बॉलीवुड के ‘सीरियल किसर’ कहे जाने वाले अभिनेता इमरान हाशमी (Emraan Hashmi) का एक दौर ऐसा था, जब उनकी फिल्में भले ही बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर जाएं, लेकिन उनके गाने हर गली-मोहल्ले, ऑटो और एफएम पर राज करते थे। इमरान की फिल्मों के गानों को सुपरहिट कराने में संगीतकार अनु मलिक का बहुत बड़ा हाथ रहा है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि इमरान हाशमी का एक ऐसा ही सदाबहार और चार्टबस्टर गाना, जिसे आज भी लोग बड़े चाव से सुनते हैं, वह कोई ओरिजिनल कंपोजिशन नहीं था? जी हां, उस गाने की धुन और बोल को बड़ी ही सफाई से एक पाकिस्तानी ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म से उठाया गया था। आइए जानते हैं इस दिलचस्प और चौंकाने वाले सच के बारे में।
साल 2005 की फिल्म ‘जहर’ का वो मशहूर गाना
अगर आप 90 के दशक या 2000 के शुरुआती सालों के गानों के शौकीन हैं, तो आपने साल 2005 में आई फिल्म ‘जहर’ (Zeher) का वो बेहद भावुक और सुरीला गाना ‘अगर तुम मिल जाओ…’ जरूर सुना होगा। श्रेया घोषाल की मखमली आवाज में गाया गया यह गाना उस दौर का सबसे बड़ा हिट साबित हुआ था।
भले ही फिल्म ‘जहर’ बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई और महज 5 करोड़ के बजट में बनकर दुनिया भर में सिर्फ 11 करोड़ रुपये ही कमा सकी, लेकिन इस एक गाने ने फिल्म को अमर बना दिया। इमरान हाशमी और शमिता शेट्टी पर फिल्माए गए इस गाने को लेकर सालों तक लोग यही समझते रहे कि यह बॉलीवुड की अपनी मौलिक (Original) कृति है, लेकिन सच इसके बिल्कुल उलट है।
1974 की पाकिस्तानी फिल्म ‘ईमानदार’ से है असली कनेक्शन
आमतौर पर भारतीय दर्शकों को क्रेडिट लाइन्स में गीतकार सईद कादरी का नाम दिखता है, जिससे लोग मानते हैं कि इसे भारत में ही लिखा गया। लेकिन हकीकत यह है कि यह गाना साल 1974 में बनी एक पाकिस्तानी सुपरहिट फिल्म ‘ईमानदार’ का है।
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असली आवाज: इस ओरिजिनल गाने को पाकिस्तान की मशहूर गायिका तसव्वर खानम ने अपनी आवाज दी थी।
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ब्लैक एंड व्हाइट दौर: 1974 की यह फिल्म पूरी तरह से ब्लैक एंड व्हाइट फॉर्मेट पर बनी थी और इसका यह गाना उस समय पूरे पाकिस्तान में जबरदस्त हिट हुआ था।
रीक्रिएशन के उस्ताद अनु मलिक का ‘मास्टरस्ट्रोक’
साल 2005 में जब महेश भट्ट और मोहित सूरी फिल्म ‘जहर’ बना रहे थे, तब बॉलीवुड में गानों को रीक्रिएट करने के किंग कहे जाने वाले संगीतकार अनु मलिक ने इस पाकिस्तानी क्लासिक पर हाथ आजमाया।
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सफाई से किया रीक्रिएट: अनु मलिक ने तसव्वर खानम के गाए उसी गाने की धुन और बोल को मामूली बदलावों के साथ साल 2005 में श्रेया घोषाल से गवाया।
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कौन सा वर्जन बेहतर?: आज की पीढ़ी भले ही श्रेया घोषाल वाले वर्जन को ही ओरिजिनल और बेहतरीन मानती है, लेकिन संगीत के जानकारों का कहना है कि अगर 1974 में तसव्वर खानम ने यह गाना न गाया होता, तो शायद अनु मलिक को इतना बड़ा हिट कभी मिल ही नहीं पाता।
‘आवारापन-2’ से इमरान हाशमी के कमबैक का इंतजार
बात अगर इमरान हाशमी के मौजूदा दौर की करें, तो वह एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपना पुराना जादू बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हाल ही में उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म के सीक्वल ‘आवारापन-2’ (Awarapan 2) का धांसू टीजर रिलीज किया गया है।
टीजर में इमरान हाशमी एक बार फिर अपने पुराने और दमदार ‘शिवम पंडित’ वाले गैंगस्टर लुक में नजर आ रहे हैं। इस टीजर के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट है। खास बात यह है कि ‘आवारापन’ के आइकॉनिक टाइटल ट्रैक की धुन को इस टीजर के बैकग्राउंड में भी इस्तेमाल किया गया है। अब देखना यह होगा कि क्या इस नई फिल्म से भी दर्शकों को ‘अगर तुम मिल जाओ’ जैसे कल्ट और सुपरहिट गाने दोबारा सुनने को मिलेंगे या नहीं।
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