इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी क्रिकेट लीग The Hundred के खिलाड़ी ऑक्शन के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय दिग्गज क्रिकेटर Sunil Gavaskar ने पाकिस्तानी मिस्ट्री स्पिनर Abrar Ahmed को खरीदने के फैसले पर कड़ी नाराज़गी जताई है। यह खिलाड़ी Kavya Maran से जुड़ी फ्रेंचाइजी SunRisers Leeds ने खरीदा है, जिसके बाद क्रिकेट जगत और सोशल मीडिया में बहस छिड़ गई है।
पूर्व भारतीय कप्तान गावस्कर ने इस फैसले को लेकर कड़े सवाल उठाए और कहा कि भारतीय कंपनियों से जुड़ी फ्रेंचाइजी को ऐसे फैसले लेते समय देश की भावनाओं और हालात को भी ध्यान में रखना चाहिए।
द हंड्रेड ऑक्शन में खरीदे गए अबरार अहमद
इंग्लैंड में होने वाली फ्रेंचाइजी लीग The Hundred के 2026 सीजन के लिए हुए ऑक्शन में पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को सन ग्रुप से जुड़ी टीम सनराइजर्स लीड्स ने खरीदा। रिपोर्ट्स के अनुसार इस खिलाड़ी को करीब 1.9 लाख पाउंड (करीब 2.3 करोड़ रुपये) में टीम में शामिल किया गया।
बताया जा रहा है कि इस बोली के दौरान टीम की प्रमुख अधिकारी काव्या मारन भी मौजूद थीं और टीम ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद अबरार को अपने स्क्वॉड में शामिल किया। यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि भारतीय लीगों से जुड़े किसी फ्रेंचाइजी नेटवर्क द्वारा कई वर्षों बाद किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन किया गया है।
“भारतीयों के खून का पैसा…” गावस्कर का तीखा बयान
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील गावस्कर ने बेहद सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारतीयों के पैसे से चलने वाली फ्रेंचाइजी को यह सोचना चाहिए कि उनका पैसा आखिर किस दिशा में जा रहा है।
गावस्कर ने सवाल उठाया कि क्या केवल मैच जीतना ही सबसे बड़ा लक्ष्य है या फिर भारतीय नागरिकों की भावनाओं और देश की सुरक्षा को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के खिलाड़ियों को भुगतान किया गया पैसा अप्रत्यक्ष रूप से उन ताकतों तक भी पहुंच सकता है जो भारत के खिलाफ काम करती हैं।
उनके इस बयान के बाद क्रिकेट जगत में बहस और तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
अबरार अहमद को टीम में शामिल किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ फैंस ने इस फैसले का विरोध करते हुए काव्या मारन और फ्रेंचाइजी प्रबंधन की आलोचना की, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए।
कई क्रिकेट प्रशंसकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय फ्रेंचाइजी लीग में खिलाड़ियों का चयन उनके प्रदर्शन और कौशल के आधार पर होना चाहिए, जबकि दूसरी ओर कुछ लोग इसे राष्ट्रीय भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं।
टीम मैनेजमेंट ने बताई खरीदने की वजह
टीम मैनेजमेंट का मानना है कि अबरार अहमद की मिस्ट्री स्पिन और मध्य ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता उन्हें खास बनाती है। टीम के कोच का कहना है कि उनकी विविधता भरी गेंदबाजी और हालिया फॉर्म को देखते हुए उन्हें टीम में शामिल किया गया है, जिससे स्क्वॉड को संतुलन मिलेगा।
खेल, राजनीति और भावनाओं के बीच फंसा विवाद
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय फ्रेंचाइजी क्रिकेट में खिलाड़ियों के चयन को केवल खेल तक सीमित रखना चाहिए या फिर देशों के बीच मौजूद राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
सुनील गावस्कर के बयान के बाद यह मुद्दा क्रिकेट जगत में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
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