केरल की राजनीति में पिछले 10 दिनों से जारी सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। कांग्रेस हाईकमान ने लंबी खींचतान और दिल्ली से तिरुअनंतपुरम तक चली मैराथन बैठकों के बाद वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लगा दी है। हालांकि, पार्टी का यह फैसला एक नई चुनौती लेकर आया है। जहां राहुल गांधी के करीबी केसी वेणुगोपाल को मना लिया गया है, वहीं राज्य के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला की नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई है।
केसी वेणुगोपाल ने दिखाई दरियादिली, लेकिन चेन्निथला ने मोड़ा मुंह
मुख्यमंत्री पद की रेस में वीडी सतीशन के साथ केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला का नाम प्रमुखता से चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने केसी वेणुगोपाल को भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों का हवाला देकर संतुष्ट कर लिया, जिसके बाद उन्होंने सतीशन के नाम का खुला समर्थन किया। इसके उलट, रमेश चेन्निथला ने गुरुवार को हुई विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक से दूरी बनाकर अपने बागी तेवर साफ कर दिए। हालांकि उन्होंने औपचारिक रूप से समर्थन का पत्र भेजा, लेकिन बैठक में उनकी अनुपस्थिति ने बहुत कुछ बयां कर दिया।
अपमान के अहसास से आहत हैं सीनियर नेता रमेश चेन्निथला
रमेश चेन्निथला की नाराजगी सिर्फ पद न मिलने को लेकर नहीं है, बल्कि उन्हें शिकायत है कि मुख्यमंत्री चुनने की पूरी प्रक्रिया में उनकी राय तक नहीं ली गई। कांग्रेस के प्रति वर्षों की प्रतिबद्धता दिखाने वाले चेन्निथला का मानना है कि एक सीनियर लीडर होने के नाते उनके साथ यह व्यवहार ‘अपमानजनक’ है। जब राजधानी में सतीशन को विधायक दल का नेता चुना जा रहा था, तब चेन्निथला चुप्पी साधे हुए तिरुअनंतपुरम से निकल गए। उनके समर्थकों का दावा है कि वह पूजा-अर्चना के लिए गुरुवयूर गए हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे ‘प्रोटेस्ट वॉक’ माना जा रहा है।
2021 का जख्म हुआ ताजा: राहुल गांधी से सीधे जाहिर की नाराजगी
चेन्निथला के करीबियों की मानें तो यह दूसरी बार है जब उन्हें नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने सीधे राहुल गांधी से संपर्क कर अपना दुख जाहिर किया। चेन्निथला का कहना है कि 2021 में भी उन्हें नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी नहीं दी गई थी और उनकी जगह वीडी सतीशन को ही मौका मिला था। उस वक्त पार्टी अनुशासन और कार्यकर्ताओं के मनोबल के लिए उन्होंने चुपचाप फैसला मान लिया था, लेकिन अब उन्हें लग रहा है कि उनके योगदान को हाशिए पर धकेला जा रहा है।
वीडी सतीशन के सामने चुनौतियां और भविष्य की राह
भले ही वीडी सतीशन अब आधिकारिक तौर पर केरल के नए मुख्यमंत्री की कमान संभालने जा रहे हैं, लेकिन उनके लिए डगर आसान नहीं होगी। उन्हें न केवल सरकार चलानी है, बल्कि चेन्निथला जैसे कद्दावर नेताओं को साथ लेकर भी चलना होगा। पार्टी हाईकमान अब चेन्निथला को मनाने की कोशिशों में जुटा है, ताकि सरकार बनने से पहले केरल कांग्रेस में किसी बड़े बिखराव को रोका जा सके।
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