राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित गड़बड़ियों और देश की शैक्षिक प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन जारी है। गुरुवार को उनके अनशन का 19वां दिन है और गिरते स्वास्थ्य के कारण उनकी स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। इस बीच, सोनम वांगचुक के समर्थन में सात समंदर पार अमेरिका से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा गया है।
अमेरिका के इंडियन डायस्पोरा ग्रुप ‘द हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने लिखा लेटर
अमेरिका के एक प्रमुख भारतीय प्रवासी संगठन ‘द हिंदूज फॉर Human Rights’ (Hindus for Human Rights) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ओपन लेटर (खुला पत्र) भेजा है। इस पत्र में संगठन ने सोनम वांगचुक और उनके साथ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
ग्रुप ने अपने पत्र में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें उठाई हैं:
-
ठोस बातचीत की शुरुआत: सरकार को तुरंत अपने अधिकृत प्रतिनिधियों को भेजकर प्रदर्शनकारियों से मिलना चाहिए।
-
समयबद्ध प्रक्रिया (Time-bound Process): वांगचुक और छात्रों ने परीक्षा प्रणालियों व एजुकेशनल गवर्नेंस में जो कमियां उजागर की हैं, सरकार को उन पर एक भरोसेमंद और समयबद्ध जवाबदेही तय करनी चाहिए।
-
पारदर्शी सार्वजनिक जवाब: सरकार परीक्षाओं और भर्तियों में होने वाली गड़बड़ियों को दूर करने के लिए एक पारदर्शी सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी करे।
-
शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार: बिना किसी बाधा या दमन के नागरिकों के शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करने के लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा की जाए।
सोनम वांगचुक और छात्रों से भी की अपील
‘द हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने पीएम मोदी से अपील करने के साथ-साथ सोनम वांगचुक और अनशन पर बैठे छात्रों से भी अपने जीवन और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है। संगठन ने कहा, “उनकी चिंताओं को पूरे भारत सहित दुनिया भर के लोगों ने सुना है। अपनी मांगों की गंभीरता को साबित करने के लिए उन्हें अपने स्वास्थ्य और जान का बलिदान नहीं देना चाहिए।”
दिल्ली हाई कोर्ट सख्त: “जिंदगी कीमती है, स्वास्थ्य पर रखें नजर”
दूसरी तरफ, सोनम वांगचुक के तेजी से गिरते वजन और बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं:
-
सरकारी डॉक्टरों की टीम हर दिन सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की नियमित जांच करे।
-
आपातकालीन स्थिति या जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत बिना किसी रुकावट के उचित चिकित्सीय मदद (Medical Care) मुहैया कराई जाए।
-
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इंसानी जिंदगी बेहद कीमती है और इसे बचाने के लिए प्रशासन को सभी आवश्यक चिकित्सीय प्रयास करने चाहिए।
The News 11 – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया