चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में सरकार गठन को लेकर जारी खींचतान के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। केवल एक सीट पर सिमटने वाली भाजपा ने साफ कर दिया है कि वह सत्ता के इस खेल में ‘किंगमेकर’ बनने की कोशिश नहीं करेगी और न ही किसी गठबंधन का हिस्सा बनेगी।
जनादेश का सम्मान: भाजपा ने स्वीकार की हार
तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि पार्टी जनता के फैसले को शालीनता से स्वीकार करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरे उत्साह के साथ विकास के एजेंडे पर चुनाव लड़ी थी, लेकिन जनता ने उन्हें सरकार बनाने का जनादेश नहीं दिया है।
पार्टी ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर घोषणा की है कि वह सरकार गठन की प्रक्रिया से खुद को पूरी तरह तटस्थ (Neutral) रखेगी। भाजपा न तो किसी दल को समर्थन देगी और न ही सरकार बनाने के किसी प्रयास में सक्रिय भागीदारी करेगी।
सरकार बनाने की दौड़ में ‘थलापति’ विजय सबसे आगे
एक तरफ जहां भाजपा ने खुद को रेस से बाहर कर लिया है, वहीं सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार बनाने के बेहद करीब पहुंच गई है।
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सबसे बड़ी पार्टी: 108 सीटों के साथ TVK राज्य में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है।
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गठबंधन का गणित: विजय को कांग्रेस, CPI और CPI-M जैसे प्रमुख दलों का प्रभावी समर्थन मिल चुका है।
बहुमत के लिए VCK पर टिकी नजरें
234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए छोटी पार्टियों की भूमिका ‘लाइफलाइन’ बन गई है। फिलहाल सबकी नजरें विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) पर टिकी हैं।
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निर्णायक बैठक: VCK की उच्च-स्तरीय समिति आज बैठक कर रही है जिसमें TVK को समर्थन देने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
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संख्या बल: विधानसभा में CPI, CPI-M और VCK तीनों के पास 2-2 विधायक हैं।
यदि VCK अपना समर्थन TVK को दे देती है, तो विजय के नेतृत्व वाला गठबंधन बहुमत के आंकड़े को पार कर लेगा और तमिलनाडु में एक नए युग की शुरुआत हो जाएगी।
विपक्ष में बैठने की तैयारी
भाजपा के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि पार्टी सदन में एक रचनात्मक विपक्ष या तटस्थ भूमिका में रहेगी। नैनार नागेंद्रन ने दोहराया, “हम सरकार बनाने के प्रयासों में शामिल किसी भी पार्टी के समर्थन में अपना वोट नहीं देंगे।”
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