
चीन के दक्षिणी हिस्से से सोमवार सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। चीन के गुआंग्शी (Guangxi) प्रांत में सोमवार तड़के आए भीषण भूकंप के झटकों के कारण भारी तबाही हुई है। इस प्राकृतिक आपदा में कई बड़ी इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं, जिसके मलबे में दबने से दो लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हैं। फिलहाल प्रभावित इलाके में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य (Rescue Operations) चलाया जा रहा है।
रात 12:21 बजे आया भूकंप, रिक्टर स्केल पर 5.2 रही तीव्रता
चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिंहुआ (Xinhua) के मुताबिक, यह भूकंप गुआंग्शी प्रांत के लिउझोउ (Liuzhou) शहर में रात के ठीक 12:21 बजे आया, जब अधिकांश लोग सो रहे थे।
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तीव्रता: भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.2 मापी गई, जो इमारतों को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी मानी जाती है।
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हताहतों की जानकारी: मलबे की चपेट में आने से एक 63 वर्षीय बुजुर्ग पुरुष और 53 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में घायल 4 लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों के मुताबिक वे खतरे से बाहर हैं। वहीं, एक व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है जिसकी तलाश जारी है।
13 इमारतें हुईं धराशायी, मलबे के लगे ढेर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार तड़के आए इन तेज झटकों की वजह से इलाके की 13 बड़ी इमारतें पूरी तरह ढह गईं।
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सोशल मीडिया और चीनी मीडिया द्वारा जारी वीडियोज में देखा जा सकता है कि भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग अपनी जान बचाने के लिए ऊंची-ऊंची बहुमंजिला इमारतों से नीचे खुले मैदान की तरफ भाग रहे हैं।
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ढह चुके मकानों के स्थान पर मलबे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं, जिसके कारण स्थानीय रास्ते भी ब्लॉक हो गए हैं।
बुनियादी सेवाएं सामान्य, यातायात प्रभावित
राहत की बात यह है कि इस आपदा के बावजूद प्रभावित क्षेत्र में फोन लाइनें, बिजली, पानी, गैस की सप्लाई और गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। हालांकि, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे अधिकारियों ने पटरियों (Tracks) की जांच शुरू कर दी है, जिसके कारण ट्रेनों के संचालन और रेल-सड़क यातायात पर थोड़ा असर पड़ा है और अधिकारियों ने इसके लिए एडवाइजरी जारी की है।
स्निफर डॉग्स और भारी मशीनों के जरिए बचाव कार्य जारी
भूकंप की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और इमरजेंसी सर्विसेज की टीमें खोजी कुत्तों (Sniffer Dogs) के साथ मौके पर पहुंच गईं।
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जिंदगी की तलाश: मलबे के बीच से रास्ता बनाते हुए बचाव दल के जवान खोजी कुत्तों की मदद से मलबे के नीचे दबे संभावित जीवित लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
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मलबे को हटाने का काम: हेलमेट पहने इमरजेंसी कर्मचारी भारी खुदाई मशीनों (Excavators) और क्रेन के जरिए मलबे को हटाने के काम में जुटे हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस लापता व्यक्ति को जल्द से जल्द ढूंढने और मलबे के नीचे फंसे किसी भी अन्य नागरिक को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। सुरक्षा के लिहाज से हजारों स्थानीय निवासियों को अस्थायी रूप से सुरक्षित शिविरों में शिफ्ट किया जा रहा है।
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