ईरान के खिलाफ ‘अभी खत्म नहीं हुआ’ इजरायल का सैन्य अभियान: नेतन्याहू बोले- हम उनकी हड्डियां तोड़ रहे हैं, युद्धविराम पर तेहरान का सख्त जवाब

तेल अवीव/तेहरान। मध्य-पूर्व में जारी जंग के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने मंगलवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहा सैन्य अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इजरायली सेना की कार्रवाई ईरान की सैन्य क्षमता और उसकी धार्मिक नेतृत्व व्यवस्था को कमजोर कर रही है। नेतन्याहू ने साफ किया कि इजरायल अपने मिशन को अधूरा छोड़ने वाला नहीं है।

नेतन्याहू का सख्त संदेश: ‘ईरानी लोगों को जुल्म से आजादी चाहिए’

सोमवार रात राष्ट्रीय स्वास्थ्य कमांड सेंटर के दौरे के दौरान नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल की कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की आक्रामक क्षमताओं को खत्म करना है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि ईरानी लोग दमन से मुक्त हों, लेकिन अंतिम फैसला उन्हीं का होगा। इतना जरूर है कि हमारी सैन्य कार्रवाई उनकी ताकत तोड़ रही है और अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है।”

युद्धविराम पर ईरान का इंकार

इजरायली पीएम के बयान के कुछ ही घंटे बाद ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने अमेरिका के साथ किसी भी संभावित युद्धविराम की संभावना को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका और उसके सहयोगी सीजफायर की बात करते हैं तो पहले उन्हें यह भरोसा दिलाना होगा कि वे दोबारा हमला नहीं करेंगे और अपने कदमों की जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “सिर्फ युद्धविराम कह देने से बात खत्म नहीं होगी, ईरान अपने हितों को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला करेगा।”

दोनों देशों के तेवर बरकरार

गरीबाबादी ने दावा किया कि इस संघर्ष में ईरान का पलड़ा भारी है और विरोधी देशों की योजनाएं सफल नहीं हो पाई हैं। उनके मुताबिक, ईरान ने इजरायल और अमेरिका को नुकसान पहुंचाया है और इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है।

ईरान के इस बयान को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उस बयान के बाद अहम माना जा रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। हालांकि जंग अब दूसरे सप्ताह में पहुंच चुकी है और इसके असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दिखने लगे हैं। खासकर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है।

सुप्रीम लीडर बदलने के बाद तेज हुए हमले

इस बीच तेहरान ने मोजतबा खामेनेई को उनके दिवंगत पिता की जगह नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया है। इसके बाद ईरान और लेबनान के संगठन Hezbollah ने इजरायल के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार सोमवार को ईरान ने इजरायल पर सात मिसाइल हमले किए।

इसके अलावा हिज्बुल्लाह ने लेबनान सीमा से रॉकेट, मोर्टार और ड्रोन के जरिए इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया। इजरायली मीडिया के मुताबिक इन हमलों के कारण रविवार शाम से सोमवार दोपहर तक करीब 50 लाख लोगों को बम शेल्टर में शरण लेनी पड़ी।

हमलों के आंकड़े: किसने कितने टारगेट साधे

तेल अवीव स्थित Institute for National Security Studies (INSS) के आंकड़ों के अनुसार युद्ध की शुरुआत में अमेरिकी सेना ने ईरान में इजरायल के मुकाबले तीन गुना अधिक हमले किए थे। शुरुआती पांच दिनों में अमेरिका ने लगभग 2,000 ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि इजरायल ने करीब 600 हमले किए।

हालांकि बाद में युद्ध के दूसरे चरण में रणनीति बदली और इजरायली हमले तेजी से बढ़े। दूसरे फेज में अमेरिका ने करीब 1,000 ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि इजरायल ने लगभग 2,800 टारगेट पर हमले किए।

कुल मिलाकर कितने हमले हुए

INSS के मुताबिक ऑपरेशन शुरू होने के बाद से अमेरिका ने ईरान में करीब 3,000 ठिकानों पर हमला किया है। वहीं इजरायल ने ईरान के भीतर लगभग 3,400 टारगेट को निशाना बनाया। इसके अलावा लेबनान में भी करीब 600 स्थानों पर इजरायली हमले किए गए हैं।

लगातार तेज हो रहे हमलों और सख्त बयानों के बीच मध्य-पूर्व में तनाव कम होने के संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष और बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।

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