यूपी के बरेली में चलेगा नगर निगम का महा बुलडोजर: सरकारी जमीन, सड़क और नालों पर कब्जा करने वालों को थमाया नोटिस

उत्तर प्रदेश में सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन की सख्त नीति के तहत अब झुमका नगरी बरेली में व्यापक ‘बुलडोजर एक्शन’ की जमीन तैयार हो चुकी है। बरेली नगर निगम ने शहर की प्रमुख सड़कों, जल निकासी वाले नालों, पार्कों और बेशकीमती नगर निगम की जमीनों पर वर्षों से काबिज भू-माफियाओं व अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित संपत्ति और अतिक्रमण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में शहर के सभी चिन्हित अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का खाका खींचा गया। प्रशासन की ओर से कब्जाधारकों को वैधानिक नोटिस जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयावधि में कब्जा खुद नहीं हटाया गया, तो नगर निगम का प्रवर्तन दस्ता भारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर चलाकर जमीनों को मुक्त कराएगा।

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य की बैठक में सख्त फैसला: कब्जेदार खुद हटाएं अतिक्रमण वरना चलेगा बुलडोजर

बरेली नगर निगम मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शहर के कई प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों पर अस्थायी व स्थायी निर्माण खड़े कर लिए गए हैं, जिससे आए दिन भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न होती है और पैदल चलने वाले राहगीरों तक को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

बरेली नगर निगम की समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने संपत्ति विभाग और प्रवर्तन दल को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि शहर में एक-एक इंच सरकारी जमीन का रिकॉर्ड खंगाला जाए। जहां कहीं भी सार्वजनिक भूमि पर अवैध दुकानें, टीन शेड या पक्के निर्माण पाए जाते हैं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर नोटिस थमाया जाए। नगर आयुक्त ने दो टूक कहा कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के साथ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी और नोटिस की मियाद पूरी होते ही बुलडोजर चलाकर कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।

किला नदी क्षेत्र का होगा आधुनिक एरियल सर्वे: डूब क्षेत्र में अवैध कब्जेदारों पर कसेगा शिकंजा

बरेली शहर से गुजरने वाली ऐतिहासिक किला नदी के आसपास के इलाकों में हुए बड़े पैमाने पर अवैध निर्माणों पर प्रशासन की विशेष नजर है। मानसून के दौरान नदी के डूब क्षेत्र और किनारों पर कब्जे होने के कारण पानी का प्राकृतिक बहाव रुक जाता है, जिससे आसपास की बस्तियों में जलभराव का संकट खड़ा होता है।

इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम ने किला नदी क्षेत्र का एरियल सर्वे (ड्रोन सर्वे) कराने का निर्णय लिया है। तहसील प्रशासन की राजस्व टीम और नगर निगम के सर्वेक्षक संयुक्त रूप से ड्रोन कैमरों की मदद से नदी के प्रवाह क्षेत्र का नक्शा तैयार करेंगे। एरियल सर्वे के जरिए यह सटीक पहचान की जाएगी कि नदी की जमीन और ग्रीन बेल्ट पर किन-किन लोगों ने अवैध रूप से प्लाटिंग की है या पक्के निर्माण किए हैं। रिपोर्ट तैयार होते ही नदी के पूरे बहाव क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए वृहद डिमोलिशन ड्राइव चलाई जाएगी।

कुंवरपुर और ईंट पजाया चौराहे पर 1000 वर्ग गज जमीन: बाउंड्री पोल उखाड़ने वालों पर दर्ज होगी एफआईआर

नगर निगम की जमीनों पर कब्जे के मामलों में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वार्ड संख्या 56 कुंवरपुर में नगर निगम की करोड़ों रुपये की संपत्ति पर अवैध कब्जे की गंभीर शिकायत सामने आई थी। नगर आयुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसील की राजस्व टीम के साथ मौके पर जाकर जमीन की तत्काल पैमाइश कराने के निर्देश जारी किए हैं। जांच के दौरान यह बात भी प्रकाश में आई कि कुछ भू-माफियाओं ने नगर निगम द्वारा लगाए गए आधिकारिक बाउंड्री पोल (सीमा स्तंभ) तक उखाड़ फेंके हैं। प्रशासन ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अवैध कब्जा करने के आरोप में संबंधित तत्वों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में वैधानिक व कानूनी कार्रवाई (एफआईआर) करने का आदेश दिया है।

इसी क्रम में शहर के व्यस्त ईंट पजाया चौराहे पर नगर निगम की लगभग 1000 वर्ग गज बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से टीन शेड डालकर किए गए कब्जे को भी चिन्हित किया गया है। इस स्थान पर व्यवसायिक गतिविधियों के संचालन की शिकायतें मिली थीं, जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए टीन शेड को हटाने और जमीन को निगम के कब्जे में लेने का फरमान जारी किया गया है। वहीं संजयनगर इलाके में श्मशान भूमि से सटी नगर निगम की खाली जमीन पर भी कब्जे की शिकायत की जांच के बाद पैमाइश कराकर बाउंड्रीवाल से जमीन सुरक्षित की जाएगी।

