नई दिल्ली: गर्मियों का मौसम हो और सामने लाल-रसीला तरबूज हो, तो खुद को रोकना मुश्किल होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका पसंदीदा फल आपकी जान का दुश्मन भी बन सकता है? हाल ही में मुंबई और छत्तीसगढ़ से आए तरबूज खाने के बाद मौत और फूड पॉइजनिंग के मामलों ने सबको डरा दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फल खराब नहीं होता, बल्कि उसे खाने का गलत तरीका और गलत समय जानलेवा साबित होता है। डॉ. विनोद शर्मा के अनुसार, तरबूज खाते समय की गई छोटी सी लापरवाही पेट में जहर (Food Poisoning) बना सकती है।
तरबूज: सेहत का खजाना या बीमारी का घर?
तरबूज में विटामिन A, C, पोटेशियम और लाइकोपीन जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इसमें 90% पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखता है। लेकिन, इसकी यही खूबी तब समस्या बन जाती है जब हम इसे गलत चीजों के साथ मिला देते हैं।
तरबूज खाने के दौरान भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां
1. रात के समय तरबूज का सेवन:
अक्सर लोग डिनर के बाद या रात को सोने से पहले तरबूज खाते हैं, जो सबसे बड़ी गलती है। तरबूज पचने में भारी होता है। रात में मेटाबॉलिज्म धीमा होने के कारण यह पच नहीं पाता, जिससे रात भर पेट में गैस, ऐंठन और सुबह उल्टी-दस्त की समस्या हो सकती है।
2. तरबूज के तुरंत बाद पानी पीना:
हमारे बुजुर्ग हमेशा तरबूज के बाद पानी पीने से मना करते थे, और वे सही थे। तरबूज में खुद बहुत पानी होता है। इसके ऊपर से पानी पीने से पेट का डाइजेस्टिव एसिड पतला हो जाता है, जिससे पाचन क्रिया रुक जाती है और भयंकर ब्लोटिंग या एसिडिटी हो सकती है।
3. हैवी या नॉन-वेज खाने के साथ मेल:
छत्तीसगढ़ और मुंबई के मामलों में सबसे बड़ी वजह यही सामने आई है। तरबूज खाने के तुरंत बाद या पहले चिकन-मटन या ज्यादा तेल-मसाले वाला खाना ‘स्लो पॉइजन’ की तरह काम करता है। तरबूज की तासीर ठंडी है और गरिष्ठ भोजन गर्म होता है, इनका मेल पेट में इन्फेक्शन पैदा कर देता है।
क्या है तरबूज खाने का ‘गोल्डन रूल’ और सही समय?
अगर आप बीमार नहीं पड़ना चाहते, तो इन बातों का गांठ बांध लें:
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सही समय: तरबूज खाने का सबसे अच्छा समय दोपहर का है। आप इसे सुबह के नाश्ते के बाद भी खा सकते हैं।
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खाली पेट से बचें: इसे एकदम खाली पेट न खाएं, कुछ हल्का खाने के बाद ही इसका सेवन करें।
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आधे घंटे का गैप: तरबूज खाने के कम से कम 30-45 मिनट बाद तक कुछ भी न पिएं और न ही खाएं।
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ताजा ही खाएं: काफी देर से कटा हुआ या फ्रिज में रखा हुआ पुराना तरबूज बैक्टीरिया का घर होता है। हमेशा तुरंत काटकर ही खाएं।
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मात्रा का ध्यान: एक बार में 2-3 स्लाइस काफी हैं। डायबिटीज के मरीजों को इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए।
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