उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों के दौरान मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि चारों तरफ सिर्फ तबाही के निशान नजर आ रहे हैं। 13 और 14 मई को राज्य के विभिन्न हिस्सों में आई भीषण आंधी, मूसलाधार बारिश और आसमानी बिजली ने भारी तबाही मचाई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 111 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। तबाही का मंजर इतना खौफनाक है कि इसकी गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दे रही है।
पुतिन और वैश्विक नेताओं ने साझा किया भारत का दर्द
इस भीषण त्रासदी पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पुतिन ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संवेदना संदेश भेजते हुए पीड़ितों के प्रति एकजुटता जताई है। क्रेमलिन द्वारा जारी बयान में पुतिन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हुई जान-माल की भारी हानि से वे मर्माहत हैं। इसके अलावा, सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्रालय ने भी इस संकट की घड़ी में भारत के साथ खड़े होने और प्रभावित परिवारों के लिए प्रार्थना करने का संदेश जारी किया है।
मलबे के ढेर में बदले आशियाने और उखड़े बिजली के खंभे
राहत आयुक्त कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस चक्रवाती तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे ताश के पत्तों की तरह ढह गए। प्रदेश के 26 जिलों से मौत की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस आपदा में अब तक 170 पशुओं की जान गई है और करीब 227 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रयागराज और भदोही जैसे जिले इस आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जहां मौतों का आंकड़ा दहाई की संख्या को पार कर गया है।
जिलावार मौतों का आंकड़ा: कहां मची कितनी तबाही
प्रशासनिक रिपोर्टों के अनुसार, प्रयागराज में सबसे ज्यादा 26 लोगों की मौत हुई है। वहीं भदोही में 16, फतेहपुर में 9, बदायूं में 5 और प्रतापगढ़ में 4 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इसके अलावा चंदौली, कुशीनगर, कानपुर देहात और देवरिया में भी कई लोगों की मृत्यु की खबर है। सोनभद्र में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि ज्यादातर मौतें दीवार गिरने, पेड़ उखड़ने और आसमानी बिजली की चपेट में आने के कारण हुई हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए राहत के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्राकृतिक आपदा का तत्काल संज्ञान लेते हुए युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संभागीय आयुक्तों को निर्देश दिया है कि वे 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आपदा राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजस्व और कृषि विभाग को फसलों के नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट जल्द से जल्द सरकार को सौंपने को कहा गया है ताकि किसानों को उचित मुआवजा दिया जा सके।
सावधानी और बचाव ही एकमात्र रास्ता
मौसम विभाग ने आने वाले कुछ घंटों के लिए अभी भी सतर्क रहने की चेतावनी दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों और जर्जर इमारतों के नीचे शरण न लें। बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें। राज्य सरकार की टीमें प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने और सड़कों से गिरे हुए पेड़ों को हटाने के काम में जुटी हुई हैं
The News 11 – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया
