
नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग के मुद्दे पर देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री से तीन मांगें रखे जाने के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता जेपी नड्डा (JP Nadda) ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी पर इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और सवाल किया कि वे पेपर लीक के मामलों में इतने ‘सेलेक्टिव’ (चुनिंदा) क्यों हैं?
“विपक्ष शासित राज्यों में भी हुए पेपर लीक, फिर चुप्पी क्यों?” – नड्डा का सवाल
जेपी नड्डा ने कांग्रेस और विपक्ष पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा:
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राजनीतिकरण न करे विपक्ष: “छात्रों का भविष्य हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक रोटियां सेक रही हैं। अधिकांश पेपर लीक के मामले या तो कांग्रेस शासित राज्यों से सामने आए हैं या विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों से, तो फिर राहुल गांधी केवल केंद्र सरकार पर ही हमलावर क्यों हैं?”
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संसद में चर्चा को तैयार सरकार: नड्डा ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार संसद में नीट-यूजी विवाद और परीक्षा सुधारों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। विपक्ष समय तय करे, सरकार हर सवाल का जवाब देने और निदान (समाधान) ढूंढने के लिए प्रतिबद्ध है।
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CJP की मांगों पर रुख: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार छात्र संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की मांगों पर भी सकारात्मक रूप से चर्चा करने को तैयार है।
राहुल गांधी की केंद्र सरकार से तीन मुख्य मांगें
इससे पहले कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने नीट अभ्यर्थियों और प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री मोदी से तीन मांगें रखी थीं:
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शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: नाकाम साबित हो रहे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल प्रभाव से इस्तीफा लिया जाए।
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PM मोदी मांगें माफी: परीक्षा प्रणाली में हुई बर्बरता और अनियमताओं के लिए प्रधानमंत्री छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
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पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही: 20 जुलाई को ‘संसद मार्च’ के दौरान छात्रों पर पुलिस बर्बरता करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
नीट विवाद पर पक्ष-विपक्ष: मुख्य बिंदु (Fact Sheet)
| पहलू | राहुल गांधी (विपक्ष) का पक्ष | जेपी नड्डा (सरकार) का पक्ष |
| मुख्य आरोप / तर्क | पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, जिससे 7.5 करोड़ परिवार प्रभावित हुए। | विपक्ष केवल केंद्र को घेर रहा है, जबकि राजस्थान/झारखंड जैसे राज्यों में भी पेपर लीक हुए। |
| मांग / समाधान | शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, पीएम की माफी और पुलिस पर FIR। | संसद में व्यापक और रचनात्मक चर्चा के जरिए ठोस समाधान की पहल। |
| चर्चा की स्थिति | संसद में तुरंत स्थगन प्रस्ताव के तहत बहस की मांग। | सरकार चर्चा के लिए तैयार, समय सीमा तय करे विपक्ष। |
10 वर्षों में 152 पेपर लीक का दावा
राहुल गांधी ने आंकड़े साझा करते हुए कहा कि बीते एक दशक में देश भर में 152 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के साढ़े सात करोड़ युवाओं का भविष्य अधर में लटका है। उन्होंने कहा कि छात्र रोजाना 8-10 घंटे मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रणाली की खामियों के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है।
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