बिना बात के आता है गुस्सा और चिड़चिड़ापन? समझें आपके शरीर में है इन जरूरी विटामिन्स की भारी कमी

नई दिल्ली/लखनऊ: एक खुशहाल और स्वस्थ जीवन जीने के लिए मानसिक रूप से शांत रहना बेहद जरूरी है। अच्छा मूड न केवल हमारे दिन को शानदार बनाता है, बल्कि तनाव (Stress) को भी कोसों दूर रखता है। लेकिन क्या आपके साथ ऐसा अक्सर होता है कि अचानक बिना किसी वजह के आपका मूड खराब हो जाता है, छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ाहट होने लगती है या तेज गुस्सा आ जाता है?

अक्सर हम इन मानसिक बदलावों या मूड स्विंग्स (Mood Swings) के लिए केवल काम के दबाव या मनोवैज्ञानिक कारणों को जिम्मेदार मानते हैं। लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार, इसके पीछे आपके शरीर में हो रही जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स की छिपी हुई कमी भी एक बहुत बड़ा कारण हो सकती है। हमारा भोजन सिर्फ भूख मिटाने के लिए नहीं, बल्कि हमारे मस्तिष्क (Brain) को सही तरीके से चलाने के लिए भी जरूरी है।

मस्तिष्क और मूड पर कैसे असर डालती है पोषक तत्वों की कमी?

हमारे शरीर को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए भोजन के जरिए कई तरह के सूक्ष्म पोषक तत्वों (Micronutrients) की आवश्यकता होती है। जब हमारे दैनिक आहार में इन तत्वों की कमी होने लगती है, तो इसका सीधा और नकारात्मक असर हमारे नर्वस सिस्टम पर पड़ता है।

विभिन्न अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा अध्ययनों के अनुसार, शरीर में विटामिन्स की कमी होने पर व्यक्ति को चीजों को याद रखने (Memory loss), किसी काम में ध्यान केंद्रित करने (Focus), सकारात्मक सोचने और स्पष्ट निर्णय लेने में भारी कठिनाई होने लगती है। यही मानसिक उलझन आगे चलकर गंभीर चिड़चिड़ेपन और डिप्रेशन का रूप ले लेती है।

नोट कर लें नाम: इन विटामिन्स और मिनरल्स की कमी से बिगड़ता है मूड

यदि आप बार-बार मूड बदलने की समस्या से जूझ रहे हैं, तो मुमकिन है कि आपके शरीर में नीचे दिए गए पोषक तत्वों का स्तर कम हो गया हो:

महत्वपूर्ण विटामिन्स की कमी:

  • विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स (विशेषकर B12 और B6): यह विटामिन हमारे मस्तिष्क के उन रसायनों (Neurotransmitters) को नियंत्रित करता है जो खुशी और शांति का अहसास कराते हैं।

  • विटामिन डी: जिसे हम सनशाइन विटामिन भी कहते हैं। इसकी कमी का सीधा संबंध डिप्रेशन और एंग्जायटी (घबराहट) से पाया गया है।

  • विटामिन सी और विटामिन ई: ये दोनों शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स हैं, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाते हैं।

जरूरी खनिजों (Minerals) की कमी:

विटामिन्स के अलावा शरीर में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन (लोहा), जिंक, सेलेनियम और क्रोमियम जैसे मिनरल्स की कमी भी हमारे मूड ग्राफ को अचानक ऊपर-नीचे करने के लिए जिम्मेदार होती है। उदाहरण के लिए, आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया (खून की कमी) व्यक्ति को हर समय थका हुआ और चिड़चिड़ा बना देता है।

मूड को हमेशा बूस्ट और हैप्पी रखने के लिए डाइट में करें ये 7 बदलाव

अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को पूरी तरह दुरुस्त रखने के लिए आपको अपने रोजमर्रा के खान-पान में इन बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए:

  • ताजे फल और हरी सब्जियां: अपने भोजन में मौसमी ताजे फलों और हरी पत्तेदार सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं। ये विटामिन्स का सबसे शुद्ध स्रोत हैं।

  • डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन: कैल्शियम और विटामिन डी की पूर्ति के लिए दूध, दही, पनीर और छाछ को अपने दैनिक आहार में नियमित रूप से शामिल करें।

  • सूखे मेवे और बीज: रोज सुबह बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds) या अलसी के बीज खाएं। इनमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड मूड को बेहतर बनाता है।

  • साबुत अनाज (Whole Grains): मैदे से बनी चीजों को छोड़कर चोकरयुक्त आटा, ओट्स और ब्राउन राइस जैसी चीजों का सेवन बढ़ाएं।

  • जंक फूड से तौबा: बाहर के अत्यधिक तैलीय, डिब्बाबंद और जंक फूड खाने से पूरी तरह बचें। यह शरीर में सूजन (Inflammation) को बढ़ाता है जिससे मानसिक स्वास्थ्य खराब होता है।

  • चीनी, नमक और तेल पर कंट्रोल: अपने भोजन में सफेद चीनी, अत्यधिक नमक और रिफाइंड तेल का इस्तेमाल बेहद सीमित मात्रा में करें।

  • चेकअप कराएं: यदि सही खान-पान के बाद भी आपका व्यवहार असामान्य रूप से चिड़चिड़ा रहता है या गुस्सा काबू में नहीं आता, तो डॉक्टर की सलाह से एक बार अपना कंप्लीट ब्लड टेस्ट (विशेषकर Vitamin B12 और D3) जरूर करवाएं।

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