नई दिल्ली, हेल्थ डेस्क। अमूमन हम पेट के घेरे या बढ़ती चर्बी (Belly Fat) को सिर्फ खराब फिटनेस और लुक से जोड़कर देखते हैं, लेकिन हाल ही में हुई एक नई मेडिकल रिसर्च ने होश उड़ा देने वाला खुलासा किया है। शोध के अनुसार, आपके पेट पर जमी चर्बी का सीधा कनेक्शन आपके दिमाग की उम्र से है। रिसर्च बताती है कि मध्य आयु (Middle Age) में अगर पेट की चर्बी नियंत्रित न की जाए, तो यह दिमाग के बूढ़े होने की प्रक्रिया को तेज कर सकती है।
क्या कहती है ‘नेचर कम्युनिकेशंस’ की यह चौंकाने वाली रिपोर्ट?
दिमाग को जवां रखने का ‘सीक्रेट’ अब पेट की फिटनेस में छिपा नजर आ रहा है। प्रसिद्ध पत्रिका ‘नेचर कम्युनिकेशंस’ में प्रकाशित इस अध्ययन में पहली बार MRI स्कैन के जरिए पेट की आंतरिक चर्बी (Visceral Fat) और मस्तिष्क की बौद्धिक क्षमता के बीच गहरे संबंध को मापा गया है।
इस शोध की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 533 पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया गया और पूरे 16 वर्षों तक उनकी सेहत का बारीकी से विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों के पेट पर चर्बी कम थी, उनके मस्तिष्क के टिश्यू (Brain Tissue) सुरक्षित थे और उनके सिकुड़ने की गति बहुत धीमी पाई गई।
ग्लूकोज और इंसुलिन: पेट और दिमाग के बीच की मुख्य कड़ी
अब आप सोच रहे होंगे कि पेट का दिमाग से क्या लेना-देना? शोध के निष्कर्षों के अनुसार, इन दोनों के बीच का मुख्य पुल ‘ग्लूकोज कंट्रोल’ और ‘इंसुलिन संवेदनशीलता’ है। शरीर में शुगर का अनियंत्रित स्तर और इंसुलिन के प्रति कमजोर प्रतिक्रिया यह तय करती है कि पेट की चर्बी आपके न्यूरॉन्स पर कैसा असर डालेगी।
सरल शब्दों में कहें तो, पेट की आंतरिक चर्बी शरीर में ऐसे बदलाव लाती है जो मस्तिष्क की संरचनाओं को नुकसान पहुँचाते हैं। इससे ढलती उम्र में याददाश्त कमजोर होने और सोचने-समझने की शक्ति घटने का खतरा बढ़ जाता है।
कैसे बचाएं अपने दिमाग को बूढ़ा होने से?
रिसर्च की प्रमुख शोधकर्ता आइरिस शाई ने एक उम्मीद की किरण दिखाई है। उनके मुताबिक, अगर हम मिडिल एज में अपने शरीर के ग्लूकोज लेवल को मैनेज कर लें और एक्सरसाइज व सही खान-पान से पेट की आंतरिक चर्बी को घटा लें, तो दिमाग को कमजोर होने से बचाया जा सकता है। यह एक ऐसा लक्ष्य है जिसे आसानी से मापा और हासिल किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह शोध उन लोगों के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है जो वजन बढ़ने को गंभीरता से नहीं लेते। याद रखें, पेट घटाना अब सिर्फ अच्छी फोटो खिंचवाने के लिए नहीं, बल्कि बुढ़ापे में अपनी याददाश्त और बौद्धिक क्षमता को सुरक्षित रखने के लिए भी जरूरी है।
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