नई दिल्ली। हाल ही में गाजियाबाद में तीन बहनों द्वारा आत्महत्या और उनके मोबाइल में कोरियन कल्चर के प्रति जुनून ने भारत में एक नई बहस छेड़ दी है। जहाँ भारत में इसे लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं, वहीं एक चौंकाने वाला सच यह है कि दक्षिण कोरियाई संस्कृति (Hallyu) का जादू भारत से कहीं ज्यादा मुस्लिम बहुल देशों के सिर चढ़कर बोल रहा है।
दक्षिण कोरिया के संस्कृति मंत्रालय के ताजा सर्वे (अक्टूबर 2025) के मुताबिक, कोरियन इमेज अपने अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर है। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस ‘कोरियन वेव’ के टॉप-10 देशों में यूएई, मिस्र, तुर्की और इंडोनेशिया जैसे मुस्लिम देश सबसे ऊपर हैं।
सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े: यूएई नंबर 1 पर
26 देशों में 13 हजार लोगों पर किए गए इस सर्वे के अनुसार, दक्षिण कोरिया के प्रति सकारात्मक राय रखने के मामले में आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:
| देश | सकारात्मक राय (%) |
| यूएई (UAE) | 94.8% |
| मिस्र (Egypt) | 94% |
| तुर्की (Turkey) | 90.2% |
| इंडोनेशिया (Indonesia) | ~90% |
| भारत (India) | 89% |
मुस्लिम देशों में कोरियन कल्चर क्यों है इतना हिट?
विशेषज्ञों और सांस्कृतिक विश्लेषकों के अनुसार, इसके पीछे कई ठोस सामाजिक और रणनीतिक कारण हैं:
1. पारिवारिक मूल्य और ‘सॉफ्ट’ कंटेंट
पश्चिमी (हॉलीवुड) कंटेंट की तुलना में कोरियन ड्रामा (K-Drama) में पारिवारिक मूल्यों, बड़ों के सम्मान और परंपराओं को अधिक महत्व दिया जाता है। इनमें हिंसा और अश्लीलता कम होती है, जो मुस्लिम देशों के रूढ़िवादी और पारिवारिक समाज के साथ बेहतर तालमेल बिठाते हैं।
2. हलाल फ्रेंडली और फैशन
दक्षिण कोरिया ने मुस्लिम देशों में अपनी पैठ बनाने के लिए अपनी ‘हलाल पर्यटन’ और ‘हलाल फूड’ (K-Food) इंडस्ट्री को बहुत मजबूत किया है। साथ ही, कोरियन फैशन और ब्यूटी (K-Beauty) की सादगी मुस्लिम युवाओं, विशेषकर हिजाब पहनने वाली महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है।
3. सॉफ्ट पावर एक्सचेंज और सरकारी संबंध
यूएई और तुर्की जैसे देशों में वहां की सरकारें दक्षिण कोरिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा दे रही हैं। इसे केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक ‘सॉफ्ट पावर एक्सचेंज’ के रूप में देखा जाता है। छात्रवृत्ति (Scholarships) और सांस्कृतिक केंद्रों के माध्यम से दोनों संस्कृतियों के बीच की दूरी कम हुई है।
4. डिजिटल कनेक्टिविटी
इंडोनेशिया जैसे देशों में युवाओं की एक बड़ी आबादी इंटरनेट और सोशल मीडिया पर सक्रिय है। के-पॉप (K-Pop) बैंड जैसे BTS और Blackpink के प्रति दीवानगी ने इन देशों के युवाओं को एक वैश्विक पहचान और समुदाय से जुड़ने का मौका दिया है।
भारत बनाम मुस्लिम देश: क्या है अंतर?
जहाँ भारत में कोरियन कल्चर को लेकर एक वर्ग में ‘सांस्कृतिक खतरे’ की बात उठती है, वहीं यूएई और मिस्र जैसे देशों में इसे आधुनिकता और परंपरा के एक संतुलित मिश्रण के रूप में स्वीकार किया गया है। भारत में 89% सकारात्मक रेटिंग के साथ क्रेज जबरदस्त है, लेकिन यूएई का 94.8% का आंकड़ा यह दर्शाता है कि वहां यह रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है।
निष्कर्ष: के-पॉप और के-ड्रामा ने अपनी ‘क्लीन इमेज’ और ‘हाई इमोशनल वैल्यू’ के दम पर मुस्लिम देशों के युवाओं के दिलों में वो जगह बना ली है, जो शायद पश्चिमी संस्कृति कभी नहीं बना पाई।
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