Joint Pain in Monsoon: मानसून में क्यों बढ़ जाता है जोड़ों का दर्द और अकड़न? ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से जानिए असली वजह

नई दिल्ली: बारिश के मौसम में जहां मौसम सुहावना हो जाता है, वहीं आर्थराइटिस (गठिया) और जोड़ों के दर्द (Joint Pain) से जूझ रहे मरीजों के लिए यह समय चुनौतियों भरा साबित होता है। मानसून शुरू होते ही अक्सर मरीजों को घुटनों, कोहनी, कमर और उंगलियों के जोड़ों में तेज दर्द, सूजन और अकड़न (Stiffness) की शिकायत होने लगती है।

हड्डी रोग विशेषज्ञों (Orthopedics) के अनुसार, क्लिनिक में मानसून के दौरान जोड़ों के दर्द और चलने-फिरने में तकलीफ से जुड़े मरीजों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। हालांकि, डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि बारिश सीधे तौर पर जोड़ों का दर्द पैदा नहीं करती, बल्कि यह पहले से मौजूद ऑर्थराइटिस या पुरानी चोट के लक्षणों को और अधिक उभार देती है।

मानसून में क्यों बढ़ता है जोड़ों का दर्द? (मुख्य वैज्ञानिक कारण)

  1. वायुमंडलीय दबाव में गिरावट (Barometric Pressure Drop):

    बारिश के दिनों में हवा का दबाव घट जाता है। इससे जोड़ों के आसपास के ऊतकों (Tissues) में सूजन आने लगती है और नसों पर दबाव बढ़ता है, जिससे दर्द की तीव्रता बढ़ जाती है।

  2. नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव (High Humidity):

    हवा में अधिक नमी और अचानक तापमान गिरने से मांसपेशियों में खिंचाव और जोड़ों में अकड़न आने लगती है।

  3. विटामिन डी (Vitamin D) की कमी:

    मानसून में लगातार बादल छाए रहने के कारण धूप कम मिलती है। धूप की कमी से शरीर में विटामिन डी का स्तर गिरता है, जो हड्डियों और कैल्शियम के अवशोषण के लिए बेहद जरूरी है।

  4. शारीरिक गतिविधियों में कमी:

    बारिश के कारण लोग घर से बाहर कम निकलते हैं, जिससे फिजिकल एक्टिविटी घट जाती है। जोड़ों की हलचल कम होने से उनमें लचीलापन घटता है और अकड़न बढ़ जाती है।

जोड़ों के दर्द से राहत के लिए डॉक्टर की 5 जरूरी सलाह (Precautions Sheet)

समस्या / कारण बचाव के उपाय डॉक्टर की विशेष सलाह
जोड़ों में अकड़न हल्के व्यायाम और स्ट्रेचिंग करें इनडोर वॉक, योग या हल्की स्ट्रेचिंग से जोड़ों को सक्रिय रखें।
ठंड और नमी से बचाव प्रभावित हिस्से को गर्म रखें घुटनों और जोड़ों को ढककर रखें, गुनगुने पानी से सिकाई (Hot Compress) करें।
विटामिन डी की कमी डाइट में बदलाव व सप्लीमेंट्स दूध, अंडा, मशरूम खाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से परामर्श कर सप्लीमेंट लें।
सूजन और खिंचाव पर्याप्त हाइड्रेशन (पानी पीना) मानसून में भी पर्याप्त पानी पिएं ताकि यूरिक एसिड न बढ़े और जोड़ों में लुब्रिकेशन बना रहे।
अत्यधिक तेज दर्द फिजियोथेरेपी व दवाएं बिना डॉक्टरी सलाह के पेनकिलर (Painkillers) का लंबे समय तक सेवन न करें।

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