
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, कंप्यूटर व मोबाइल स्क्रीन के सामने बीतते लंबे घंटे, तनाव, असंतुलित आहार और अधूरी नींद का सबसे पहला और सीधा असर हमारी आंखों पर देखने को मिलता है। आंखों के नीचे काले घेरे या डार्क सर्कल्स (Dark Circles) होना एक बेहद आम और गंभीर सौंदर्य समस्या बन चुकी है। पुरुष हों या महिलाएं, हर कोई इस समस्या से निजात पाने के लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स, कंसीलर और केमिकल युक्त मेकअप का सहारा लेता है। हालांकि, मेकअप डार्क सर्कल्स को केवल कुछ घंटों के लिए छिपा सकता है, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। कई बार केमिकल युक्त मेकअप का बार-बार इस्तेमाल आंखों के आसपास की बेहद नाजुक और संवेदनशील त्वचा को और अधिक नुकसान पहुंचाता है, जिससे काले घेरे हल्के होने के बजाय और भी गहरे हो जाते हैं। यदि आप भी कंसीलर थपथपाकर थक चुके हैं और अपनी आंखों की प्राकृतिक चमक वापस पाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। सौंदर्य विशेषज्ञों और त्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ साधारण प्राकृतिक नुस्खों और दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलावों को अपनाकर आप बिना किसी मेकअप के भी डार्क सर्कल्स को काफी हद तक हल्का कर सकते हैं। आइए जानते हैं वे 9 असरदार टिप्स जो आपकी आंखों की रंगत को निखारने और डार्क सर्कल्स को कम करने में मददगार साबित होंगे।
1. ठंडे टी-बैग्स की सिकाई और कैफीन का चमत्कारी असर
आंखों के नीचे की त्वचा शरीर की सबसे पतली त्वचा होती है। जब यहां की सूक्ष्म रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) सूज जाती हैं, तो डार्क सर्कल्स और पफिनेस (आंखों की सूजन) साफ नजर आने लगती है। इस्तेमाल किए हुए ग्रीन टी या ब्लैक टी-बैग्स को फेंकने के बजाय उन्हें कुछ देर के लिए फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें। जब टी-बैग्स अच्छी तरह ठंडे हो जाएं, तो अपनी बंद आंखों पर 10 से 15 मिनट के लिए रखें। ग्रीन टी में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और कैफीन पाया जाता है। कैफीन आंखों के आसपास की नसों को संकुचित करने का काम करता है, जिससे सूजन कम होती है और जमा हुआ खून साफ होकर काले घेरे धीरे-धीरे हल्के होने लगते हैं।
2. आलू और खीरे के रस का जादुई प्राकृतिक पैक
आलू और खीरा दोनों ही प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट के रूप में जाने जाते हैं। आलू में कैटेकोलेज (Catecholase) नामक एक विशेष एंजाइम पाया जाता है, जो त्वचा के कालेपन, झाइयों और हाइपरपिग्मेंटेशन को दूर करने में बेहद असरदार है। वहीं, खीरे में प्रचुर मात्रा में पानी, एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन K होता है जो आंखों को शीतलता और ताजगी प्रदान करता है। एक छोटे आलू और खीरे को कद्दूकस करके उनका रस निकाल लें। फिर कॉटन पैड को इस रस में डुबोकर अपनी आंखों पर 15 मिनट के लिए रखें और उसके बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें। रोजाना दिन में एक बार ऐसा करने से आंखों के नीचे का कालापन तेजी से कम होने लगता है।
3. एलोवेरा जेल और बादाम के तेल से हल्की मालिश
त्वचा में नमी की कमी होना डार्क सर्कल्स को अधिक गहरा और प्रमुख दिखाता है। एलोवेरा जेल में प्राकृतिक मॉइस्चराइजिंग और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं जो त्वचा को गहराई से पोषण देते हैं। रात को सोने से पहले ताजे एलोवेरा जेल में 2 से 3 बूंदें मीठे बादाम के तेल (Sweet Almond Oil) की मिलाएं। बादाम के तेल में विटामिन E और आवश्यक फैटी एसिड होते हैं जो आंखों के आसपास की सुस्त त्वचा को पुनर्जीवित करते हैं। इस मिश्रण को अपनी अनामिका उंगली (Ring Finger) से आंखों के नीचे बेहद हल्के हाथों से 2-3 मिनट तक गोल-गोल मालिश करें। इसे रात भर लगा रहने दें और सुबह सादे पानी से धो लें।
4. पर्याप्त नींद और सोते समय सिर को थोड़ा ऊंचा रखना
अगर आप रोजाना 7 से 8 घंटे की पर्याप्त और सुकून भरी नींद नहीं ले रहे हैं, तो कोई भी क्रीम या नुस्खा पूरी तरह से काम नहीं करेगा। नींद की कमी से चेहरे की त्वचा पीली पड़ जाती है, जिससे त्वचा के नीचे की नीली-काली नसें स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगती हैं। इसके साथ ही, सोने का तरीका भी बहुत मायने रखता है। सोते समय अपने सिर के नीचे एक अतिरिक्त तकिया लगाएं ताकि सिर थोड़ा ऊंचा रहे। सिर को थोड़ा ऊंचा रखकर सोने से आंखों के नीचे फ्लूइड रिटेंशन (तरल पदार्थों का संचय) नहीं होता, जिससे सुबह उठने पर आंखों के नीचे पफिनेस और भारीपन की समस्या नहीं बनती।
