंद्र गुप्ता और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कमलेश यादव को मैदान में उतारा गया है। पार्टी के इन तमाम फैसलों से साफ जाहिर होता है कि सपा शिक्षकों और स्नातकों के मुद्दों को पूरी आक्रामकता के साथ उठाने की रणनीति पर काम कर रही है।

उच्च सदन में अपनी साख और नेता प्रतिपक्ष का पद बचाने की बड़ी राजनीतिक लड़ाई

राजनीतिक विश्लेषकों का यह मानना है कि समाजवादी पार्टी के लिए यह विधान परिषद चुनाव केवल सामान्य सीटों के लिए संघर्ष नहीं है, बल्कि उच्च सदन में पार्टी के अस्तित्व, उसकी आधिकारिक मान्यता और नेता प्रतिपक्ष के महत्वपूर्ण पद को सुरक्षित रखने की एक बड़ी अग्निपरीक्षा है। हाल ही में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद सपा अपने संख्या बल और रणनीतिक पकड़ को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस दौरान यह भी स्पष्ट किया है कि यदि राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो कर्मचारियों और शिक्षकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया जाएगा और इसे पार्टी के मुख्य घोषणा पत्र में स्थान दिया जाएगा। शिक्षकों और वित्तविहीन विद्यालयों के कर्मचारियों के बीच पैठ बनाने के लिए सपा लगातार जनसंपर्क और संवाद के जरिए अपने पक्ष में माहौल तैयार करने में जुटी हुई है।

चुनाव का पूरा कार्यक्रम और नामांकन प्रक्रिया हुई शुरू

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की इन 11 सीटों के लिए निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार संबंधित मंडल मुख्यालयों पर जाकर अपने नामांकन पत्र दाखिल कर रहे हैं। राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवारों की गतिविधियों से भी चुनावी मैदान काफी दिलचस्प होता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के दिग्गजों के मैदान में उतरने से मुकाबला और अधिक रोचक हो गया है। अब देखना यह होगा कि आगामी 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान में मतदाता किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाते हैं और 27 अक्टूबर को आने वाले चुनाव परिणाम किसके पालि में सफलता लेकर आते हैं।

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