महाराष्ट्र के पुणे में हुए बहुचर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस (Ketan Agarwal Murder Case) ने इस समय पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुणे से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले (Lohagad Fort) में पर्यटकों और उत्सुक लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।
स्थिति यह हो गई है कि लोग छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास से जुड़े इस ऐतिहासिक किले को देखने नहीं, बल्कि उस खौफनाक जगह को देखने पहुंच रहे हैं जहां से मंगेतर सिया ने केतन को खाई में धक्का दिया था। पर्यटकों ने इस जगह का नाम ‘सिया पॉइंट’ (Siya Point) रख दिया है। भीड़ को बेकाबू होता देख और मामले की संवेदनशीलता के कारण पुणे पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए लोहागढ़ किले में एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
पुलिस ने लोहागढ़ किले पर क्यों लगाई अस्थायी रोक?
मंगलवार को पुणे पुलिस ने अचानक एक्शन लेते हुए लोहागढ़ किले को अगले आदेश तक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया। इसके पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं:
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फॉरेंसिक और पुलिस जांच में बाधा: पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की जांच टीम जल्द ही घटना का क्राइम सीन रिक्रिएशन (Crime Scene Recreation) करने के लिए उस सटीक चट्टान पर पहुंचने वाली है, जहां से केतन को धक्का दिया गया था। पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण अहम सबूत नष्ट होने का खतरा बना हुआ था।
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सुरक्षा और कानून व्यवस्था: मंगलवार को जो लोग पहले से किले के ऊपर चढ़ चुके थे, पुलिस ने उन्हें भी दिन में ही सुरक्षित नीचे उतार लिया। किले के मुख्य द्वार को बंद कर बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई भी कानून व्यवस्था न बिगाड़ सके।
ऐतिहासिक धरोहर पर ‘सिया पॉइंट’ देखने की होड़, 50% बढ़ी भीड़
लोहागढ़ किला 10वीं सदी का एक बेहद महत्वपूर्ण और भव्य किला है, जो छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास से जुड़ा है और यह यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में भी दर्ज है। लगभग दो-तीन घंटे की कठिन ट्रेकिंग के बाद यहां से प्रकृति का बेहद खूबसूरत नजारा दिखता है।
लेकिन इन दिनों इस ऐतिहासिक जगह पर आने वालों की संख्या में अचानक 50 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हो गया है:
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वीकेंड का रिकॉर्ड: अधिकारियों के मुताबिक, पहले जहां छुट्टियों (वीकेंड) पर करीब 1000 लोग आते थे, वहीं अब यह आंकड़ा 1500 के पार पहुंच गया है।
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वर्किंग डेज में भीड़: सोमवार से शुक्रवार के बीच पहले जहां महज 400 पर्यटक आते थे, वहीं अब कामकाजी दिनों में भी 600 से ज्यादा लोग रोज पहुंच रहे हैं।
अन्य राज्यों से भी पहुंच रहे लोग, सिर्फ ‘मर्डर केस’ की चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोहागढ़ पहुंचने वाले लोग महाराष्ट्र के अलावा अन्य राज्यों से भी सिर्फ इस मर्डर मिस्ट्री की उत्सुकता में आ रहे हैं। किले के बाहर इंतजार कर रहे एक विजिटर ने बताया, “हम पहले किसी और जगह घूमने जाने वाले थे, लेकिन जब से पूरे महाराष्ट्र में केतन अग्रवाल और सिया की खबरें सुर्खियों में आई हैं, हम खुद को रोक नहीं पाए। हम बस यह देखना चाहते हैं कि आखिर वह कौन सी जगह है, जहां से मंगेतर ने इतनी बेरहमी से केतन को धक्का दे दिया।” किले के आसपास केवल सिया के धोखे और केतन की हत्या की ही चर्चाएं गर्म हैं।
क्या है पूरा केतन अग्रवाल मर्डर केस?
पुणे के रहने वाले एक रसूखदार रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की यह खौफनाक साजिश 18 जून को रची गई थी।
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साजिश और गिरफ्तारी: आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके गुप्त प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने केतन को घूमने के बहाने लोहागढ़ किले की एक ऊंची चट्टान पर बुलाया और वहां से नीचे गहरी खाई में धक्का दे दिया, जिससे केतन की मौके पर ही मौत हो गई।
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नवंबर में होनी थी शादी: हैरान करने वाली बात यह है कि केतन और सिया की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों (सिया और चेतन) को गिरफ्तार कर लिया है और कोर्ट ने उन्हें 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब चेतन का ‘गेट एनालिसिस टेस्ट’ (चाल की जांच) भी कराने की तैयारी में है।
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