बढ़ती उम्र में भी बना रहेगा चेहरे का निखार और फिटनेस, बीमारियों से रहेंगी कोसों दूर

उम्र बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव आते हैं। अक्सर 30 और 40 की उम्र पार करते ही मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है, हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और त्वचा की प्राकृतिक चमक कम होने लगती है। ऐसे में खुद को सेहतमंद और सुंदर बनाए रखने के लिए महिलाओं को अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव करने बेहद जरूरी हैं।

यदि आप जिम जाकर भारी एक्सरसाइज नहीं करना चाहती हैं, तो आयुर्वेद और योग विज्ञान आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है। रोजाना सिर्फ 30 मिनट इन 7 विशेष योगासनों का अभ्यास करने से महिलाएं बढ़ती उम्र में भी खुद को पूरी तरह फिट, तनावमुक्त और हर बीमारी से दूर रख सकती हैं। आइए जानते हैं इन आसनों के अद्भुत फायदे।

1. भुजंगासन (Cobra Pose): चेहरे पर लाएगा कुदरती निखार और बढ़ाएगा लचीलापन

बढ़ती उम्र की महिलाओं के लिए भुजंगासन को सर्वोत्तम माना गया है। इस आसन को करते समय जब रीढ़ की हड्डी पीछे की तरफ मुड़ती है, तो शरीर के ऊपरी हिस्से में बहुत अच्छा खिंचाव आता है। इससे फेफड़े मजबूत होते हैं और चेहरे की तरफ रक्त का प्रवाह (Blood Circulation) तेजी से बढ़ता है, जिससे चेहरे पर एक अलग ही कुदरती चमक और निखार आता है।

2. धनुरासन (Bow Pose): वजन को रखेगा नियंत्रित और शरीर को देगा सुडौल आकार

यदि आप बढ़ते वजन या मोटापे से परेशान हैं, तो धनुरासन आपके लिए रामबाण साबित हो सकता है। यह आसन आपके पेट की चर्बी को तेजी से कम करने में मदद करता है और पूरे शरीर की मांसपेशियों को अच्छी तरह से स्ट्रेच करता है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर सुडौल, सुगठित और लचीला बनता है।

3. तितली आसन (Butterfly Pose): पीरियड्स की अनियमितता को करेगा दूर

महिलाओं में मासिक धर्म (Periods) से जुड़ी समस्याएं और क्रैम्प्स होना बेहद आम बात है। तितली आसन महिलाओं के पेल्विक एरिया (कमर के निचले हिस्से) की मांसपेशियों को खोलता है। यह आसन न केवल पीरियड्स को नियमित रखने में मदद करता है, बल्कि जांघों, कूल्हों और पैरों की मांसपेशियों को भी फौलादी मजबूती देता है।

4. चक्की चालनासन (Mill Churning Pose): गर्भाशय और आंतरिक अंगों को बनाएगा मजबूत

यह एक बेहद पारंपरिक और प्रभावी योगासन है। चक्की चालनासन का अभ्यास करने से महिलाओं के पेट के आंतरिक अंग जैसे गर्भाशय (Uterus), अंडाशय (Ovaries) और गुर्दे (Kidneys) सक्रिय और बेहद मजबूत होते हैं। यह आसन महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य (Reproductive Health) को बेहतर बनाए रखने में बहुत मददगार है।

5. बालासन (Child’s Pose): मानसिक तनाव और शरीर के दर्द से दिलाएगा तुरंत राहत

भागदौड़ भरी जिंदगी और घर-ऑफिस की दोहरी जिम्मेदारी के कारण महिलाएं अक्सर तनाव (Stress) का शिकार हो जाती हैं। बालासन एक रिलैक्सिंग पोज है। इसे करने से पूरे शरीर की नसों को आराम मिलता है, पीठ और गर्दन के दर्द से राहत मिलती है और यह दिमाग को शांत कर मानसिक तनाव को पूरी तरह दूर भगाता है।

6. उत्कटासन (Chair Pose): कमर, कूल्हों और पैरों को देगा परफेक्ट शेप

इस आसन को अंग्रेजी में ‘चेयर पोज’ भी कहा जाता है। यह व्यायाम विशेष रूप से महिलाओं की कमर, कूल्हों और जांघों के निचले हिस्से के फैट को टोन करने के लिए सबसे अच्छा है। यह पैरों के जोड़ों को मजबूत बनाता है और उन्हें एक बेहद खूबसूरत और सुडौल आकार देने में मदद करता है।

7. सेतु बंधासन (Bridge Pose): पीठ और कमर दर्द से परमानेंट छुटकारा

लगातार बैठकर काम करने या कैल्शियम की कमी के कारण महिलाओं में पीठ और रीढ़ की हड्डी में दर्द की समस्या आम हो जाती है। सेतु बंधासन शरीर के निचले हिस्से (Lower Body) को जबरदस्त मजबूती प्रदान करता है। यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पीठ, कमर व कूल्हों के पुराने से पुराने दर्द से भी राहत दिलाता है।

विशेष योगा टिप्स: योगासनों का अभ्यास हमेशा सुबह खाली पेट या शाम को भोजन करने के कम से कम 3-4 घंटे बाद ही करें। शुरुआत में किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही आसनों को सीखें और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही खिंचाव करें।

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