दिवाली से पहले रेलवे का बड़ा तोहफा: दिल्ली-वाराणसी रूट पर दौड़ेगी पहली वंदे भारत स्लीपर, राजधानी से भी कम समय में तय होगा सफर; देखें स्टॉपेज और सुविधाएं

दीपावली और छठ महापर्व से ठीक पहले घर लौटने वाले लाखों पूर्वांचल और बिहार के रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Express) को ट्रैक पर उतारने की पूरी तैयारी कर ली है। चेयरकार वंदे भारत की जबरदस्त सफलता के बाद अब लंबी दूरी और रात के सफर को आरामदायक बनाने के उद्देश्य से पहली वाणिज्यिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) के बीच शुरू की जा रही है। रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) द्वारा इस 16 कोच वाले सेमी-हाई-स्पीड स्लीपर रेक के सभी तकनीकी और संरक्षा परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। त्योहारों के दौरान नियमित ट्रेनों में लगने वाली लंबी वेटिंग लिस्ट और टिकटों की मारामारी से निजात दिलाने के लिए इसे त्योहारी सप्ताह में औपचारिक हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

मौजूदा समय में नई दिल्ली और वाराणसी के बीच चलने वाली पारंपरिक राजधानी या सुपरफास्ट ट्रेनों को यह दूरी तय करने में लगभग 10 से 12 घंटे का समय लगता है, जबकि चेयरकार वंदे भारत दिन के समय करीब 8 घंटे का समय लेती है। रात के सफर के लिए तैयार की गई यह स्लीपर वंदे भारत 130 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा पर संचालित होगी, जिससे यात्री रात में दिल्ली से रवाना होकर सुबह तड़के सीधे बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी पहुंच सकेंगे।

  • संभावित शेड्यूल: यह ट्रेन नई दिल्ली से रात करीब 11:00 बजे रवाना होगी और अगली सुबह लगभग 7:00 बजे वाराणसी कैंट पहुंचेगी। वापसी में वाराणसी से रात 10:30 बजे चलकर सुबह 6:30 बजे नई दिल्ली स्टेशन पर यात्रा समाप्त करेगी।

  • प्रमुख स्टॉपेज: मार्ग में यात्रियों की सुविधा के लिए कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज जंक्शन पर 2 से 5 मिनट के वाणिज्यिक ठहराव (Commercial Halts) प्रस्तावित किए गए हैं।

बीईएमएल (BEML) और इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा संयुक्त रूप से डिजाइन की गई इस स्लीपर ट्रेन में कुल 16 बोगियां शामिल हैं, जिनकी कुल वहन क्षमता 823 बर्थ की है:

  • कोच संरचना: इसमें 11 एसी थ्री-टियर (3-Tier) कोच, 4 एसी टू-टियर (2-Tier) कोच और 1 अत्याधुनिक फर्स्ट एसी (First Class AC) कोच शामिल रहेगा।

  • एर्गोनॉमिक बर्थ डिजाइन: सामान्य ट्रेनों की तुलना में इसके बर्थ अतिरिक्त कुशनिंग, मेमोरी फोम और चौड़े लेग-स्पेस के साथ तैयार किए गए हैं ताकि रात के सफर में कमर दर्द या थकान न हो।

  • अपर बर्थ चढ़ने के लिए विशेष सीढ़ियां: बुजुर्गों और महिलाओं की सुविधा के लिए ऊपर की बर्थ पर चढ़ने के लिए चौड़ी, फिसलने से सुरक्षित एर्गोनॉमिक सीढ़ियां बनाई गई हैं।

  • दिव्यांगजन-अनुकूल टॉयलेट्स: ट्रेन में बायो-वैक्यूम मॉड्युलर टॉयलेट्स के साथ-साथ दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष चौड़े वॉशरूम और ऑटोमैटिक टच-फ्री सेंसर्स लगाए गए हैं।

  • पर्सनल रीडिंग लाइट व चार्जिंग सॉकेट्स: हर बर्थ पर मोबाइल, लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट, यूएसबी पोर्ट, फोल्डेबल स्नैक टेबल और सॉफ्ट रीडिंग लाइट उपलब्ध कराई गई है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को सुरक्षा और यात्री आराम के लिहाज से विश्वस्तरीय मानकों पर विकसित किया गया है:

  1. स्वदेशी ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली (Kavach 4.0): ट्रेन में भारत की स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन तकनीक इनबिल्ट है। यदि लोको पायलट से सिग्नल अनदेखा होता है या एक ही ट्रैक पर दूसरी ट्रेन आ जाती है, तो सिस्टम स्वतः ब्रेक लगाकर टक्कर रोक देगा।

  2. जर्क-फ्री सेमी-परमानेंट कपलर्स: ट्रेन के सभी डिब्बे आपस में उन्नत कपलर्स से जुड़े हैं, जिससे ट्रेन के रुकने या रफ्तार पकड़ने पर यात्रियों को किसी भी तरह का झटका (Jerk) महसूस नहीं होगा और रात में नींद में कोई खलल नहीं पड़ेगा।

  3. सख्त अग्निरोधक मानक (EN 45545 HL3): इंटीरियर निर्माण में उच्च कोटि की आग प्रतिरोधी सामग्री का उपयोग किया गया है और हर कोच में एरोसोल-आधारित स्वचालित आग बुझाने वाले उपकरण व स्मोक डिटेक्टर्स लगाए गए हैं।

  4. साइलेंट कैबिन इंसुलेशन: डिब्बों के भीतर बाहरी शोर और पटरियों की आवाज को रोकने के लिए साउंड इंसुलेशन लेयर लगाई गई है, जिससे कैबिन के भीतर शांत वातावरण बना रहेगा।

रेलवे बोर्ड द्वारा अंतिम किराया तालिका की घोषणा ट्रेन के उद्घाटन से ठीक पहले की जाएगी, लेकिन वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार इसका किराया मौजूदा तेजस और राजधानी एक्सप्रेस के डायनामिक किराए से 10 से 15 फीसदी के प्रीमियम पर आधारित हो सकता है। थर्ड एसी का अनुमानित एकतरफा किराया लगभग ₹1,800 से ₹2,100, सेकंड एसी का लगभग ₹2,800 से ₹3,200 और फर्स्ट एसी का किराया भोजन (Catering) शुल्क सहित ₹3,600 से ₹4,000 के आसपास रहने की संभावना है। ट्रेन की विधिवत लॉन्चिंग के 24 से 48 घंटे पूर्व आईआरसीटीसी (IRCTC) के ऑनलाइन पोर्टल और रेलवे आरक्षण काउंटरों पर टिकटों की अग्रिम बुकिंग विंडो खोल दी जाएगी। यह नई स्लीपर सेवा न केवल त्योहारी सीजन में यात्रियों के सफर को सुगम और समयबद्ध बनाएगी, बल्कि भारतीय रेल के आधुनिकीकरण के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होगी।

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