हूती विद्रोहियों का यमन के अदन एयरपोर्ट और राष्ट्रपति महल पर भीषण मिसाइल हमला, सुरक्षा के चलते एयर इंडिया ने 14 नवंबर तक रोकीं उड़ानें

मध्य पूर्व (Middle East) के युद्धग्रस्त देशों से इस वक्त एक बेहद तनावपूर्ण, सनसनीखेज और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को झकझोर देने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। यमन (Yemen) में जारी संघर्ष के बीच ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) ने एक बार फिर अपनी आक्रामक गतिविधियां तेज कर दी हैं। ताजा घटनाक्रम के तहत हूती लड़ाकों ने यमन के रणनीतिक शहर अदन (Aden) में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और राष्ट्रपति के आधिकारिक महल को निशाना बनाते हुए भीषण बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए हैं। इस अचानक हुए हमले के बाद से मध्य पूर्व के आसमान में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। दूसरी ओर, इस बढ़ते हवाई खतरे और गंभीर सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए देश की प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया (Air India) ने सऊदी अरब जाने वाली अपनी सभी उड़ानों को आगामी 14 नवंबर तक के लिए अस्थायी रूप से स्थगित (Suspend) कर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असली वजह क्या है और क्षेत्रीय राजनीति पर इसका क्या असर पड़ रहा है।

यमन के अदन एयरपोर्ट और राष्ट्रपति महल पर हूती विद्रोहियों ने दागीं मिसाइलें

रॉयटर और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन में सऊदी अरब समर्थित आधिकारिक सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच चल रही खूनी संघर्ष की जंग एक बार फिर उग्र रूप ले चुकी है। शुक्रवार को हूती लड़ाकों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए यमन के दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में भारी तबाही मचाने की साजिश रची।

विद्रोहियों ने सीधे तौर पर अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Aden International Airport) और देश के राष्ट्रपति के मुख्य प्रशासनिक महल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए। हालांकि, इस घातक और अचानक हुए हमले में जान-माल का कितना नुकसान हुआ है, इसकी आधिकारिक और पूरी जानकारी अभी तक यमनी सरकार या स्थानीय प्रशासन द्वारा साझा नहीं की गई है, लेकिन इन हमलों के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल फैल गया है। अंतरराष्ट्रीय उड्डयन और कूटनीतिक गलियारों में इन हमलों को बहुत ही गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि इससे नागरिक उड्डयन की सुरक्षा पर सीधा सवालिया निशान खड़ा हो गया है।

सऊदी अरब का बड़ा दावा: एयर डिफेंस सिस्टम ने मक्का क्षेत्र में गिराया हूती ड्रोन

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और बेहद संवेदनशील और चिंताजनक दावा सामने आया है। सऊदी अरब (Saudi Arabia) की सुरक्षा एजेंसियों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को ही सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम (Air Defense System) ने एक बड़े हमले को नाकाम करते हुए हूती लड़ाकों द्वारा छोड़े गए एक खतरनाक हमलावर ड्रोन को मक्का क्षेत्र (Mecca Region) के पास हवा में ही मार गिराया।

मक्का इस्लाम धर्म के अनुयायियों के लिए दुनिया का सबसे पवित्र और सर्वोच्च स्थान माना जाता है, जहां हर साल दुनिया भर से लाखों मुसलमान हज और उमराह के लिए एकत्र होते हैं। ऐसे पवित्र शहर के आसपास ड्रोन या मिसाइल हमला होना इस्लामिक जगत में भारी आक्रोश और चिंता का विषय बन जाता है। हालांकि, इन दावों के विपरीत हूती विद्रोहियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए सऊदी अरब के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। हूती संगठन का कहना है कि सऊदी अरब का यह दावा पूरी तरह से झूठा और मनगढ़ंत है, और उन्होंने मक्का या उसके आसपास के इलाके में ऐसा कोई भी ड्रोन या सैन्य कार्रवाई नहीं की है। संगठन का यह भी कहना है कि शुक्रवार को उन्होंने सऊदी अरब की सीमा के भीतर कोई हमला किया ही नहीं है।

अतीत में भी मक्का और मदीना को निशाना बनाने की कोशिशों के सामने आ चुके हैं दावे

यह कोई पहली बार नहीं है जब सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच पवित्र शहरों की सुरक्षा को लेकर इस तरह के दावे और प्रति-दावे सामने आए हों। इससे पहले भी कई बार सऊदी अधिकारियों की ओर से यह बयान दिए गए हैं कि उनके देश के एयर डिफेंस सिस्टम ने मक्का और मदीना (Medina) की तरफ बढ़ रहे हूती मिसाइलों और ड्रोन हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है।

हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी हूती विद्रोहियों ने उन तमाम आरोपों का खंडन किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यमन गृहयुद्ध की आग अब धीरे-धीरे पड़ोसी देशों के आसमान तक पहुंच रही है, जिससे इस पूरे क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। कूटनीतिक स्तर पर इन हमलों की चौतरफा निंदा की जा रही है, क्योंकि इससे आम नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों पर भी खतरा मंडराने लगा है।

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस का बड़ा फैसला: 14 नवंबर तक उड़ानें स्थगित

हूती विद्रोहियों के इन ताबड़तोड़ हमलों और मध्य पूर्व में गहराते सुरक्षा संकट को देखते हुए भारतीय यात्रियों और विमानन कंपनियों के लिए भी कड़े कदम उठाए गए हैं। प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) की रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एयर इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने एक बड़ा और एहतियाती फैसला लिया है।

एयरलाइंस ने घोषणा की है कि वे सऊदी अरब के प्रमुख शहरों—रियाद (Riyadh), जेद्दा (Jeddah) और दम्मम (Dammam)—के लिए संचालित होने वाली अपनी नियमित यात्री उड़ानों और विमान सेवाओं को अब 14 नवंबर तक के लिए पूरी तरह से स्थगित रख रहे हैं। हूती विद्रोहियों द्वारा अदन और उसके आसपास के क्षेत्रों में मिसाइलें दागे जाने से पहले तक ये विमान सेवाएं सुचारू रूप से चल रही थीं, लेकिन मौजूदा क्षेत्रीय तनाव और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए भारतीय विमानन कंपनियों ने यह फैसला लिया है। एयर इंडिया के इस कदम से उन यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ रहा है जो इन दिनों सऊदी अरब जाने वाले थे। एयरलाइंस की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा हालात सामान्य होने के बाद ही उड़ानों को दोबारा बहाल करने पर विचार किया जाएगा।

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