चीन के उत्तरी प्रांत शानशी (Shanxi) में शुक्रवार शाम एक भीषण हादसा हुआ, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। चांगझी शहर स्थित ‘लिउशेन्यु’ कोयला खदान में हुए एक जोरदार गैस धमाके के बाद वहां कोहराम मच गया। सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे में अब तक 82 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हादसे के वक्त खदान की गहराई में 247 मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे थे, जिससे हताहतों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
खदान के भीतर चीख-पुकार और बचाव अभियान
हादसा शुक्रवार शाम उस वक्त हुआ जब खदान में काम की पाली चल रही थी। गैस विस्फोट इतना तीव्र था कि संभलने का मौका ही नहीं मिला। शुरुआती खबरों में जहां 8 लोगों की मौत और 38 के फंसे होने की बात कही गई थी, वहीं ताजा आंकड़ों ने स्थिति की भयावहता को साफ कर दिया है। राहत और बचाव दल युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं, लेकिन खदान की गहरी और अंधेरी गुफाओं में फंसे अन्य मजदूरों तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमें मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने की कोशिश कर रही हैं।
शानशी: चीन का ‘कोयला केंद्र’ और सुरक्षा पर सवाल
शानशी प्रांत चीन का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक क्षेत्र माना जाता है। आंकड़ों की मानें तो चीन के कुल कोयला उत्पादन का लगभग एक तिहाई हिस्सा यहीं से आता है। करीब 3.4 करोड़ की आबादी वाले इस प्रांत में 1.3 अरब टन से अधिक कोयले का उत्खनन हर साल होता है। ऐसे में खदानों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर हमेशा से बड़े सवाल उठते रहे हैं। अंधेरी और संकरी सुरंगों में काम करने वाले इन मजदूरों के लिए खतरनाक जहरीली गैसों का रिसाव किसी काल से कम नहीं है।
खदानों में मौत का बढ़ता खतरा
कोयला खदानों में जहरीली गैसों का रिसाव एक ऐसी समस्या है जो दुनिया भर में मजदूरों की जान ले रही है। हाल ही में भारत के बंगाल स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की परासिया कोलियरी में भी ऐसा ही एक विस्फोट हुआ था, जिसमें एक मजदूर की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। इन घटनाओं ने बार-बार यह साबित किया है कि सुरक्षा मानकों के बावजूद खनन क्षेत्र आज भी सबसे अधिक जोखिम भरी जगहों में से एक है।
जांच के आदेश और खौफ का माहौल
विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या सुरक्षा मानकों में कोई कोताही बरती गई थी या यह महज एक आकस्मिक गैस रिसाव था। घटनास्थल पर मातम पसरा हुआ है और अपने परिजनों को खोने या उनके फंसे होने की खबर से परिवारों का बुरा हाल है। प्रशासन की प्राथमिकता अभी ज्यादा से ज्यादा लोगों को जीवित बाहर निकालने की है।
The News 11 – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया