
नई दिल्ली: बारिश का मौसम आते ही गर्मी से राहत तो मिलती है, लेकिन इसके साथ ही डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों (Vector-borne Diseases) का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है। इस मौसम में जगह-जगह पानी भरने के कारण मच्छरों का प्रजनन (Breeding) तेज हो जाता है।
वयस्कों की तुलना में छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कम होती है, जिससे वे इन बीमारियों की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है, इसलिए माता-पिता को पहले से ही सुरक्षात्मक कदम उठाने चाहिए।
डेंगू-मलेरिया से बचाव के 4 मुख्य सुरक्षा चक्र
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घर के आसपास जलजमाव रोकें: डेंगू का मच्छर (एडीज) साफ और ठहरे हुए पानी में पनपता है। इसलिए कूलर, बाल्टी, गमले, पुराने टायर और छत पर रखे बर्तनों में पानी जमा न होने दें। हफ्ते में एक बार कूलर का पानी जरूर बदलें।
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पहनावे पर ध्यान दें: बच्चों को बाहर भेजते समय या शाम के वक्त हमेशा पूरे आस्तीन (Full Sleeves) के कपड़े पहनाएं।
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मच्छरदानी और मॉस्किटो रेपेलेंट: रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। बाहर खेलने जाते समय बच्चों के कपड़ों पर मॉस्किटो रेपेलेंट पैच या क्रीम लगाएं।
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खान-पान और हाइड्रेशन: बच्चों को बाहर का खुला या बासी खाना बिल्कुल न खाने दें। शरीर में पानी की कमी न होने दें और डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां व सूप शामिल करें।
इन लक्षणों को भूलकर भी न करें इग्नोर (Symptom Sheet)
| लक्षण | संभावित बीमारी | क्या करें? / सलाह |
| तेज बुखार और सिरदर्द | डेंगू / मलेरिया | बिना देरी किए बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) से परामर्श लें। |
| आंखों के पीछे दर्द व बदन दर्द | डेंगू का शुरुआती लक्षण | बच्चे को पूर्ण आराम दें और लिक्विड डाइट बढ़ाएं। |
| त्वचा पर लाल चकत्ते (Rashes) | डेंगू बुखार | प्लेटलेट्स और जरूरी ब्लड टेस्ट (CBC) कराएं। |
| उल्टी, चक्कर और अत्यधिक कमजोरी | गंभीर इंफेक्शन | खुद से (Self-medication) कोई भी दवा न दें। |
विशेषज्ञ की सलाह: यदि बच्चे को 2 से 3 दिन तक लगातार बुखार रहे, तो बिना किसी घरेलू प्रयोग या बिना डॉक्टरी सलाह के दवा दिए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से जांच कराएं।
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