तेहरान/वाशिंगटन। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) इस वक्त दुनिया के सबसे भीषण और विनाशकारी युद्ध की आग में झुलस रहा है। अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद अमेरिका द्वारा की गई एयरस्ट्राइक का ईरान ने बेहद खौफनाक और सीधा बदला लिया है। ईरान की सेना ने अमेरिका की अजेय मानी जाने वाली नौसेना (US Navy) और एयरबेस पर अब तक का सबसे बड़ा और सीधा हमला बोल दिया है। इस ताबड़तोड़ जवाबी कार्रवाई में ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के मुख्यालय, जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस और हवा में उड़ रहे महाशक्तिशाली अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच पिछले दो महीने से जारी संघर्ष विराम और शांति वार्ता का दौर पूरी तरह खत्म हो गया है।
बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े पर ईरान का आत्मघाती ड्रोन अटैक
ईरान की सबसे खतरनाक और मुख्य सैन्य टुकड़ी इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस विध्वंसक हमले की आधिकारिक पुष्टि की है। IRGC के मुताबिक, उन्होंने देर रात ठीक 2:30 बजे बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े (US 5th Fleet) के मुख्यालय को निशाना बनाया। ईरान ने इस बेहद सुरक्षित और रणनीतिक हेडक्वार्टर पर कई आत्मघाती ड्रोन से हमला किया।
ईरानी नौसेना ने बयान जारी कर खुली चेतावनी दी है कि, “दुश्मन की हर घटिया हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। अगर अमेरिका ने अपनी दुश्मनी और हमले तुरंत बंद नहीं किए, तो आगे इससे भी ज्यादा भयानक और विनाशकारी हमला किया जाएगा।”
बहरीन में हाई अलर्ट, जॉर्डन में अमेरिका के F-35 शेल्टर और कमांड सेंटर ध्वस्त
ईरान के इस बड़े हमले के बाद बहरीन सरकार में हड़कंप मच गया है। सरकार ने तुरंत अपने नागरिकों के लिए एक इमरजेंसी गाइडलाइन और हाई अलर्ट जारी किया है। बहरीन सरकार ने जनता से शांत रहने और तुरंत पास के किसी भी सुरक्षित स्थान या बंकरों में पहुंचने की अपील की है।
इतना ही नहीं, ईरानी सेना ने दावा किया है कि उन्होंने जॉर्डन में मौजूद अमेरिका के बेहद खुफिया और रणनीतिक ‘अल अजराक एयर बेस’ को भी तहस-नहस कर दिया है। ईरान ने वहां एक के बाद एक चार मुख्य ठिकानों पर सटीक मिसाइलें दागीं, जिससे अमेरिका के सबसे आधुनिक F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमानों के शेल्टर और उनका एक मुख्य कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया।
उत्तर खाड़ी में अमेरिका का सबसे महंगा जासूसी MQ-9 ड्रोन भी ढेर
ईरान की इस आक्रामक कार्रवाई की जद में अमेरिका का सबसे भरोसेमंद और अरबों रुपये की कीमत वाला MQ-9 रीपर ड्रोन (MQ-9 Reaper Drone) भी आ गया। IRGC ने दावा किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) के पास आसमान में उन्होंने अमेरिका के इस अत्याधुनिक ड्रोन को मार गिराया है। ईरानी वायुसेना के मुताबिक, जिस समय इस जासूसी ड्रोन को मिसाइल से उड़ाया गया, उस समय यह उत्तर खाड़ी (North Gulf) से उड़ान भरकर सीधे युद्ध क्षेत्र की तरफ अमेरिकी सेना की मदद के लिए बढ़ रहा था।
राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने भी की थी तबाही मचाने वाली एयरस्ट्राइक
इस युद्ध की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ ‘सेल्फ डिफेंस स्ट्राइक’ (आत्मरक्षा में हमला) के सीधे निर्देश जारी किए थे। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) के मुताबिक, होर्मुज में ईरान द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने ईरान के तटीय ठिकानों पर भारी बमबारी की थी। अमेरिका ने अपने सटीक निशाना लगाने वाले लेजर-गाइडेड हथियारों का इस्तेमाल करके ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम (हवाई रक्षा प्रणाली), ग्राउंड-कंट्रोल स्टेशनों और कई जासूसी रडार साइटों को पूरी तरह तबाह कर दिया था, जिसके बाद भड़के ईरान ने यह जवाबी पलटवार किया है।
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