माफिया अतीक अहमद के बेटे आबान के अंतिम संस्कार के दौरान दिखा समर्थकों का पुराना रसूख! लखनऊ से प्रयागराज तक काफिले की दबंगई

माफिया अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ की हत्या, बेटे असद के एनकाउंटर और पूरे अतीक साम्राज्य पर शासन-प्रशासन के बुलडोजर और कुर्की के कड़े प्रहार के बाद भी इस परिवार का रसूख और समर्थकों की दबंगई पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद की सड़क हादसे में हुई असामयिक मौत के बाद उसे सुपुर्द-ए-खाक करने की प्रक्रिया के दौरान लखनऊ से लेकर प्रयागराज तक समर्थकों का वही पुराना दबदबा और आक्रामक रवैया देखने को मिला। झांसी जाते समय सड़क दुर्घटना में आबान की मौत के बाद हाईकोर्ट से मिली पैरोल पर लखनऊ जेल में बंद बड़े बेटे उमर अहमद और झांसी जेल में बंद अली अहमद को कड़ी पुलिस सुरक्षा में प्रयागराज स्थित कसारी-मसारी कब्रिस्तान लाया गया था। लेकिन इस दौरान लखनऊ जेल से छूटे उमर की प्रिजन वैन के पीछे दो दर्जन से अधिक लग्जरी गाड़ियाँ काफिले के रूप में दौड़ती नजर आईं, जिन्होंने हाईवे पर कानून व्यवस्था और टोल प्लाजा के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाईं।

प्रतापगढ़ और नवाबगंज टोल प्लाजा पर बैरियर तोड़े, कर्मचारियों पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास

प्रयागराज जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस काफिले में शामिल वाहनों ने जो तांडव मचाया, उससे टोल कर्मचारियों और राहगीरों में दहशत का माहौल बन गया। पहली घटना प्रतापगढ़ जिले के हथिगवां थाना क्षेत्र स्थित कोटिला अख्तियारी टोल प्लाजा पर घटी। यहाँ पुलिस हिरासत में जा रही प्रिजन वैन के गुजरने के बाद पीछे आ रही थार और स्कॉर्पियो गाड़ियों के चालकों ने बिना टोल दिए जबरन निकलने की कोशिश की। जब टोल कर्मचारियों ने बैरियर बंद कर वाहन रोके, तो गाड़ी सवार दबंगों ने गाली-गलौज करते हुए बैरियर को तोड़ दिया और कर्मचारियों पर गाड़ी चढ़ाकर कुचलने का प्रयास किया। प्रतापगढ़ के एसपी दीपक भूकर के अनुसार, टोल मैनेजर की शिकायत पर थार और स्कॉर्पियो के चालकों व उनके सहयोगियों के खिलाफ जानलेवा हमले (धारा 307) सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

दूसरी घटना इसके कुछ ही मिनट बाद प्रयागराज के नवाबगंज टोल प्लाजा पर हुई। यहाँ उमर के काफिले में शामिल उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश नंबरों की लगभग 25 से 30 निजी गाड़ियों ने टोल फीस देने से साफ इनकार कर दिया। टोल कर्मियों ने जब बैरियर गिराया, तो तेज रफ्तार वाहनों ने बैरियर को टक्कर मारकर तोड़ दिया और बिना टोल चुकाए निकल गए। विरोध करने पर कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी गई। नवाबगंज टोल प्लाजा के सहायक प्रबंधक जयप्रकाश यादव की लिखित तहरीर पर पुलिस ने 28 से अधिक गाड़ियों के नंबरों को नामजद व अज्ञात के रूप में दर्ज करते हुए गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस अब टोल बूथों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालकर वाहनों और उनमें सवार माफिया समर्थकों की पहचान करने में जुटी है।

कसारी-मसारी कब्रिस्तान में बेकाबू हुई भीड़, हालात संभालने के लिए पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

रास्ते भर दबंगई दिखाते हुए जब यह काफिला प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंचा, तो वहाँ का नजारा किसी शक्ति प्रदर्शन से कम नहीं लग रहा था। अतीक अहमद के बेटों उमर और अली के पहुंचने की खबर फैलते ही कब्रिस्तान के बाहर और आसपास के पूरे इलाके में हजारों की संख्या में समर्थकों और स्थानीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। जैसे ही पुलिस की वैन उमर और अली को लेकर अंदर जाने लगी, भीड़ बेकाबू हो गई और लोगों ने पुलिस द्वारा लगाई गई सुरक्षा बैरिकेडिंग को उखाड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया। सुरक्षा में तैनात पुलिस बल के जवानों को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को भीड़ को खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा। लगभग छह घंटे तक कसारी-मसारी कब्रिस्तान के आसपास का क्षेत्र छावनी में तब्दील रहा और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

अतीक साम्राज्य के पतन के बावजूद समर्थकों का नेटवर्क सक्रिय, पुलिस का सख्त रुख

अतीक अहमद की मौत और उसके पूरे गिरोह के सदस्यों पर एक के बाद एक कठोर कानूनी कार्रवाई, बुलडोजर एक्शन तथा करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियों को जब्त किए जाने के बाद भी अतीक परिवार के प्रति समर्थकों की यह आक्रामकता कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रयागराज और आसपास के जिलों में आज भी अतीक गैंग से जुड़े गुर्गों पर रंगदारी मांगने, जमीनों पर अवैध कब्जे, मारपीट और धमकियां देने के मामले दर्ज होते रहते हैं। आबान के अंतिम संस्कार के दौरान जिस तरह से काफिले में दिल्ली, मध्य प्रदेश और यूपी के कोने-कोने से लग्जरी गाड़ियाँ शामिल हुईं, उसने यह साबित कर दिया है कि माफिया नेटवर्क के अवशेष अब भी पर्दे के पीछे सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन ने इस पूरी घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। उच्चाधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति में अतीक अहमद के नाम पर दबंगई या गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टोल प्लाजा पर हमला करने वाले एक-एक वाहन मालिक और चालक की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Check Also

बेरोजगारी और पेपर लीक पर मायावती का केंद्र व राज्य सरकारों पर बड़ा हमला; बोलीं- ‘हर हाथ को काम’ ही समस्याओं का इलाज

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने …