
भारतीय रेलवे से सफर करने वाले लाखों मुसाफिरों के लिए एक अत्यंत जरूरी और काम की खबर सामने आई है। यदि आप उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के प्रमुख शहरों के बीच चलने वाली सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का प्रस्थान समय अवश्य जांच लें। उत्तर रेलवे (Northern Railway) और दक्षिण पूर्व रेलवे (South Eastern Railway) द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, वाराणसी जंक्शन से शुरू होने वाली 2 सबसे व्यस्त वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के प्रस्थान समय (Departure Time) में फेरबदल किया गया है।
रेल प्रशासन द्वारा संशोधित की गई यह नई समय सारिणी 2 सितंबर 2026 से पूर्ण रूप से प्रभावी होने जा रही है। इस बदलाव के तहत दोनों ही ट्रेनें अपने मूल स्टेशन यानी वाराणसी कैंट से अपने पुराने निर्धारित समय से 10 मिनट पहले प्रस्थान करेंगी। हालांकि राहत की बात यह है कि वाराणसी के आगे के सभी प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया गया है। फिर भी, शुरुआती स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों के लिए यह 10 मिनट का अंतर बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है क्योंकि जरा सी देरी होने पर आपकी प्रीमियम ट्रेन छूट सकती है।
वाराणसी-रांची वंदे भारत एक्सप्रेस: अब शाम 3:55 बजे छूटेगी ट्रेन
पहला और सबसे बड़ा बदलाव उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी को झारखंड की राजधानी रांची से जोड़ने वाली लोकप्रिय ट्रेन संख्या 20888/20887 वाराणसी-रांची-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस के समय में किया गया है। यह देश की 49वीं सेमी हाई-स्पीड ट्रेन है जिसका परिचालन दक्षिण पूर्वी रेलवे जोन द्वारा किया जाता है।
मौजूदा समय सारिणी के मुताबिक, ट्रेन संख्या 20888 वाराणसी जंक्शन से प्रतिदिन (मंगलवार को छोड़कर) शाम 16:05 बजे (4:05 PM) रवाना होती थी। लेकिन 2 सितंबर से लागू होने वाले नए शेड्यूल के तहत यह ट्रेन अब ठीक 10 मिनट पहले यानी शाम 15:55 बजे (3:55 PM) अपने प्लेटफॉर्म से रवाना हो जाएगी।
यह ट्रेन करीब 536 किलोमीटर की दूरी महज 7 घंटे 50 मिनट में तय करती है। इस यात्रा के दौरान यह पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय), सासाराम, गया जंक्शन, कोडरमा, हजारीबाग रोड, पारसनाथ, बोकारो स्टील सिटी और मूरी जंक्शन जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और तीर्थ स्थलों पर रुकते हुए देर रात 23:55 बजे रांची पहुंचती है। इस रूट पर एसी चेयर कार (CC) का मूल किराया लगभग ₹1,470 और एग्जीक्यूटिव चेयर कार (EC) का किराया लगभग ₹2,695 तय है।
वाराणसी-देवघर वंदे भारत एक्सप्रेस: सुबह 6:10 बजे होगा प्रस्थान
समय में दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी को बाबा बैद्यनाथ धाम की पावन धरती देवघर से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित ट्रेन संख्या 22500/22499 वाराणसी-देवघर वंदे भारत एक्सप्रेस में किया गया है। सावन माह और साल भर चलने वाली तीर्थयात्राओं के चलते यह ट्रेन श्रद्धालुओं और व्यापारियों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है।
वर्तमान व्यवस्था के तहत ट्रेन संख्या 22500 वाराणसी से सुबह 06:20 बजे प्रस्थान करती है। संशोधित समय सारिणी के लागू होने के बाद 2 सितंबर से यह ट्रेन सुबह 06:10 बजे ही वाराणसी स्टेशन से खुल जाएगी। लगभग 456 किलोमीटर के सफर को तय करने वाली यह ट्रेन पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, आरा, पटना साहिब, मोकामा, किउल और जसीडीह होते हुए दोपहर के समय देवघर पहुंचती है।
तीर्थयात्रियों और नियमित यात्रियों को विशेष रूप से सलाह दी गई है कि वे सुबह के वक्त स्टेशन पर कम से कम 20 से 30 मिनट पहले पहुंचें, क्योंकि सुरक्षा जांच और स्वचालित दरवाजों के समय पर बंद होने के कारण अंतिम क्षणों में चढ़ना संभव नहीं होता है।
ऑपरेशनल कारणों और ट्रेन पंक्चुअलिटी के लिए लिया गया फैसला
रेलवे के वरिष्ठ परिचालन अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय रूट पर अन्य ट्रेनों के ट्रैफिक क्लीयरेंस और परिचालन सुगमता (Operational Efficiency) को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। वाराणसी जंक्शन उत्तर भारत का एक अत्यंत व्यस्त और महत्वपूर्ण रेलवे हब है, जहां से चौबीसों घंटे दर्जनों राजधानी, सुपरफास्ट और मालगाड़ियां गुजरती हैं।
शाम के समय जब रांची वंदे भारत रवाना होती है, उस वक्त पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन और गया रूट पर भारी रेल दबाव रहता है। ठीक इसी प्रकार सुबह के समय पूर्वांचल और बिहार रूट पर कई महत्वपूर्ण इंटरसिटी और एक्सप्रेस ट्रेनें ट्रैक पर होती हैं। वाराणसी से इन ट्रेनों को 10 मिनट पहले रवाना करने से आगे के व्यस्त जंक्शनों पर क्रॉसिंग और सिग्नल क्लीयरेंस में लगने वाला अतिरिक्त समय बचाया जा सकेगा, जिससे ट्रेनें अपने गंतव्य पर बिल्कुल सही समय पर पहुंच सकेंगी।
यात्रियों के लिए अहम सलाह: 10 मिनट की लापरवाही न पड़े भारी
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट, ‘NTES’ (नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम) ऐप या 139 रेल हेल्पलाइन के जरिए अपनी संबंधित ट्रेन का लाइव स्टेटस और प्रस्थान समय दोबारा कन्फर्म कर लें।
अक्सर देखा जाता है कि कई नियमित यात्री पुराने समय के अनुसार ही घर से निकलते हैं और 6:15 या 4:00 बजे स्टेशन पहुंचते हैं। ऐसी स्थिति में 2 सितंबर से ट्रेन पहले ही प्लेटफॉर्म छोड़ चुकी होगी। चूंकि वंदे भारत एक्सप्रेस के सभी कोच स्वचालित दरवाजों (Automatic Plug Doors) से लैस होते हैं, जो ट्रेन चलने से एक मिनट पहले ही पूरी तरह लॉक हो जाते हैं, इसलिए चलती ट्रेन में दौड़कर चढ़ने का कोई विकल्प नहीं रहता। किसी भी प्रकार की असुविधा, मानसिक तनाव और टिकट के नुकसान से बचने के लिए समय से पूर्व स्टेशन पहुंचना ही सबसे समझदारी भरा कदम होगा।
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