ट्रंप–शी जिनपिंग की मुलाक़ात तय, दुनिया की दो महाशक्तियों के बीच रिश्तों में नई सुबह?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने अप्रैल 2026 में चीन की राजधानी बीजिंग की राजकीय यात्रा पर जाएंगे, जहाँ वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से आमने-सामने मुलाक़ात करेंगे। यह ऐलान व्हाइट हाउस द्वारा मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने खुद किया है जिसमें उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच “कनेक्शन और साझेदारी इस समय बहुत अच्छी है।” रिपोर्ट्स के अनुसार, जिनपिंग का भी साल के आखिर में अमेरिका दौरा करने का समय तय होने की संभावना है।”
90 मिनट की महत्वपूर्ण फोन वार्ता: सिर्फ ट्रेड पर चर्चा
इस से पहले ट्रंप और जिनपिंग के बीच करीब 90 मिनट तक फोन पर लंबी बातचीत हुई, जिसमें मुख्य ध्यान ट्रेड यानी व्यापारिक मसलों पर रहा। ट्रंप ने बताया कि बातचीत पूरी तरह सकारात्मक रही और उन्होंने कहा कि वह चीन दौरे के लिए उत्साहित हैं। दोनों नेताओं ने इस दौरान ईरान या यूक्रेन जैसे ग्लोबल मुद्दों पर चर्चा नहीं की है।
क्या ट्रेड वॉर खत्म होने को है या और गहरा जाएगा?
चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति जिनपिंग ने बातचीत को महत्वपूर्ण बताया और “आपसी सम्मान” व “विन-विन नतीजों” पर जोर दिया है। जिनपिंग ने अमेरिका से उन व्यापारिक निर्णयों को वापस लेने की अपील की है जिनसे चीन को नुकसान हुआ है — जैसे भारी टैरिफ और हाई-टेक चिप्स पर प्रतिबंध।
हालाँकि, हाल की रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका ने चीन पर लगाए जाने वाले बड़े-बड़े टेक्नोलॉजी प्रतिबंधों को फिलहाल रोक दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि दोनों देश 2026 को रेलैक्सेशन और नई ट्रेड डील की दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय: रणनीतिक शांति या केवल दिखावा?
विश्लेषकों का कहना है कि यह दौरा दोनों देशों के बीच ट्रेड तनाव को शांत करने का एक बड़ा diplomatic कदम हो सकता है, लेकिन कई मुद्दे अभी भी टर्फ पर हैं — जैसे ताइवान को हथियार बेचना, टेक्नोलॉजी प्रतिबंध, दुर्लभ धातुओं का व्यापार और कृषि सामान की खरीद। इन मसलों पर चीन लगातार अमेरिका से अपने फैसलों को वापिस लेने की मांग कर रहा है।
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