
नई दिल्ली: पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले को लेकर क्रिकेट जगत में आज भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। भारत के 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य और पूर्व क्रिकेटर मदन लाल (Madan Lal) ने कोहली के टेस्ट संन्यास पर बड़ा बयान देते हुए चयनकर्ताओं की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मदन लाल का मानना है कि विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से काफी जल्दी संन्यास ले लिया और चयनकर्ताओं को उन्हें कम से कम दो-तीन साल और टेस्ट कप्तान बनाए रखना चाहिए था।
‘चयनकर्ताओं और विराट के बीच रहा कम्युनिकेशन गैप’: मदन लाल
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कप्तानी हटाने का फैसला गलत: पूर्व दिग्गज मदन लाल ने कहा, “विराट कोहली में अभी भी काफी टेस्ट क्रिकेट बाकी था। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में आक्रामकता लाई और टीम को विदेशों में जीतना सिखाया। उस समय चयनकर्ताओं को उन्हें कप्तानी जारी रखने देनी चाहिए थी, उन्हें हटाना या दबाव बनाना एक बड़ी गलती थी।”
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गेम सेंस की तारीफ: मदन लाल ने कोहली के क्रिकेटिंग माइंडसेट की तारीफ करते हुए कहा कि वे खेल की स्थिति को बहुत अच्छे से पढ़ते हैं। जब तीन विकेट गिर जाते हैं, तो उन्हें पता होता है कि टीम को कैसे संभालना है।
विराट कोहली बनाम टेस्ट संन्यास: मुख्य आंकड़े और घटनाक्रम (Fact Sheet)
| पहलू | विवरण / तथ्य |
| टेस्ट रन (करियर) | 9,230 रन (शानदार औसत और शतकों के साथ)। |
| प्रमुख उपलब्धियां | पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीत (2018-19) और WTC फाइनल तक का सफर। |
| वापसी पर कोहली का रुख | वापसी की सभी संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा, “मैं टेस्ट क्रिकेट से आगे बढ़ चुका हूँ।” |
वापसी की संभावनाओं पर खुद विराट कोहली ने क्या कहा?
हाल ही में एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान जब विराट कोहली से मजाक में पूछा गया कि क्या वे अपने नए जूतों (जिनकी थीम उनके 9,230 टेस्ट रनों पर आधारित है) की बिक्री बढ़ाने के लिए टेस्ट में वापसी करेंगे?
इस पर हंसते हुए पूर्व कप्तान ने साफ किया कि वे टेस्ट क्रिकेट से पूरी तरह आगे बढ़ चुके हैं और अब उनका ध्यान केवल एक ही फॉर्मेट (वनडे) पर केंद्रित है। वे किसी भी कीमत पर टेस्ट में वापसी का विचार नहीं बना रहे हैं।
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