कतर के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस निर्यात केंद्र ‘रास लफ्फान’ (Ras Laffan) औद्योगिक शहर से एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आ रही है. रविवार देर रात रास लफ्फान के बरजान क्षेत्र में एक घरेलू गैस आपूर्ति संयंत्र को दोबारा चालू करने के दौरान भीषण विस्फोट हो गया. इस दर्दनाक हादसे में 13 कर्मचारियों की मौत हो गई है, जिनमें अधिकांश भारत और पाकिस्तान के नागरिक बताए जा रहे हैं. सरकारी कंपनी ‘कतर एनर्जी’ (Qatar Energy) ने सोमवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुष्टि की है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है.
रखरखाव के बाद प्लांट को दोबारा शुरू करते समय हुआ हादसा
कतर एनर्जी के प्रवक्ता के मुताबिक, यह भीषण हादसा उस समय हुआ जब हालिया युद्ध और ईरानी मिसाइल हमलों के कारण हफ्तों से बंद पड़े बरजान गैस संयंत्र (Barzan Gas Plant) में मेंटेनेंस (रखरखाव) का काम पूरा होने के बाद परिचालन फिर से शुरू करने की कोशिश की जा रही थी. मार्च के महीने में ईरान की एक मिसाइल ने रास लफ्फान पर हमला किया था, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ था और उत्पादन रोक दिया गया था. रविवार रात जैसे ही कर्मचारियों ने इसे दोबारा चालू करने की प्रक्रिया शुरू की, वैसे ही अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और भयंकर आग लग गई. हालांकि, स्थानीय अग्निशमन (Fire Brigade) और आपातकालीन टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया.
हादसे में 66 कर्मचारी घायल, भारत-नेपाल समेत कई देशों के नागरिक शामिल
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस जानलेवा विस्फोट में कुल 66 कर्मचारी घायल हुए हैं. घायलों में कतर, भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, तंजानिया, गिनी, केन्या और नाइजीरिया के नागरिक शामिल हैं. कतर एनर्जी ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया है. कंपनी ने आश्वासन दिया है कि सभी घायलों की चोटें ज्यादा गंभीर नहीं हैं और किसी भी मरीज की हालत चिंताजनक नहीं है. उन्हें बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
वैश्विक गैस आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा असर, सामान्य रूप से चल रहा निर्यात
रास लफ्फान कतर का सबसे प्रमुख और दुनिया का सबसे बड़ा द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) उत्पादन और निर्यात हब है. यह क्षेत्र कतर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी माना जाता है. दुनिया भर में होने वाली एलएनजी सप्लाई में इसकी बहुत बड़ी भूमिका है. कतर एनर्जी ने वैश्विक बाजार और भारत जैसे बड़े आयातक देशों की चिंताओं को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि इस स्थानीय विस्फोट से मुख्य एलएनजी उत्पादन, निर्यात कार्यों या रास लफ्फान बंदरगाह के बुनियादी ढांचे पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है. बंदरगाह और अन्य मुख्य संयंत्र पूरी क्षमता के साथ सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और वैश्विक गैस आपूर्ति में कोई रुकावट नहीं आएगी.
धमाके के असली कारणों की जांच के लिए हाई-लेवल कमेटी गठित
विस्फोट के सटीक और तकनीकी कारणों का पता लगाने के लिए कतर एनर्जी ने एक उच्चस्तरीय तकनीकी जांच समिति (High-level Investigation Committee) का गठन कर दिया है. विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर सबूत जुटा रही है. शुरुआती जांच में हादसे की वजह रिस्टार्ट करने की प्रक्रिया के दौरान आई तकनीकी खराबी को माना जा रहा है, लेकिन कंपनी ने कहा है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजहों का खुलासा हो सकेगा. सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय प्रशासन ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया है.
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