नई दिल्ली: पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले का प्रतिशोध लेने के लिए भारतीय सेना द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को आज एक साल पूरा हो गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत के भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार इजरायल ने एक बार फिर नई दिल्ली के साथ अपनी अटूट एकजुटता दिखाई है। भारत में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने एक कड़ा संदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि निर्दोषों का खून बहाने वाले आतंकियों के लिए अब दुनिया में छिपने की कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है।
राजदूत रुवेन अजार का संदेश: आतंकवाद के खिलाफ साझा संकल्प
इजरायली राजदूत रुवेन अजार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भारत के साहस की सराहना करते हुए लिखा, “ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरा हो गया है। आतंकियों को अब यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि जघन्य अपराधों के बाद उनके लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं है।” राजदूत का यह बयान केवल एक सालगिरह की बधाई नहीं, बल्कि उन ताकतों को चेतावनी है जो सीमा पार से अस्थिरता फैलाने का प्रयास करती हैं। यह संदेश भारत और इजरायल के बीच आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की साझा नीति को भी रेखांकित करता है।
क्या था पहलगाम हमला और भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’?
पिछले साल पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इस हमले के जवाब में भारतीय रक्षा बलों ने सीमा पार स्थित आतंकी लॉन्च पैड्स और प्रशिक्षण शिविरों को निशाना बनाने के लिए एक सटीक सैन्य अभियान शुरू किया, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया।
-
सटीक प्रहार: खुफिया जानकारी पर आधारित इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान की धरती पर पल रहे आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया।
-
नया भारत: इस कार्रवाई ने दुनिया को संदेश दिया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सीमा पार जाकर भी प्रहार करने की क्षमता और इच्छाशक्ति रखता है।
भारत-इजरायल रक्षा सहयोग: तकनीक से लेकर इंटेलिजेंस तक
इजरायल दशकों से भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में एक स्तंभ की तरह खड़ा रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और उससे पहले के अभियानों में भी इजरायली सहयोग की अहम भूमिका रही है:
-
सर्विलांस और रडार: सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ रोकने के लिए भारत इजरायली सेंसर, स्मार्ट फेंसिंग और ‘हेरॉन ड्रोन’ का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करता है।
-
खुफिया जानकारी: इजरायल का विश्वस्तरीय इंटेलिजेंस नेटवर्क और सैटेलाइट इमेजरी भारत को सीमा पार आतंकियों की मूवमेंट को ट्रैक करने में मदद करती है।
-
अत्याधुनिक हथियार: चाहे कारगिल युद्ध में लेजर-गाइडेड बम हों या बालाकोट एयरस्ट्राइक में इस्तेमाल किए गए ‘स्पाइस 2000’ बम, इजरायली तकनीक ने हमेशा भारतीय मारक क्षमता को बढ़ाया है।
ऐतिहासिक और रणनीतिक साझेदारी
भारत और इजरायल के बीच का रिश्ता केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि साझा दर्द और साझा चुनौतियों पर आधारित है। दोनों देश दशकों से पड़ोसी प्रायोजित आतंकवाद का सामना कर रहे हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर इजरायल का यह समर्थन वैश्विक मंच पर भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।
The News 11 – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया