नई दिल्ली: अरब सागर में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ओमान के तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए ताजा हमले ने भारत सरकार को कड़ा रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना की तीखी निंदा करते हुए इसे पूरी तरह से ‘अस्वीकार्य’ और ‘असहनीय’ करार दिया है। गनीमत यह रही कि ओमान के अधिकारियों की तत्परता से जहाज पर सवार सभी भारतीय क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया है।
विदेश मंत्रालय का सख्त संदेश: “यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा”
भारत के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि व्यावसायिक जहाजों और निर्दोष नाविकों को बार-बार निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का खुला उल्लंघन है। मंत्रालय ने कहा, “व्यावसायिक नौवहन को बाधित करना और नागरिकों की जान जोखिम में डालना ऐसी हरकतें हैं जिनसे हर हाल में बचना चाहिए।” भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर काम करें।
अमेरिका-ईरान युद्ध की आग में झुलस रहा समुद्री मार्ग
यह हमला उस वक्त हुआ है जब पूरा क्षेत्र युद्ध की भीषण आग में झुलस रहा है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और ईरानी सर्वोच्च नेता की मौत के बाद से मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी दी है, जिसके बाद से व्यापारी जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की बाढ़ आ गई है। ओमान के पास हुई यह घटना इसी क्षेत्रीय संघर्ष का हिस्सा मानी जा रही है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर गहराता साया
समुद्री रास्तों पर जारी इस असुरक्षा ने भारतीय नाविकों के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ महीनों में भारतीय चालक दल के सदस्यों ने इस संघर्ष की भारी कीमत चुकाई है।
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1 मार्च 2026: तेल टैंकर ‘स्काईलाइट’ पर हुए हमले में दो भारतीय नाविकों की जान गई थी।
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अन्य हमले: ‘MKD VYOM’ और ‘Ayeh’ जैसे जहाजों पर हुए हमलों में भी भारतीय नागरिक हताहत हुए हैं।
भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि देश का करीब 95% व्यापार समुद्री मार्गों के जरिए ही होता है।
सुरक्षा के लिए अलर्ट मोड पर भारतीय नौसेना
घटना के बाद भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने इस क्षेत्र में अपनी निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, हमले की प्रकृति (ड्रोन या मिसाइल) की बारीकी से जांच की जा रही है। भारत सरकार ने खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय नौसेना गठबंधन के साथ संपर्क तेज कर दिया है ताकि व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनाया जा सके। फिलहाल, सभी भारतीय वाणिज्यिक जहाजों को उच्चतम स्तर के सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी गई है।
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