सड़कों के बीच से हटेंगे बिजली के पोल: मुंशी नगर और नैनीताल रोड पर जाम से मिलेगी राहत

शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए केवल अतिक्रमण ही नहीं, बल्कि सड़कों के बीच बाधा बने बिजली के खंभों को भी हटाने की योजना बनाई गई है। मुंशी नगर में नहर किनारे बने मुख्य संपर्क मार्ग के बिल्कुल बीचों-बीच लगे बिजली के खंभों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और लंबा जाम लगता है।

नगर आयुक्त ने बिजली विभाग (मध्यांचल विद्युत वितरण निगम) के साथ संयुक्त समन्वय स्थापित कर इन खंभों को सड़क के किनारे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नैनीताल रोड पर जीआरएम स्कूल के बगल से अंदर जाने वाले व्यस्त मार्ग पर लोगों द्वारा नालियों और सड़क की पटरियों पर किए गए रैंप व छज्जों के अतिक्रमण को चिन्हित कर संबंधित मकान और दुकान मालिकों को तुरंत नोटिस जारी करने को कहा गया है।

वार्ड-44, वार्ड-67 और मठ कमल नैयनपुर में नाला निर्माण: जलभराव की समस्या का होगा स्थायी समाधान

बरसात के दिनों में शहर में होने वाले जलभराव का मुख्य कारण मुख्य नालों पर किए गए अवैध पक्के निर्माण हैं। नगर निगम की समीक्षा में पाया गया कि वार्ड संख्या 44 और वार्ड संख्या 67 के प्रमुख नालों पर कई जगह स्लैब और दीवारें खड़ी कर दी गई हैं, जिससे सफाई कर्मचारियों को गाद निकालने में भारी परेशानी होती है।

मठ कमल नैयनपुर इलाके में बन रहे मुख्य नाले के निर्माण में बाधा बन रहे सभी ढांचों और अवरोधों को चिन्हित कर उन्हें तत्काल हटाने का नोटिस दिया जा रहा है। नगर निगम के जलकल एवं निर्माण विभाग को निर्देश दिया गया है कि नाला निर्माण में बाधक बनने वाले किसी भी रसूखदार के निर्माण को बख्शा न जाए। नालों के दोनों तरफ की सुरक्षा पटरियों को पूरी तरह साफ कराया जाएगा ताकि बारिश का पानी बिना किसी रुकावट के शहर से बाहर निकल सके।

पार्कों में अवैध पार्किंग और व्यवसायिक कब्जे पर रोक: उद्यान विभाग को सौंपी गई जिम्मेदारी

शहर के रिहायशी इलाकों में स्थित नगर निगम के पार्कों की बदहाली पर भी बैठक में कड़ा रुख अपनाया गया। कई वार्डों से स्थानीय नागरिकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पार्कों के अंदर कुछ लोगों ने अवैध गैराज, वाहनों की पार्किंग और अस्थायी खोखे खोल रखे हैं, जिससे बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने की जगह छिन गई है।

प्रभारी उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे शहर के सभी पार्कों का भौतिक सत्यापन करें और जहां भी अवैध पार्किंग या अतिक्रमण पाया जाए, वहां के वाहनों को सीज करने और अवैध खोखों को जब्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। पार्कों की चारदीवारी को दुरुस्त कर वहां हरियाली और लाइटों की समुचित व्यवस्था की जाएगी।

प्रशासन का कड़ा संदेश: अवैध कब्जाधारकों से ही वसूला जाएगा बुलडोजर और मलबे का खर्च

बरेली नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नोटिस की मियाद खत्म होने के बाद चलने वाले ध्वस्तीकरण अभियान में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी। प्रशासन ने नियम बनाया है कि यदि नगर निगम को अपनी मशीनरी और बुलडोजर लगाकर अवैध निर्माण तोड़ना पड़ा, तो उस कार्रवाई में आने वाला पूरा खर्च (बुलडोजर का किराया, लेबर चार्ज और मलबा हटाने का व्यय) संबंधित अतिक्रमणकारी से भू-राजस्व के बकाए की तरह वसूला जाएगा।

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने आम जनता से अपील की है कि वे शहर के विकास और सुगम यातायात में सहयोग करें तथा जिन लोगों ने सरकारी नालों, पटरियों या सार्वजनिक जमीनों पर किसी भी प्रकार का निर्माण किया है, वे स्वयं ही उसे हटा लें। नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस का संयुक्त दस्ता आने वाले दिनों में हर वार्ड में क्रमबद्ध तरीके से अभियान चलाएगा, जिसकी सीधी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम के माध्यम से की जाएगी।

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