Hacklink panel

Hacklink Panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Backlink paketleri

Hacklink Panel

Hacklink

Hacklink

Hacklink

Hacklink

Hacklink

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink Panel

Hacklink panel

Hacklink giriş

Hacklink panel

Hacklink Panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink Panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink Panel

Hacklink Panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink satın al

Hacklink satın al

Hacklink Panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink Panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink Panel

Illuminati

Hacklink

Hacklink Panel

Hacklink

Hacklink panel

Hacklink Panel

Hacklink

Hacklink Panel

Hacklink Panel

Masal Oku

Hacklink

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink Panel

Hacklink

Hacklink

Hacklink

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink

Hacklink

Buy Hacklink

Hacklink

Hacklink

Hacklink satın al

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Hacklink panel

Masal Oku

Masal oku

Hacklink panel

Hacklink satın al

Hacklink Panel

Alpha Fuel Pro

boostaro review

Brain Savior Review

NervEase

Nitric Boost

Nitric Boost Ultra

Yu sleep review

trimology review

alpha fuel pro

trimology review

Eros Maç Tv

jojobet

anadoluslot

jojobet güncel giriş

pulibet

jojobet güncel giriş

meritking

jojobet

Primebahis

Primebahis Giriş

dedektör

หวยออนไลน์

स्पीकर का सख्त संदेश: अफसर विधायकों का फोन जरूर उठाएं, शिवपाल का वार- मंत्री झूठ बोलते हैं, महाना बोले- थोड़ा एडजस्ट कर लीजिए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मंगलवार को सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सदन में विधायकों की शिकायतों को लेकर माहौल उस समय गरमा गया जब अफसरों द्वारा जनप्रतिनिधियों के फोन न उठाने का मुद्दा उठा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन कॉल को प्राथमिकता से रिसीव करें।
विधायकों की अनदेखी पर सदन में नाराजगी
सदन में चर्चा के दौरान कई विधायकों ने आरोप लगाया कि अधिकारी न तो फोन उठाते हैं और न ही जनसमस्याओं पर समय से कार्रवाई करते हैं। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री सदन में गलत जानकारी दे रहे हैं और जमीनी हकीकत कुछ और है। उन्होंने कहा कि जब अधिकारी फोन ही नहीं उठाएंगे तो जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा।
शिवपाल का सीधा आरोप- मंत्री गुमराह कर रहे हैं
शिवपाल ने कहा कि कई बार सदन में सवाल पूछे जाते हैं, लेकिन मंत्री जवाब में वास्तविक स्थिति नहीं बताते। उन्होंने दावा किया कि अफसरशाही बेलगाम हो गई है और जनप्रतिनिधियों को सम्मान नहीं मिल रहा। उनके इस बयान के बाद सदन में कुछ देर के लिए शोर-शराबा भी हुआ।
स्पीकर का हस्तक्षेप, दिए स्पष्ट निर्देश
मामले को बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता द्वारा चुने जाते हैं, इसलिए अधिकारियों को उनका फोन उठाना चाहिए और समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर करना चाहिए। स्पीकर ने यह भी कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा लापरवाही बरती जाती है तो इसकी जानकारी सदन को दी जाए।
‘थोड़ा एडजस्ट कर लीजिए’ वाली टिप्पणी पर चर्चा
इसी दौरान अध्यक्ष ने हल्के अंदाज में कहा कि कभी-कभी परिस्थितियों के अनुसार थोड़ा एडजस्ट भी करना पड़ता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जनप्रतिनिधियों की अनदेखी हो। उनकी इस टिप्पणी पर सदन में हल्की मुस्कान भी देखने को मिली, हालांकि विपक्ष ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए ठोस कार्रवाई की मांग दोहराई।
जनता से जुड़े मुद्दों पर सियासत तेज
उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि जनप्रतिनिधियों और अफसरों के बीच तालमेल को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। सदन में उठी इस आवाज के बाद अब निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिक गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्रशासनिक स्तर पर कुछ सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

Check Also

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: SIT ने अभी नहीं सौंपी है रिपोर्ट, मीडिया में चल रही खबरों को यूपी सरकार ने बताया ‘भ्रामक और तथ्यहीन’

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान की रकम में कथित हेराफेरी के मामले …