टकराव की नई तस्वीर: रडार चकमा देने वाली मिसाइलों के बावजूद ईरान अमेरिका के सामने डटा हुआ है — आधी ताकत अभी भी सक्रिय

ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव ने एक बार फिर से वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर दी है। अमेरिकी और इज़राइली हवाई हमलों के बावजूद तेहरान ने अपनी रणनीतिक मिसाइल क्षमताओं का लगभग 50% हिस्सा अब भी बरकरार रखा हुआ है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ईरान की ताकत अभी खत्म नहीं हुई है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि और मौजूदा स्थिति

अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए हफ्तों से लगातार अभियान चलाया है, जिसके पीछे लक्ष्य था तेहरान की सैन्य क्षमताओं को कमज़ोर करना। अमेरिकी सरकार ने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि ईरान की मिसाइल शक्ति लगभग खत्म हो चुकी है, लेकिन ताज़ा अमेरिकी ख़ुफ़िया आकलन इससे अलग तस्वीर पेश करता है

मिसाइल क्षमता का रडार-चकमा देना

ईरान के पास शॉर्ट रेंज से लेकर मध्यम और लंबी दूरी तक की मिसाइलें मौजूद हैं जिनमें कई ऐसी हैं जो रडार सिस्टम को चकमा देने में सक्षम हैं। इन मिसाइलों को पहाड़ों, भूमिगत तंज़िमों और मोबाइल लॉन्चरों के ज़रिए छिपाकर रखा गया है, जिससे अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए इन्हें पूरी तरह निशाना बनाना मुश्किल हो रहा है।

50% क्षमता अभी भी बरक़रार

ताज़ा अमेरिकी ख़ुफ़िया रिपोर्टों के अनुसार लगभग 50 प्रतिशत मिसाइल लॉन्चर और हमला करने वाले ड्रोन अभी भी ईरान के नियंत्रण में हैं, भले ही इनका उपयोग कम फ़रीक़ से किया जा रहा हो। यह आंकड़ा अमेरिका और इज़राइल द्वारा लगातार हवाई हमलों की कड़ी आलोचना करता है कि ईरानी क्षमताएं पूरी तरह समाप्त कर दी गई थीं।

छिपी हुई ताकत और रणनीतिक घेराबंदी

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने अपने अत्याधुनिक मिसाइल प्रणालियों को भूमिगत बंजर इलाक़ों में छिपा रखा है और मोबाइल लॉन्चर का इस्तेमाल बढ़ा दिया है ताकि अमेरिकी हवाई हमलों से बच सके। इस रणनीति ने ईरानी मिसाइलों को अधिक समय तक सक्रिय और खतरा बनाये रखने में मदद की है।

क्या यह संघर्ष और लंबा चलेगा?

विश्लेषकों की राय में यह संघर्ष जल्द समाप्त होने की उम्मीद कम है, क्योंकि ईरान की मिसाइल क्षमता अभी भी पर्याप्त स्तर पर मौजूद है और वह इसे संरक्षित रखने के लिए आधुनिक युद्ध तकनीकों का उपयोग कर रहा है। वहीं अमेरिका का कहना है कि उसने ईरानी हमलों को काफी हद तक नियंत्रित किया है, पर वास्तविक आंकड़े कुछ और संकेत देते हैं।

कुल मिलाकर, मिसाइलों के रडार चकमा देने की क्षमता और 50% से अधिक बची हुई शक्ति के चलते ईरान अपनी सैन्य ताकत को बनाए रखने में सफल रहा है, और यह संघर्ष जल्द समाप्त होने के संकेत नहीं दे रहा है|

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