NEET परीक्षा धांधली और पेपर लीक विवाद को लेकर छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र रूप धारण करता जा रहा है। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने केंद्र सरकार को बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि देश का युवा अब चुप बैठने वाला नहीं है। उन्होंने इस पूरे विवाद की तुलना एक ‘टाइम बम’ से करते हुए स्पष्ट किया कि असंतोष का यह गुबार अब सिर्फ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक सीमित नहीं रहने वाला है।
‘सरकार जितना वक्त लेगी, गुस्सा उतना बढ़ेगा’
मीडिया से बातचीत करते हुए CJP प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि NEET का मुद्दा ऐसा नहीं है जिसे हफ्तों या महीनों के लिए टाल दिया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “आप जितना इंतजार करेंगे, असंतोष और गुस्सा उतना ही बढ़ेगा। अब यह गुस्सा तेजी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर मुड़ रहा है। सरकार को समझना होगा कि बहुत जल्द यह बात सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक सीमित नहीं रहेगी।” रंका ने सवाल उठाया कि पेपर लीक होने के लगभग दो महीने बाद प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया क्यों दी?
मुआवजे और FIR वापसी पर सहमति, लेकिन इस्तीफे पर नो-कॉम्प्रोमाइज
CJP नेता के अनुसार, सरकार के साथ हुई हालिया बातचीत में प्रभावित परिवारों के लिए उचित मुआवजे और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज कानूनी मामलों (FIR) को वापस लेने पर ‘सैद्धांतिक सहमति’ बन गई है। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर छात्र संगठन पूरी तरह अड़े हुए हैं। रंका ने साफ कहा कि जब तक इस संकट के लिए जिम्मेदार व्यक्ति पद पर बना रहेगा, तब तक परीक्षा प्रणाली में किसी भी सुधार या पारदर्शी चर्चा की गुंजाइश संभव नहीं है।
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