
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब भी नवग्रहों के राजा सूर्य, ग्रहों के राजकुमार बुध और धन-ऐश्वर्य के प्रदाता शुक्र का गोचर होता है, तो ब्रह्मांड में कई शुभ और कल्याणकारी योगों का निर्माण होता है। सितंबर का महीना ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय गणनाओं के लिहाज से अत्यंत दुर्लभ और प्रभावशाली साबित होने वाला है। पंचांगीय गणना के अनुसार, इस माह ग्रहों के राशि परिवर्तन से 3 बड़े और शक्तिशाली राजयोगों का निर्माण एक साथ होने जा रहा है।
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इन राजयोगों का प्रभाव देश-दुनिया की आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देगा। कुंडली में राजयोग का निर्माण व्यक्ति को रंक से राजा बनाने की क्षमता रखता है। इन शुभ योगों के प्रभाव से कई राशि के जातकों को जीवन में लंबे समय से रुके हुए धन की प्राप्ति होगी, करियर में मनचाही पदोन्नति मिलेगी और भौतिक सुख-साधनों में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।
सितंबर 2026 में ग्रहों के गोचर से बन रहा दुर्लभ महासंयोग
सितंबर के महीने में ग्रहों की चाल में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। ग्रहों के राजकुमार बुध अपनी स्वराशि और उच्च राशि कन्या में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही आत्मा और मान-सम्मान के कारक सूर्य देव का भी कन्या राशि में गोचर होगा। वहीं दूसरी ओर सुख, सौंदर्य और विलासिता के कारक ग्रह शुक्र का गोचर भी इन ग्रहों के साथ अद्भुत युति बनाएगा।
इन महत्वपूर्ण ग्रहों की स्थिति बदलने से पूरे महीने सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। विशेष रूप से जब कोई ग्रह अपनी उच्च या मूल त्रिकोण राशि में होता है, तो वह अत्यंत बलवान होकर जातक को राजसी सुख प्रदान करता है। सितंबर में बनने वाले 3 राजयोग सदियों बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना रहे हैं जो कई राशियों की बंद किस्मत के ताले खोलने वाला है।
सितंबर में बनने वाले 3 प्रमुख राजयोग और उनका ज्योतिषीय महत्व
1. बुधादित्य राजयोग: मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता में जबरदस्त वृद्धि वैदिक ज्योतिष में सूर्य और बुध की युति से बनने वाले योग को ‘बुधादित्य राजयोग’ कहा जाता है। इसे राजयोगों में अत्यंत प्रतिष्ठित माना गया है। सूर्य आत्मबल, सरकारी पद, नेतृत्व और यश के कारक हैं, जबकि बुध बुद्धि, वाणी, व्यापार और तार्किक क्षमता के स्वामी हैं। जब ये दोनों ग्रह एक साथ कन्या राशि में गोचर करेंगे, तो बुधादित्य योग का निर्माण होगा। यह योग जातकों को प्रशासनिक सेवाओं में सफलता, उच्च पद की प्राप्ति, सरकारी कार्यों में अटकी फाइलों का निपटारा और समाज में विशिष्ट मान-प्रतिष्ठा प्रदान करता है।
2. भद्र राजयोग: पंचमहापुरुष योग से व्यापार और बुद्धि का होगा विस्तार ज्योतिष शास्त्र में ‘भद्र राजयोग’ को पंचमहापुरुष योगों में से एक अत्यंत दुर्लभ और बलवान योग माना गया है। यह योग तब बनता है जब बुध ग्रह अपनी स्वराशि मिथुन या अपनी उच्च राशि कन्या में होकर केंद्र भाव (पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव) में विराजमान होते हैं। भद्र राजयोग के प्रभाव से जातक की तार्किक क्षमता, भाषण कला, व्यापारिक सूझबूझ और बौद्धिक क्षमता में चमत्कारी सुधार होता है। जो लोग मीडिया, मार्केटिंग, संचार, बैंकिंग, शेयर बाजार, वकालत और लेखन क्षेत्र से जुड़े हैं, उनके लिए यह योग धन के नए द्वार खोलता है।
3. लक्ष्मी नारायण राजयोग: धन के भंडार और भौतिक सुख-सुविधाओं की होगी बरसात बुध और शुक्र के एक साथ आने से बनने वाला ‘लक्ष्मी नारायण राजयोग’ ऐश्वर्य और धन की दृष्टि से सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। शुक्र को धन, वैभव, विलासिता और प्रेम का कारक माना जाता है, वहीं बुध बुद्धि के देवता हैं। जब बुद्धि और धन का आपस में मेल होता है, तो जातक के जीवन में दरिद्रता का पूरी तरह नाश हो जाता है। इस योग के प्रभाव से नए घर, वाहन, आभूषण खरीदने के योग बनते हैं और दांपत्य जीवन में अपार सुख की प्राप्ति होती है।
इन भाग्यशाली राशियों के जीवन में आएगा स्वर्णिम दौर, मिलेगा भरपूर धन लाभ
सितंबर 2026 में बन रहे इन 3 शक्तिशाली राजयोगों का सर्वाधिक सकारात्मक प्रभाव निम्नलिखित राशियों पर देखने को मिलेगा:
