देश के कई हिस्सों में सूरज की तपिश और भीषण लू (Heatwave) अब सिर्फ असुविधाजनक नहीं, बल्कि जानलेवा साबित हो रही है. मौसम विभाग के लगातार आते अलर्ट्स के बीच देश के कई हिस्सों से धूप में लोगों के अचानक चक्कर खाकर बेहोश होने की खबरें आ रही हैं. ऐसी मेडिकल इमरजेंसी स्थिति में आपकी एक छोटी सी सूझबूझ और सही समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार (First Aid) किसी की जान बचा सकता है. इस गंभीर स्थिति से निपटने और लोगों को जागरूक करने के लिए आयुष मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक विस्तृत हेल्थ एडवाइजरी जारी की है. आइए एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में क्रिटिकल केयर के अध्यक्ष डॉ. राहुल पंडित से जानते हैं कि हीट स्ट्रोक के लक्षण क्या हैं और इमरजेंसी में आपको क्या कदम उठाने चाहिए.
मरीज के बेहोश होने पर बिना देर किए तुरंत करें ये उपाय
डॉ. राहुल पंडित के अनुसार, भीषण गर्मी के दौरान सरकार द्वारा जारी स्वास्थ्य सलाह का पालन करने से हीट स्ट्रोक के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है. किसी भी आपात स्थिति में समय पर लक्षणों की पहचान और त्वरित प्राथमिक उपचार मरीज की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति तेज धूप या लू के कारण अचानक बेहोश हो जाता है, तो तुरंत ये फर्स्ट एड अपनाएं:
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ठंडी जगह पर शिफ्ट करें: पीड़ित व्यक्ति को सबसे पहले धूप से हटाकर तुरंत किसी छायादार, हवादार या एयर-कंडीशंड (AC) कमरे/जगह पर ले जाएं.
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कपड़े ढीले करें: मरीज के शरीर का तापमान कम करने के लिए उसके तंग या तंग फिटिंग वाले कपड़ों को तुरंत ढीला कर दें.
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कूलिंग थेरेपी: मरीज के पूरे शरीर, खासकर माथे, गर्दन, बगल और पेट पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें. यदि संभव हो तो ठंडे पानी का छिड़काव करें.
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होश आने पर दें तरल पदार्थ: ध्यान रहे, यदि व्यक्ति पूरी तरह बेहोश है तो उसके मुंह में जबरदस्ती पानी न डालें. जब मरीज होश में आ जाए, तभी उसे धीरे-धीरे पानी, ओआरएस (ORS) या इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर घोल पिलाएं.
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हेल्पलाइन नंबर पर करें कॉल: यदि बेहोशी लंबे समय तक बनी रहती है या मरीज के शरीर का तापमान बहुत अधिक (104°F या उससे ज्यादा) महसूस होता है, तो बिना देर किए उसे अस्पताल पहुंचाएं या तुरंत 108 और 102 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें.
भूलकर भी न करें नजरअंदाज, ये हैं हीट स्ट्रोक के शुरुआती संकेत
आयुष मंत्रालय के मुताबिक, हीट स्ट्रोक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. शरीर में अत्यधिक गर्मी और डिहाइड्रेशन होने पर हमारी बॉडी इन संकेतों के जरिए चेतावनी देती है, जिन्हें कभी मामूली नहीं समझना चाहिए:
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अचानक तेज चक्कर आना और सिरदर्द होना.
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जी मिचलाना या मतली (Nausea) महसूस होना.
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शरीर का तापमान तेजी से बढ़ना और त्वचा का लाल व सूखी होना.
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अत्यधिक मानसिक भ्रम (Confusion) होना या अचानक दौरे पड़ना.
इन लोगों को है तेज धूप और लू से सबसे ज्यादा खतरा
सरकारी गाइडलाइन के अनुसार, कुछ विशेष वर्ग के लोगों पर हीटवेव का असर सबसे जल्दी और घातक होता है. इनमें नवजात शिशु, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग (Senior Citizens), बाहर खुले में काम करने वाले मजदूर और दिल की बीमारी (Heart Patients) से पीड़ित लोग शामिल हैं. इसके अलावा, जिन लोगों का ब्लड प्रेशर (High BP) हाई रहता है, उन्हें लू लगने का जोखिम बहुत ज्यादा होता है. ऐसे लोगों की गर्मियों में विशेष देखभाल और नियमित मॉनिटरिंग की जरूरत होती है.
वर्कप्लेस और सार्वजनिक जगहों के लिए सरकार की खास सलाह
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कार्यस्थलों, खेल प्रतियोगिताओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए भी निर्देश जारी किए हैं:
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शेड का इस्तेमाल: धूप में सीधे खड़े रहने के बजाय हमेशा छायादार जगहों या टेंट के नीचे बैठें.
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वॉटर ब्रेक: काम या किसी भी एक्टिविटी के दौरान नियमित रूप से पानी पीने के लिए छोटे-छोटे ब्रेक्स जरूर लें. प्यास न लगने पर भी पानी पीते रहें.
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डाइट में बदलाव: शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए अपनी दैनिक डाइट में पानी से भरपूर मौसमी फलों और सब्जियों को शामिल करें. तरबूज, खरबूजा, खीरा, टमाटर, नींबू पानी, पेठा और छाछ का सेवन इस मौसम में अमृत के समान है. दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बहुत जरूरी न होने पर सीधे धूप में निकलने से बचें और हमेशा हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें.
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