
युवाओं और Gen-Z पीढ़ी को ‘गटर जनरेशन’ (Generation Gutter) बताने और प्रदर्शनकारियों पर अश्लीलता का आरोप लगाने के बाद भाजपा सांसद व अभिनेत्री कंगना रनौत चारों तरफ से घिर गई हैं। विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने एक नया सेल्फी वीडियो जारी कर अपने बयानों का बचाव किया है, जिस पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कड़ा पलटवार करते हुए कहा है कि “उन्हें गंभीरता से लेता ही कौन है?”
कंगना रनौत की सफाई: ‘सार्वजनिक अशिष्टता बर्दाश्त नहीं’
अपने नए वीडियो में कंगना रनौत ने मीडिया और विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे समाज में गंदे आचरण को ‘नॉर्मलाइज’ नहीं होने देंगी। उन्होंने कहा:
“हम अपने समाज में इस तरह के बर्ताव को स्वीकार नहीं कर सकते। अगर आपको समाज में रहना है, तो संविधान और सीमाओं का पालन करना होगा। सार्वजनिक स्थानों पर भद्दी गालियां देना कोई ‘कूल’ बनना नहीं है, यह बेसिक सिविक सेंस की कमी है।”
कंगना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगे नारों पर भी कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि कुछ लोग उन्हें अपना भगवान या नेता मानते हैं। इसके साथ ही उन्होंने महिला विचारकों पर तंज कसते हुए कहा कि तथाकथित ‘फेमिनाजी’ युवाओं को गलत रास्ता दिखा रही हैं।
अभिजीत दीपके और विशाल ददलानी का पलटवार
कंगना के बयानों के बाद CJP के नेता अभिजीत दीपके ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में उन पर चुटकी लेते हुए कहा, “अरे, उन्हें गंभीरता से लेता ही कौन है?”
दूसरी ओर, मशहूर गायक और संगीतकार विशाल ददलानी ने भी इस विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने युवाओं की भाषा पर बवाल काटने वालों की दोहरी मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग प्रदर्शनकारियों की भाषा की आलोचना कर रहे हैं, वे पुलिस द्वारा किए गए अत्याचार और पेलेट गन के इस्तेमाल पर पूरी तरह चुप हैं।
कैसे शुरू हुआ था ‘जनरेशन गटर’ विवाद?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब कंगना रनौत ने उन महिलाओं और युवाओं पर निशाना साधा था जो उनके मुताबिक बिना मेहनत किए करियर वुमन की नकल कर रहे हैं। कंगना ने ऐसे युवाओं को ‘भ्रष्ट’ और ‘जनरेशन गटर’ करार दिया था। इस बयान के बाद CJP प्रवक्ता सौरभ दास समेत देश भर के कई छात्र संगठनों और विपक्षी नेताओं ने कंगना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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