अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की हेराफेरी के आरोपों को लेकर शुरू हुआ सियासी बवाल अब उत्तर प्रदेश से निकलकर बिहार तक पहुंच गया है। इस पूरे मामले में अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की भी एंट्री हो गई है। बिहार के बक्सर से आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को एक आधिकारिक कानूनी (लीगल) नोटिस भेजकर हड़कंप मचा दिया है। सांसद ने अपने वकील के जरिए भेजे इस नोटिस में पिछले 4 सालों के भीतर मंदिर को मिले कुल दान और हुए खर्चों की पाई-पाई का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है।
तीन दिन का अल्टीमेटम: जमीन खरीद से लेकर विदेशी चंदे तक का मांगा ब्योरा
आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने यह लीगल नोटिस अपने वकील सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास, महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी को भेजा है। नोटिस में ट्रस्ट को साफ तौर पर तीन दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। सांसद ने वित्तीय वर्ष 2021-22 से लेकर 2025-26 तक की ऑडिट की गई बैलेंस शीट, आय-व्यय का पूरा विवरण, ऑडिटर की रिपोर्ट, बैंक खातों की जानकारी, ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनों के रिकॉर्ड और एफसीआरए (FCRA) के तहत मिले विदेशी चंदे की पूरी रिपोर्ट मांगी है।
सपा विधायक के 7.5 करोड़ के गबन के दावे के बाद गरमाई राजनीति
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब अयोध्या से समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक पवन पांडे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि राम मंदिर के चढ़ावे में से करीब सात से साढ़े सात करोड़ रुपये का गबन किया गया है। हालांकि, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। लेकिन इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मामले को लपकते हुए योगी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए और कोर्ट से इस मामले का संज्ञान लेने तथा मंदिर के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को सार्वजनिक करने की मांग कर डाली।
योगी सरकार की एसआईटी एक्टिव, चंपत राय के करीबी ‘टिन्नू’ से पूछताछ
मामले की गंभीरता और लगातार बढ़ते राजनीतिक दबाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आनन-फानन में एक हाई-लेवल एसआईटी (SIT) का गठन किया है। इस विशेष जांच दल में लखनऊ के कमिश्नर, आईजी और सचिव रैंक के बड़े अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी ने अपनी जांच तेज कर दी है और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी पूछताछ की जा चुकी है। जांच की आंच अब चंपत राय के बेहद करीबी रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव तक पहुंच गई है, जिनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है और उनकी संपत्तियों का ब्योरा भी खंगाला जा रहा है। इसके साथ ही बैंक और चंदा गणना में लगे संदिग्ध कर्मचारियों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।
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