मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और राजनीति की चकाचौंध से दूर रहने वाले प्रतीक यादव के निधन ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। बुधवार सुबह आई इस दुखद खबर के बाद से ही उनकी मौत की वजहों को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन अब उनके एक बेहद करीबी और बिजनेसमैन मुकेश बहादुर सिंह ने उस आखिरी पल का आंखों देखा हाल बयां किया है, जिसने सबको सन्न कर दिया है। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि आखिर उस सुबह प्रतीक के साथ घर के भीतर क्या हुआ था।
किचन में बेसुध होकर गिरे और फिर नहीं उठीं पलकें
करीबी मित्र मुकेश बहादुर सिंह के मुताबिक, प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। उस वक्त वह घर के किचन में मौजूद थे और अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। किचन में गिरने की आवाज सुनते ही परिवार में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सुबह 5:55 बजे जब प्रतीक को इमरजेंसी लाया गया, तो उनकी हालत बेहद नाजुक थी। उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने पाया कि उनकी धड़कनें पहले ही थम चुकी थीं।
शरीर पर नहीं था कोई निशान, अटकलों पर लगाम
सोशल मीडिया पर प्रतीक की मौत को लेकर चल रही तरह-तरह की चर्चाओं और अफवाहों पर मुकेश बहादुर सिंह ने विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शव पर किसी भी तरह की चोट के निशान नहीं थे और न ही शरीर का रंग नीला पड़ा था। उन्होंने कहा, “मैंने खुद बॉडी देखी है, जो बातें चल रही हैं वे निराधार हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही अंतिम सच सामने लाएगी।” प्रतीक के शव का पोस्टमार्टम छह डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम ने किया है, जिसमें केजीएमयू के डॉक्टर भी शामिल थे।
विवादों की एंट्री: सपा विधायक ने की हाई कोर्ट जांच की मांग
प्रतीक यादव की मौत का मामला अब राजनीतिक मोड़ भी लेता दिख रहा है। सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने इस असामयिक मृत्यु पर सवाल उठाते हुए हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) पहुंचे मेहरोत्रा ने कहा कि डॉक्टरों के मुताबिक यह एक ‘नॉर्मल डेथ’ नहीं है क्योंकि उन्हें अस्पताल मृत अवस्था में लाया गया था। उन्होंने संदेह जताते हुए कहा कि परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच जरूरी है ताकि सच सामने आ सके।
विसरा सुरक्षित, अब रिपोर्ट का इंतजार
करीब दो घंटे तक चली लंबी पोस्टमार्टम प्रक्रिया के बाद डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रख लिया है। इसे अब लैब में फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव, जो दिल्ली में थीं, वह भी लखनऊ पहुंच चुकी हैं। यादव परिवार के इस सबसे फिट सदस्य की अचानक विदाई ने कई अनसुलझे सवाल छोड़ दिए हैं, जिनका जवाब अब केवल मेडिकल रिपोर्ट ही दे पाएगी।
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