यदि आप या आपके परिवार में कोई विवाह योग्य है और लंबे समय से अच्छे रिश्ते की तलाश में है, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पा रही है, तो इसके पीछे कुंडली के कुछ विशेष ग्रह दोष हो सकते हैं। कई बार रिश्ते बिल्कुल पक्के होने के मोड़ पर आकर अचानक टूट जाते हैं या शादी में बेवजह की रुकावटें आने लगती हैं।
भारतीय ज्योतिष और रत्नशास्त्र (Gemology) में कुछ ऐसे रत्नों के बारे में बताया गया है, जो कमजोर ग्रहों को बल देकर विवाह के योगों को बहुत मजबूत बना देते हैं। आइए जानते हैं उन 4 रत्नों के बारे में जो आपकी बंद किस्मत का ताला खोल सकते हैं और उन्हें धारण करने की सही विधि क्या है।
आखिर क्यों होती है शादी में देरी? जानिए ज्योतिषीय कारण
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हमारी कुंडली के कुछ विशेष ग्रह विवाह की उम्र और समय तय करते हैं। कुंडली में गुरु (बृहस्पति), शुक्र, मंगल, शनि और राहु-केतु की स्थिति कमजोर या अशुभ होने पर विवाह में लगातार देरी होती है। कन्याओं के विवाह के लिए ‘गुरु’ का मजबूत होना और पुरुषों के विवाह के लिए ‘शुक्र’ का अनुकूल होना अनिवार्य माना जाता है। वहीं ‘मंगल’ के कारण होने वाला मांगलिक दोष भी शादी में बड़ा रोड़ा बनता है।
1. पुखराज (Yellow Sapphire): कन्याओं के शीघ्र विवाह के लिए वरदान
देवगुरु बृहस्पति को विवाह, बुद्धि और सौभाग्य का कारक माना जाता है। यदि गुरु कमजोर हो तो मनमुताबिक जीवनसाथी मिलने में बहुत मुश्किलें आती हैं।
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किन्हें पहनना चाहिए: जिनकी कुंडली में गुरु कमजोर स्थिति में हो या विवाह के योग न बन रहे हों।
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पहनने की सही विधि: पुखराज को हमेशा गुरुवार (Thursday) के दिन धारण करना चाहिए। पहनने से पहले इसे गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध कर लें। इसके बाद गुरु ग्रह के बीज मंत्र का जाप करते हुए इसे दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली (Index Finger) में सोने की अंगूठी में पहनें।
2. ओपल और हीरा (Opal & Diamond): पुरुषों के विवाह और सुखद दांपत्य के लिए
रत्न ज्योतिष में हीरा और ओपल को ऐश्वर्य, सौंदर्य और प्रेम के देवता शुक्र ग्रह का प्रतिनिधित्व प्राप्त है। शुक्र की ऊर्जा बहुत तेजी से काम करती है।
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किन्हें पहनना चाहिए: जिन लोगों के विवाह में आकर्षण की कमी या शुक्र दोष के कारण बाधा आ रही हो, विशेषकर पुरुषों को इसे जरूर पहनना चाहिए।
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पहनने की सही विधि: ओपल या हीरे की अंगूठी को शुक्रवार (Friday) के दिन धारण किया जाता है। इसे शुद्धिकरण के बाद हाथ की अनामिका उंगली (Ring Finger) में पहनना सबसे उत्तम और असरदार माना जाता है।
3. मूंगा (Red Coral): मांगलिक दोष को तुरंत करता है शांत
यदि किसी जातक की कुंडली में ‘मांगलिक दोष’ (Manglik Dosh) हो, तो समाज और ज्योतिष में ऐसी शादी को लेकर काफी सतर्कता बरती जाती है। मंगल का उग्र स्वभाव विवाह में देरी या अनबन की वजह बनता है।
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किन्हें पहनना चाहिए: जो लोग मांगलिक दोष से पीड़ित हैं और जिनका मंगल कमजोर होकर रुकावटें पैदा कर रहा है।
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पहनने की सही विधि: मूंगा रत्न का संबंध मंगल देव से है। इसे मंगलवार (Tuesday) के दिन धारण करना चाहिए। इसे तांबे या सोने की अंगूठी में जड़वाकर, मंगल के मंत्रों का जाप करते हुए दाहिने हाथ की अनामिका उंगली (Ring Finger) में पहनें।
विशेष नोट: रत्नशास्त्र के अनुसार, कोई भी रत्न धारण करने से पहले अपनी व्यक्तिगत कुंडली का किसी योग्य ज्योतिषी या पंडित जी से विश्लेषण जरूर करवा लें। ग्रहों की स्थिति के अनुसार ही रत्नों का वजन (रत्ती) तय करना सही रहता है।
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