मेष राशि (Aries): आकस्मिक धन लाभ और पदोन्नति के योग मेष राशि के जातकों के लिए सितंबर का महीना किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा। आपके छठे और दसवें भाव में बनने वाले शुभ योग कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता दिलाएंगे। यदि आप लंबे समय से नौकरी बदलने या प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे, तो आपकी मनोकामना पूरी होगी। आपके विरोधी पूरी तरह परास्त होंगे। व्यापार में नए अनुबंध (Contracts) मिलने से आय में भारी उछाल आएगा। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद सुलझ सकता है, जिससे आकस्मिक धन लाभ के योग बनेंगे।
मिथुन राशि (Gemini): व्यापार में नई ऊंचाइयां और संपत्ति में वृद्धि मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध देव हैं, इसलिए इन राजयोगों का सीधा लाभ आपको मिलेगा। आपकी राशि के केंद्र भाव में भद्र और बुधादित्य योग बनने से समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। व्यापारी वर्ग के लिए यह समय नए बाजारों में विस्तार करने का है। यदि आप नया स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, तो यह महीना सबसे अनुकूल रहेगा। भूमि, भवन या नए चार पहिया वाहन की खरीदारी के प्रबल योग बन रहे हैं। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति रहेगी और माता-पिता का पूरा सहयोग मिलेगा।
कन्या राशि (Virgo): आत्मविश्वास में उछाल और करियर में नए अवसर कन्या राशि में ही बुध उच्च के होकर गोचर करेंगे और सूर्य व शुक्र की युति से त्रिग्रही योग भी बनेगा। आपकी लग्न राशि में भद्र और लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने से आपके व्यक्तित्व में एक अलग ही निखार आएगा। आपकी संवाद शैली और निर्णय लेने की क्षमता से लोग प्रभावित होंगे। जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं या उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें मनचाहा परिणाम मिलेगा। विदेश यात्रा के योग बनेंगे और विदेशी कंपनियों से लाभ के बड़े अवसर प्राप्त होंगे। धन संचय में आप पूरी तरह सफल रहेंगे।
धनु राशि (Sagittarius): भाग्य का पूरा साथ और कार्यक्षेत्र में बड़ा मुकाम धनु राशि के जातकों के लिए कर्म भाव में इन तीनों राजयोगों का निर्माण कार्यक्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव लेकर आएगा। आपके वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे और आपको किसी बड़े प्रोजेक्ट की कमान सौंपी जा सकती है। यदि आप आयात-निर्यात, कंसल्टेंसी या शिक्षण कार्य से जुड़े हैं, तो आय के कई नए स्रोत विकसित होंगे। परिवार के साथ किसी धार्मिक या तीर्थ यात्रा पर जाने की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य में जबरदस्त सुधार होगा और मानसिक तनाव से पूरी तरह राहत मिलेगी।
राजयोग के पूर्ण फल और समृद्धि के लिए करें ये विशेष वैदिक उपाय
यदि आपकी कुंडली में इन ग्रहों की स्थिति थोड़ी कमजोर भी है, तो कुछ आसान और अचूक वैदिक उपायों के माध्यम से इन राजयोगों का शत-प्रतिशत शुभ फल प्राप्त किया जा सकता है:
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सूर्य देव की उपासना: प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, रोली और लाल फूल डालकर उगते हुए सूर्य को ‘ॐ सूर्याय नमः’ या ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र बोलते हुए अर्घ्य दें।
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भगवान गणेश की पूजा: बुधवार के दिन भगवान श्री गणेश को 21 दूर्वा दल अर्पित करें और बेसन या मोदक का भोग लगाएं। इससे बुध ग्रह बलवान होता है और भद्र राजयोग का पूर्ण फल मिलता है।
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मां लक्ष्मी को खीर का भोग: शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी को मखाने की खीर या सफेद मिठाई का भोग लगाएं और श्रीसूक्त या कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। इससे लक्ष्मी नारायण राजयोग जागृत होता है और घर में कभी धन की कमी नहीं होती।
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गौ सेवा का महत्व: प्रतिदिन सुबह पहली रोटी गाय को गुड़ या हरी घास के साथ खिलाएं। इससे राहु और केतु के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं और नवग्रहों की कृपा बरसती है।
सितंबर 2026 में ग्रहों की यह दिव्य और दुर्लभ जुगलबंदी मानव जीवन को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने का स्वर्णिम अवसर लेकर आ रही है। सही समय पर सही निर्णय और सात्विक कर्मों के साथ आगे बढ़कर इन राजयोगों के शुभ प्रभाव का पूरा लाभ उठाया जा सकता है।
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