5. ठंडे दूध या शुद्ध गुलाब जल का कोल्ड कंप्रेस
ठंडा दूध त्वचा की रंगत को साफ करने और उसे नमी प्रदान करने का बेहतरीन जरिया है। दूध में मौजूद लैक्टिक एसिड (Lactic Acid) मृत कोशिकाओं को हटाकर आंखों के नीचे की त्वचा को चमकदार और कोमल बनाता है। दो कॉटन बॉल्स को ठंडे कच्चे दूध में भिगोकर 10 से 12 मिनट के लिए आंखों पर रखें। इसी तरह शुद्ध गुलाब जल का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। गुलाब जल आंखों की थकान को मिटाता है, त्वचा का पीएच संतुलन बनाए रखता है और आंखों की संवेदनशील त्वचा को तुरंत राहत व शीतलता प्रदान करता है।
6. भरपूर पानी का सेवन और आहार में नमक पर नियंत्रण
शरीर में पानी की कमी (Dehydration) डार्क सर्कल्स का एक बहुत बड़ा और अप्रत्यक्ष कारण है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो आंखें धंसी हुई और उनके आसपास का हिस्सा काला नजर आने लगता है। दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास (लगभग 2.5 से 3 लीटर) पानी पीने का नियम बनाएं। इसके साथ ही अपने आहार में नमक (सोडियम) की मात्रा को नियंत्रित करें। अत्यधिक नमक का सेवन शरीर में वॉटर रिटेंशन को बढ़ाता है, जिससे आंखों के नीचे पफिनेस और काले घेरे अधिक प्रमुखता से दिखने लगते हैं। देर रात अत्यधिक नमकीन या प्रोसेस्ड स्नैक्स खाने से बचें।
7. सनस्क्रीन का नियमित प्रयोग और धूप से बचाव
सूरज की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणें त्वचा में मेलानिन (Melanin) के उत्पादन को बढ़ा देती हैं, जिससे पिगमेंटेशन और डार्क सर्कल्स गहरे हो जाते हैं। लोग अक्सर पूरे चेहरे पर तो सनस्क्रीन लगा लेते हैं, लेकिन आंखों के आसपास का संवेदनशील हिस्सा छोड़ देते हैं। रोजाना घर से बाहर निकलते समय अपनी आंखों के आसपास भी ब्रॉड-स्पेक्ट्रम SPF 30 या उससे अधिक वाली सनस्क्रीन अवश्य लगाएं। इसके अतिरिक्त, तेज धूप में बाहर निकलते समय यूवी-प्रोटेक्टेड सनग्लासेज (धूप का चश्मा) जरूर पहनें जो आंखों की त्वचा को सीधे सूरज के संपर्क में आने से बचाते हैं।
8. स्क्रीन टाइम से ब्रेक और 20-20-20 का नियम
डिजिटल स्क्रीन्स जैसे कंप्यूटर, लैपटॉप और स्मार्टफोन से निकलने वाली रोशनी आंखों पर अत्यधिक दबाव डालती है। घंटों बिना ब्रेक लिए स्क्रीन देखने से आंखों के आसपास की मांसपेशियां थक जाती हैं और रक्त प्रवाह प्रभावित होता है। इससे बचने के लिए 20-20-20 के नियम का पालन करें। हर 20 मिनट के स्क्रीन टाइम के बाद 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को 20 सेकंड के लिए देखें। काम के बीच-बीच में अपनी हथेलियों को आपस में रगड़कर गर्म करें और उन्हें बंद आंखों पर रखें (Palming)। इससे आंखों की मांसपेशियों को तुरंत आराम मिलता है और खिंचाव दूर होता है।
9. संतुलित आहार में विटामिन C, K, E और आयरन शामिल करना
बाहरी देखरेख के साथ-साथ शरीर को अंदर से पोषण देना बेहद जरूरी है। अपनी दैनिक खुराक में ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करें जो विटामिन C, विटामिन K, विटामिन E और आयरन से भरपूर हों। संतरा, नीम्बू, आंवला, टमाटर, कीवी, पालक, ब्रोकोली, अनार और चुकंदर का नियमित सेवन करें। विटामिन C कोलैजन के निर्माण को बढ़ावा देता है, जबकि आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाकर एनीमिया (रक्त की कमी) के कारण होने वाले डार्क सर्कल्स को खत्म करता है। हरी पत्तेदार सब्जियां और नट्स आंखों के आसपास की नसों को मजबूत बनाते हैं।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
यदि आप सभी प्राकृतिक घरेलू नुस्खे और संतुलित जीवनशैली अपना रहे हैं, फिर भी आपके डार्क सर्कल्स कम नहीं हो रहे हैं या अचानक से बहुत गहरे हो गए हैं, तो आपको किसी त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologist) से परामर्श लेना चाहिए। कई बार डार्क सर्कल्स के पीछे जेनेटिक्स (आनुवंशिकता), थायरॉयड की समस्या, गंभीर एनीमिया, एलर्जी या हार्मोन्स का असंतुलन जैसे अंतर्निहित चिकित्सकीय कारण भी हो सकते हैं। डॉक्टर की सलाह से सही कारण का पता लगाकर उचित उपचार कराने से यह समस्या पूरी तरह से ठीक हो सकती है।
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