नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (मिडल-ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग और लगातार हो रहे घातक मिसाइल हमलों पर भारत सरकार ने बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार (8 जुलाई) को एक आधिकारिक बयान जारी कर क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत ने दो-टूक कहा है कि इस महायुद्ध से न केवल क्षेत्रीय शांति खतरे में पड़ रही है, बल्कि वैश्विक सुरक्षा, स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति (Energy Supply) के लिए भी एक बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
‘ग्लोबल ट्रेड और तेल सप्लाई न हो प्रभावित’ — विदेश मंत्रालय का अल्टीमेटम
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में दोनों महाशक्तियों और संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से तुरंत संयम बरतने और तनाव कम करने का आग्रह किया है। भारत ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा, “यह बेहद जरूरी है कि इस युद्ध के दौरान मासूम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के निर्बाध प्रवाह और वैश्विक ऊर्जा (कच्चा तेल व गैस) की निरंतर आपूर्ति को बनाए रखा जाए।” वक्तव्य में आगे कहा गया कि भारत हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है, इसलिए हम सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे इस विनाशकारी संघर्ष के स्थायी समाधान के लिए केवल ‘संवाद और कूटनीति’ (Dialogue and Diplomacy) का रास्ता अपनाएं।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बारूद बरसने से दिल्ली की बढ़ी टेंशन
दरअसल, भारत की यह चिंता ऐसे समय में सामने आई है जब ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों को बमबारी से उड़ा दिया है। भारत इस क्षेत्र पर इसलिए पैनी नजर बनाए हुए है क्योंकि खाड़ी देशों से भारत का अरबों डॉलर का व्यापार होता है और देश की तेल व एलएनजी (LNG) आपूर्ति का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी रूट से होकर भारत पहुंचता है। इस तनाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार और हवाई किरायों पर भी दिखने लगा है।
डोनाल्ड ट्रंप की ‘आज आधी रात हमले’ की धमकी से कांपा मिडल-ईस्ट
तनाव को चरम पर पहुंचाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की की राजधानी अंकारा में चल रहे नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन से दुनिया को दहलाने वाला बयान दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बगल में बैठे ट्रंप ने मीडिया से कहा, “मैं ईरान को पहले ही खुली चेतावनी दे रहा हूँ कि आज रात हम उन पर अब तक का सबसे जोरदार हमला करेंगे, आगे देखते हैं क्या होता है।” ट्रंप ने ईरान के साथ हुए सीजफायर को भी ‘मृत’ घोषित कर दिया है। दूसरी तरफ, ईरान ने भी हार न मानते हुए बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर सुसाइड ड्रोनों और मिसाइलों की भारी बरसात कर दी है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के सायरन गूंज रहे हैं।
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