आयरलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में 2-0 से मिली करारी शिकस्त के बाद भारतीय क्रिकेट टीम अब अपने अगले कड़े इम्तिहान के लिए इंग्लैंड पहुंच चुकी है। भारत और इंग्लैंड के बीच 1 जुलाई 2026 से पांच मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आगाज होने जा रहा है।
पहले मैच की पूर्व संध्या पर इंग्लैंड के चेस्टर-ली-स्ट्रीट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ आगामी सीरीज को लेकर टीम की रणनीति साझा की, बल्कि आयरलैंड के हाथों मिली शर्मनाक हार का पोस्टमॉर्टम करते हुए हार का ठीकरा बेलफास्ट के मैदान की बनावट पर फोड़ दिया। अय्यर ने साफ शब्दों में कहा कि बेलफास्ट का मैदान वास्तव में कोई पारंपरिक क्रिकेट स्टेडियम था ही नहीं।
“एंगल्स अजीब थे, फील्ड सेट करना मुश्किल था” — ग्राउंड पर मढ़ा दोष
चेस्टर-ली-स्ट्रीट और आयरलैंड के बेलफास्ट क्रिकेट ग्राउंड की तुलना करते हुए कप्तान श्रेयस अय्यर ने बताया कि बेलफास्ट के मैदान की संरचना (Structure) में कई कमियां थीं, जिसकी वजह से भारतीय टीम परिस्थितियों से तालमेल नहीं बिठा सकी।
अय्यर ने मैदान की कमियां गिनाते हुए कहा:
“अगर हम तुलना करें, तो यह (चेस्टर-ली-स्ट्रीट) बिल्कुल अलग है क्योंकि बेलफ़ास्ट का मैदान असल में कोई उचित स्टेडियम नहीं था। वहां की आउटफ़ील्ड एक जैसी (समतल) नहीं थी। इसके अलावा मैदान का आकार भी थोड़ा चौकोर (Square) था। ऐसे में बाउंड्री पर फील्डिंग करते समय सिंगल और डबल रोकना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया था। एंगल्स इतने अलग थे कि एक कप्तान के तौर पर सही फील्ड सेट करना बेहद अजीब लग रहा था, क्योंकि हम भारतीय खिलाड़ी इस तरह के मैदानों के आदी नहीं हैं।”
इसके विपरीत इंग्लैंड के मैदान की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, “यहाँ का मैदान बिल्कुल समतल है। यहाँ आकर आपको एक उचित स्टेडियम वाला माहौल और अहसास मिलता है। यहाँ दर्शक भी भारी संख्या में आएंगे और हम ऐसी परिस्थितियों में पहले भी खेल चुके हैं, इसलिए यहाँ तालमेल बिठाना आसान होगा।”
अपनी खराब फॉर्म और कप्तानी के दबाव पर क्या बोले अय्यर?
आयरलैंड दौरे पर बल्ले से फ्लॉप रहने वाले श्रेयस अय्यर ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि कप्तानी के चलते उन पर बल्लेबाजी का कोई अतिरिक्त दबाव है।
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नेट्स में अच्छी टाइमिंग: अपनी फॉर्म पर बात करते हुए अय्यर ने कहा, “मुझे अपनी फॉर्म को लेकर रत्ती भर भी चिंता नहीं है। रन जरूर बनेंगे। मैं नेट्स पर गेंद को बहुत अच्छी तरह टाइम कर रहा हूँ। पिछले मैच में भी मैं बेहतरीन टच में था, लेकिन कभी-कभी किस्मत साथ नहीं देती और गेंद अंदरूनी किनारा (Inner Edge) लेकर विकेट पर लग जाती है। इससे मेरी काबिलियत या दबाव का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।”
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खुद पर पूरा भरोसा: अय्यर ने आगे कहा, “मुझे अपने गेम और इंस्टिंक्ट्स (अंतर्ज्ञान) पर पूरा भरोसा है। इतिहास गवाह है कि मैं दबाव में कितना बेहतर खेलता हूँ। मैं बस इसी आत्मविश्वास के साथ इंग्लैंड के खिलाफ मैदान पर उतरूंगा।”
इंग्लैंड को नहीं मिलेगा टेस्ट सीरीज का फायदा
जब पत्रकारों ने श्रेयस से पूछा कि क्या इंग्लैंड की टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई टेस्ट सीरीज का फायदा मिलेगा, क्योंकि उनके खिलाड़ी पहले से मैच प्रैक्टिस में हैं? तो भारतीय कप्तान ने इसे ज्यादा तवज्जो नहीं दी।
उन्होंने कहा, “इंग्लैंड के खेमे में क्या चल रहा है, मैं नहीं जानता। लेकिन आज के दौर में रेड बॉल (टेस्ट) से व्हाइट बॉल (टी-20) क्रिकेट में स्विच करना किसी भी इंटरनेशनल खिलाड़ी के लिए नई बात नहीं है। सभी आधुनिक क्रिकेटर इस बदलाव के दौर से गुजरते हैं और मुझे यकीन है कि दोनों टीमें परिस्थितियों के साथ आसानी से तालमेल बिठा लेंगी।”
अब देखना यह होगा कि आयरलैंड में मिली हार को पीछे छोड़कर श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम इंग्लैंड की धरती पर कैसा पलटवार करती है।
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